VIDEO: हेड कांस्टेबल रतन लाल को मिला शहीद का दर्जा, परिवार को मिलेगी सभी आर्थिक सहायता

VIDEO: हेड कांस्टेबल रतन लाल को मिला शहीद का दर्जा, परिवार को मिलेगी सभी आर्थिक सहायता

सीकर: दिल्ली हिंसा में मारे गए हेड कांस्टेबल रतन लाल को शहीद का दर्जा मिल गया है. सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने धरना स्थल पर पहुंच कर इसका ऐलान किया है. इसके साथ ही परिजनों को 1 करोड़ का मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी. वहीं शहीद परिवार को मिलने वाली सभी आर्थिक सहायता भी देने का ऐलान किया है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री से हुई वार्ता के बाद वॉट्सएप पर इसका पत्र आया है. 

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सतीश पूनिया ने फोन पर की थी मांग:
इससे पहले हेड कांस्टेबल रतन लाल की पार्थिव देह को सड़क पर गाड़ी में रखकर ग्रामीण और उनके परिजन प्रदर्शन कर रहे थे. इनका कहना है कि सरकार जब तक रतन लाल को शहीद का दर्जा नहीं दे देती तबतक अंतिम संस्कार नहीं किया जायेगा. इसी बीच भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी से फोन पर बात कर रतनलाल को शहीद का दर्जा देने की मांग रखी. इस पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रेड्डी ने इस पर अपनी सहमति दे दी है. इस पर अब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की तरफ से वॉट्सएप पर इसका पत्र भी आया है. ऐसे में अब जल्द ही रतनलाल का अंतिम संस्कार किया जायेगा. 

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रतन लाल की मौत पत्थर लगने से नहीं बल्कि गोली लगने से हुई:
वहीं हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की मौत पत्थर लगने से नहीं बल्कि गोली लगने से हुई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रतनलाल एसीपी गोकुलपुरी दफ्तर पर तैनात थे. यहां नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे और कानून के समर्थकों के बीच झड़प हुई. हिंसक लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर लोगों ने ईंट-पत्थर बरसाए. इस हमले में हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल पूरी तरह जख्मी हुए और उनकी मौत हो गई. घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हवलदार रतनलाल भीड़ के बीच फंस गए. बुरी तरह से घायल कॉन्स्टेबल रतन लाल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.


 

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