भिवानी हरियाणा : भिवानी में हुए भूस्खलन में चार लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर, कई के दबे होने की आशंका

हरियाणा : भिवानी में हुए भूस्खलन में चार लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर, कई के दबे होने की आशंका

हरियाणा : भिवानी में हुए भूस्खलन में चार लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर, कई के दबे होने की आशंका

भिवानी (हरियाणा): हरियाणा में भिवानी जिले के डाडम में खनन के दौरान पहाड़ का बड़ा हिस्सा ढहने से चार लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें हिसार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारी ने यह जानकारी दी. हरियाणा के खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि पहाड़ दरका है या विस्फोट के कारण यह दुर्घटना हुई है इसकी जांच गाजियाबाद माइनिंग सेफ्टी डिपार्टमेंट (खनन सुरक्षा विभाग) करेगा और इसमें जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ और भी लोगों के मलबे में दबे होने की आंशका है. मलबे में चार खनन मशीन समेत कई अन्य वाहन भी दब गए हैं.अधिकारी ने बताया कि तोशाम पुलिस थाने के अंतर्गत डाडम गांव में सुबह करीब आठ बजे खनन कार्य के दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक से ढह गया, जिसकी वजह से वहां खड़ी करीब आधा दर्जन पोपलैंड मशीनें व डंफर दब गए. उन्होंने बताया कि प्रशासन मलबे से लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य कर रहा है.

हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि मलबे में कितने लोग दबे हो सकते हैं. राज्य के गृहमंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर हादसे में चार लोगों के मरने की पुष्टि की है. इससे पहले तहसीलदार रविंद्र कुमार ने बताया था, मलबे से तीन शव निकाले जा चुके हैं, मृतक छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मजूदर हैं.पुलिस प्रशासन ने पहाड़ दरकने वाले स्थान पर लोगों के जाने पर पाबंदी लगा दी है.

घटना की सूचना मिलने के बाद कृषि मंत्री जे. पी. दलाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के आदेश दिए. हादसे पर दुख जताते हुए दलाल ने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी मलबे में दबा ना रहे, बचाव कार्य के लिए किसी भी प्रकार के उपकरण/मशीनरी की आवश्यकता हो तो उसे तत्काल मंगवाया जाए.

उन्होंने कहा कि घायलों को हर संभव चिकित्सा मुहैया कराई जाए. हर वक्त एम्बुलेंस तैयार रखें और मौके पर डॉक्टरों की टीम की मौजूदगी सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि चिकित्सा के अभाव में किसी घायल की मौत नहीं होनी चाहिए.भिवानी से लोकसभा सदस्य धर्मबीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए हैं. उपायुक्त आरएस ढिल्लो और पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत सीटीएम हरबीर सिंह भी मौके पर मौजूद हैं.

प्रत्यक्षदर्शी व पिंजोखरा गांव निवासी चालक सतपाल ने बताया कि संभलने का मौका ही नहीं मिला, अचानक घटना हुई और चारो तरफ धूल का गुब्बार उठा जिससे कुछ नजर नहीं आ रहा था. उन्होंने बताया कि धमाके के साथ गिरे पत्थर से उसका डंपर भी करीब 20 फीट आगे खिसक गया. सतपाल ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि वह जिंदा हैं.

घटनास्थल पर मौजूद खानक निवासी जसवंत ने बताया कि खनन स्थल पर शनिवार सुबह चार पोपलैंड मशीनें और चार डंपर मौजूद थे, मैं भी वहीं अपने डंपर में था. करीब साढ़े नौ बजे अचानक धूल का गुब्बार उठा और जोरदार धमाके के साथ पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर आकर गिरने लगे, यह करीब दो मिनट चला. लगा जैसे कि अब कुछ नहीं बचेगा.

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस घटना को लेकर जिला प्रशासन के निरंतर संपर्क में है. उन्होंने ट्वीट किया, भिवानी के डाडम खनन क्षेत्र में भूस्खलन की घटना से दुखी हूं. मैं लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं, ताकि तेजी से बचाव अभियान सुनिश्चित किया जा सके और घायलों की तत्काल सहायता की जा सके.हरियाणा के खनन और भूगर्भ विभाग ने हादसे की सूचना गाजियाबाद में खनन और सुरक्षा विभाग को दे दी है.

भिवानी के खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के मद्देनजर क्रशर बंद थे और इस कारण खनन भी बंद था. क्रशर चलाने की अनुमति शुक्रवार से मिली है, जिसके बाद खनन शुरू हुआ.उन्होंने बताया कि गवर्धन माइन को 2018 में 10 साल के लिए खनन का लाइसेंस मिला. उल्लेखनीय है कि तोशाम क्षेत्र के डाडम में पत्थर का खनन होता है और करीब दो महीने की रोक के बाद एनजीटी से दोबारा खनन मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को खनन का कार्य शुरू हुआ था. (भाषा)

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