नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी हैवान बर्खास्त जीआरपी जवान को उम्रकैद

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/20 02:38

दौसा। विशेष पोक्सो अदालत ने एक नाबालिग को दुष्कर्म का दोषी करार देते एक कानून के रक्षा की कसम खाने वाले बर्खास्त जीआरपी जवान को दोषी करार देते प्राकृतिक जीवन तक कारावास की सजा से दण्डित किया हैं। बांदीकुई में 30 अप्रैल 2014 को परिजनों ने नाबालिक के अपहरण होने का मामला दर्ज करवाया था। 

अपहरण कर्ता तथाकथित व्यक्ति नाबालिग को अलवर रेल्वे स्टेशन पर ले कर गया था। वहां दो जीआरपी जवान मनोहर लाल मीना व एक अन्य सुनिल राजपूत ने युवक को खदेड़ दिया व नाबालिग को अपने साथ रख कर उस से दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने अंनुशंधान के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जहां एक आरोपी सुनिल राजपूत ने जेल में ही आत्महत्या करली थी। जबकि दूसरे बर्खास्त जीआरपी जवान मनोहर मीना के खिलाफ पोक्सों कोर्ट में मामला विचाराधीन रहा। 

प्रकरण में प्राप्त साक्ष्य व 21 गवाहों के आधार पर आज विशेष पोक्सों अदालत ने आरोपी जीआरपी जवान को दोषी मानते हुए प्राकृतिक जीवन तक कारावास भुगतने की सजा से दण्डित किया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि विशेष न्यायाधीश आरती भारद्वाज ने आरोपी पर एक लाख का अर्थदण्ड भी लगाया जो पीड़िता को देय होगा।

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