मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों से सदन के गलियारों में गर्माई राजनीति

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/12 04:50

जयपुर: दो दिन पहले बजट के ठीक बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था चुनावों के वक्त जनभावनाएं यहीं थी कि अशोक गहलोत ही प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहिये. गहलोत के इन बयानों ने विपक्ष के साथ ही सत्तापक्ष के बीच हलचल मचाने का काम किया. आज राजनीतिक हलकों में सियासत गर्माने का काम किया बीएसपी के विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने, गुढ़ा ने कहा कि प्रदेश में 36 कौम की आवाज एक ही थी वो है अशोक गहलोत. गुढा यहीं नहीं रुके बल्कि ये भी कहा कि धौलपुर से लेकर बाड़मेर तक वाल्मिकि से लेकर ब्राह्मण वर्ग तक एक ही आवाज थी अशोक गहलोत, वो राजस्थान की माटी के है उनका नहीं है कोई विकल्प. बीएसपी के विधायकों के बयानों के बाद कांग्रेसी कहां पीछे रहने वाले थे जलदाय मंत्री बीडी कल्ला हो या फिर सरदारशहर विधायक भंवर लाल शर्मा. उधर, बीजेपी के विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि कर्नाटक के बाद राजस्थान का नम्बर है. 

राजस्थान की राजनीति का चढ़ा पारा: 
राजनीति में यह कहा जाता है कि अशोक गहलोत को कब,कहां और क्या बोलना चाहिये ये भली भांति पता रहता है. जनता चाहती थी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही बने, ये बात पहले उनके समर्थक तो कहते ही थे लेकिन गहलोत खुद नहीं. लेकिन बजट पेश करने के ठीक बाद जब उन्होंने अपने समर्थकों की भावनाएं खुद के मुख से कही तो राजस्थान की राजनीति का पारा चढ़ गया. हाथी के सिम्बल पर जीते और पहले भी गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके उदयपुरवाटी से बीएसपी के विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने अशोक गहलोत ही राजस्थान की जनता की आवाज है, पूरी जनता विधानसभा चुनावों के वक्त यहीं चाहती थी गहलोत ही मुख्यमंत्री बने. मुख्यमंत्री ने बिलकुल सही कहा है. 

मंत्री और विधायकों में मची होड़: 
राजेन्द्र सिंह गुढ़ा की दलीलों का समर्थन करने के लिये विधानसभा के गलियारों में होड़ सी मच गई. मंत्री और विधायक आगे आकर समर्थन जताने लगे. जलदाय-ऊर्जा मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने राजेन्द्र सिंह गुढा की बात का समर्थन किया. पूर्व मंत्री और सरदारशहर से कांग्रेस के विधायक भंवर लाल शर्मा ने भी गुढ़ा को बातों को सही ठहराया. निर्दलीय विधायक भी पीछे नहीं रहे. गंगापुर सिटी के विधायक रामकेश मीना ने गुढ़ा की बात का पुरजोर समर्थन कर दिया.

कांग्रेस के अंदर एक खेमे में बैचेनी: 
गहलोत के बयानों के सामने आने के बाद से कांग्रेस के अंदर एक खेमे के बीच बैचेनी नजर आई थी. हालांकि खुलकर कोई सामने नहीं आया. गहलोत के समर्थन में बीएसपी और निर्दलीय विधायकों ने सामने आकर कांग्रेस के अंदरुनी असंतोष को लगभग समाप्त ही कर दिया. बीजेपी ने जरुर रार पर राजनीति करने की सोची. कालीचरण सराफ ,वासुदेव देवनानी और अशोक लाहोटी सरीखे विधायकों ने कांग्रेस की अंदरुनी राजनीति पर हल्ला बोला. 

राजस्थान का पानी बहुत गहरा: 
विधानसभा के गलियारों में सियासत की अलग भाषा देखने को मिलती है. जैसे ही कर्नाटक की तर्ज पर राजस्थान में सियासत के दावे बीजेपी विधायकों ने किये वैसे ही अलग अलग दलों और अपने दम पर कई बार विधायक रह चुके पंडित भंवर लाल शर्मा ने कह दिया राजस्थान का पानी बहुत गहरा है, कर्नाटक में बहती नदी का पानी है.

मुख्यमंत्री गहलोत के बयानों की लगातार चर्चा: 
प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत में आने वाले विधायकों के बीच मुख्यमंत्री गहलोत के बयानों की चर्चा लगातार है. अब बयान भी सामने आने लग गये है . जो विधायक विधानसभा के अंदर सियासत के इन पहलुओं को नहीं बता सकते है वो मीडिया के सामने बेबाकी के साथ ज्वलंत सियासी सवालों पर अपने विचार रखते है. ये ही बयान पर आगे चलकर सियासी ज्वार पैदा करने में भूमिका निभाते है. 

...विधानसभा से रितुराज शर्मा,नरेश शर्मा,ऐश्वर्य प्रधान के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट


 

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