Live News »

मध्यप्रदेश मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई , नौ विधायकों की याचिका पर हो रही है सुनवाई

मध्यप्रदेश मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई , नौ विधायकों की याचिका पर हो रही है सुनवाई

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. जहां पर मामले की सुनवाई दो बजे तक के लिए टाल दी गई है. ब्रेक पर जाने से पहले सुनवाई कर रही बेंच में शामिल जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने से पहले स्पीकर का संतुष्ट होना ज़रूरी है. वहीं भाजपा नेताओं की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल राज्य के संवैधानिक मुखिया हैं. उनकी जिम्मेदारी है देखना कि सब कुछ संविधान के अनुसार चले.

कोरोना वायरस के चलते हाईकोर्ट ने नगर निगम चुनाव को 6 सप्ताह के लिए किया स्थगित, चुनाव आयोग को दिए निर्देश

16 विधायकों को अवैध हिरासत में रखा गया:

आपको बता दें कि यह सुनवाई पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नौ विधायकों की याचिका पर हो रही है. सुनवाई के दौरान कमलनाथ सरकार की ओर से पेश होने वाले वकील दुष्यंत दवे ने कहा है कि 16 विधायकों को अवैध हिरासत में रखा गया है. इसके बाद बागी विधायकों के वकील मनिंदर सिंह ने इसे गलत बताया और कहा कि कोई विधायक हिरासत में नहीं है. इसपर वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि चुने हुए विधायकों को क्षेत्र की सेवा करनी होती है. वह अचानक नहीं कह सकते कि हम इस्तीफा दे रहे हैं. दवे ने मांग की कि विधायकों को रिहा किया जाए और मध्य प्रदेश भेजा जाए.

VIDEO: अजमेर में बजरी से भरे डंपर व कार में भीषण भिड़ंत, कार सवार 5 लोगों की मौत

विधायकों के अगवा हो जाने की दी जानकारी:
दवे ने राज्यपाल लालजी टंडन पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को विधायकों के अगवा हो जाने की जानकारी दी,  लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया. दवे ने कहा कि भाजपा ने जो चिट्ठी विधायकों के नाम से सौंपी है, उसकी जांच होनी चाहिए. बेंगलुरू जाने वाले हमारे नेताओं को विधायकों से मिलने नहीं दिया जाता. राजनीतिक लड़ाई को बाहर ही लड़ने दिया जाए. कोर्ट भाजपा की याचिका पर विचार न करे. अगर 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया है तो पहले उनकी सीट पर चुनाव हो और फिर फ्लोर टेस्ट करवाया जाए.

और पढ़ें

Most Related Stories

Open Covid-19