चंडीगढ़ हरियाणा सूचना आयोग का बड़ा फैसला, आरटीआई आवेदन दायर करने के लिए कोई विशेष प्रारूप की जरूरत नहीं है 

हरियाणा सूचना आयोग का बड़ा फैसला, आरटीआई आवेदन दायर करने के लिए कोई विशेष प्रारूप की जरूरत नहीं है 

हरियाणा सूचना आयोग का बड़ा फैसला, आरटीआई आवेदन दायर करने के लिए कोई विशेष प्रारूप की जरूरत नहीं है 

चंडीगढ़: हरियाणा के राज्य सूचना आयोग (एसआईसी) ने कहा है कि राज्य में कोई भी प्राधिकरण किसी आवेदक को किसी विशेष प्रारूप में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन दाखिल करने और सूचना मांगने के कारण का खुलासा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है. आयोग ने कहा कि आरटीआई अधिनियम, 2005 केंद्रीय कानून है और इसकी धारा 6 (2) आवेदक को अपनी पहचान छुपाने और बिना कोई कारण बताए जानकारी मांगने की अनुमति देती है.

आयोग ने कहा कि कोई भी प्राधिकरण किसी आरटीआई आवेदक को किसी विशेष प्रारूप में आरटीआई आवेदन दाखिल करने और सूचना मांगने के लिए कारण का खुलासा करने और अपनी पहचान बताने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है. आरटीआई आवेदक को केवल उतनी ही जानकारी साझा करनी होगी, जो उसके पते पर अपेक्षित जानकारी की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त हो. आयोग ने कानून के प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि सूचना के लिए आग्रह करने वाले आवेदक के लिए जरूरी नहीं है कि वह सूचना मांगने का कोई कारण बताए या कोई अन्य व्यक्तिगत विवरण दे, उसे सिर्फ वह जानकारी देनी है जो उससे संपर्क करने के लिए जरूरी हो.

आयोग ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 2021 में अधिसूचित नियमों में आज तक कहीं भी यह अनिवार्य नहीं किया है कि आरटीआई के तहत जानकारी के लिए ‘व्यक्ति को फॉर्म 'ए' प्रोफार्मा का उपयोग करना होगा और अपना पहचान पत्र जमा करना होगा और अन्य विवरण देना होगा जैसा और फॉर्म ए में उल्लिखित है. आयोग ने शिकायतकर्ता की शिकायत को अपील में बदलने के आग्रह को स्वीकार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से आरटीआई आवेदक की इच्छा पर है कि वह फॉर्म ए का उपयोग करता है या नहीं और पहचान पत्र देता है या नहीं.

जगाधरी के एक वकील ने मई में एसआईसी के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया था कि एक जन सूचना अधिकारी ने दो अलग-अलग आधारों पर सूचना देने से इनकार कर दिया कि अपीलकर्ता को मॉडल फॉर्म "ए" में नए सिरे से जानकारी मांगनी होगी और अपना आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, या सरकार द्वारा जारी कोई पहचान पत्र जमा कराना होगा, जैसा हरियाणा सूचना का अधिकार (संशोधन) नियम, 2021 में दिए गए मॉडल फॉर्म "ए" में बताया गया है. (भाषा) 

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