कोच्चि Kerala Heavy Rain: केरल में भारी बारिश का कहर, राज्य में इस महीने सामान्य से अधिक बारिश

Kerala Heavy Rain: केरल में भारी बारिश का कहर, राज्य में इस महीने सामान्य से अधिक बारिश

Kerala Heavy Rain: केरल में भारी बारिश का कहर, राज्य में इस महीने सामान्य से अधिक बारिश

कोच्चि: केरल के कुछ हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश जारी रही जिससे तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और कोट्टायम जिले प्रभावित हुए हैं. वर्षाजनित हादसों में तीन व्यक्तियों की मौत हो गई और संपत्ति को व्यापक नुकसान हुआ. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के एर्णाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए सोमवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोल्लम, कोट्टायम, तिरुवनंतपुरम, इडुक्की और त्रिशूर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

एसडीएमए ने कहा कि राज्य भर में बारिश से संबंधित घटनाओं में, एक मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि 28 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. एसडीएमए ने कहा कि पिछले 24 घंटे में दो बच्चों सहित तीन लोगों की जान चली गई. कल, कन्नूर और त्रिशूर जिलों में दो अलग-अलग घटनाओं में दो बच्चों की मौत हो गई. एर्णाकुलम जिले में भूस्खलन की घटना में एक चालक की मौत हो गई. मौसम विभाग के अनुसार, केरल में 1 से 15 अक्टूबर की अवधि के दौरान 833.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत वर्षा 407.2 मिमी थी. इस अवधि के दौरान पत्तनमथिट्टा जिले में 194 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश हुई, इसके बाद कन्नूर, कासरगोड, कोझिकोड जिलों में 127, 116 और 111 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. रविवार को कोल्लम जिले के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हुई और पुनालुर स्थित मौसम केंद्र ने पिछले 24 घंटे में 11.7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की. इसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में प्रमुख नदियों और नालों में पानी भर गया. इससे पत्तनमथिट्टा और कोल्लम जिले के क्षेत्र प्रभावित हुए.

राज्य में कई विश्वविद्यालयों ने लगातार बारिश के कारण सोमवार और मंगलवार को होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है, जबकि सात दक्षिण मध्य जिलों के कलेक्टरों ने सोमवार को पेशेवर कॉलेजों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है. आईएमडी ने कहा कि पूर्व मध्य और कर्नाटक से सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर, उत्तरी केरल के तटों पर मध्य क्षोभमंडल स्तर तक फैला चक्रवाती परिसंचरण जारी है. अधिकारियों ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की चेतावनी भी दी क्योंकि केरल तट पर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवा चलने की संभावना है. सोर्स- भाषा

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