नई दिल्ली पश्चिम, दक्षिण भारत में भारी बारिश ने मचाई तबाही; मौसम विभाग का और बारिश होने का पूर्वानुमान, अब तक 129 लोगों की मौत

पश्चिम, दक्षिण भारत में भारी बारिश ने मचाई तबाही; मौसम विभाग का और बारिश होने का पूर्वानुमान, अब तक 129 लोगों की मौत

पश्चिम, दक्षिण भारत में भारी बारिश ने मचाई तबाही; मौसम विभाग का और बारिश होने का पूर्वानुमान, अब तक 129 लोगों की मौत

नई दिल्ली: पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश ने काफी तबाही मचाई है. महाराष्ट्र में पिछले 48 घंटों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल 129 लोगों की मौत हो गई. महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि तटीय रायगढ़ जिले में महाड तहसील के तलाई गांव में बृहस्पतिवार को भूस्खलन होने के कारण 38 लोगों की मौत होने के साथ ही महाराष्ट्र में पिछले 48 घंटे के दौरान वर्षाजनित घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 129 हो गई है. भूस्खलन के अलावा बाढ़ के पानी में बह जाने के कारण भी कई लोगों की मौत हो गई.

अधिकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के सतारा जिले में वर्षाजनित घटनाओं के कारण 27 लोगों की मौत हो गयी. इसके अलावा गोंदिया और चंद्रपुर जिले में भी कुछ लोगों के मरने की सूचना मिली है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रायगढ़ जिले में भूस्खलन वाली जगह से अब तक 36 शव बरामद किए गए हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं.

सतारा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार बंसल ने कहा कि बृहस्पतिवार रात सतारा की पाटन तहसील के अंबेघर और मीरगांव गांवों में भी भूस्खलन हुआ, जिसमें कुल आठ मकान जमींदोज हो गए. स्थानीय लोगों के मुताबिक इन हादसों में किसी व्यक्ति की मौत की कोई पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. इसके अलावा तटीय रत्नागिरी जिले में हुए भूस्खलन में 10 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय मदद दिए जाने की शुक्रवार को घोषणा की.

मुख्यमंत्री कार्यालय से यहां जारी एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वित्तीय मदद की घोषणा के साथ ही लोगों की मौत पर दुख भी व्यक्त किया है.बयान में कहा गया कि अस्पतालों में घायलों के उपचार का खर्च सरकार वहन करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायगढ़ में भूस्खलन होने के कारण हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में भारी बारिश से उत्पन्न हुई स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन में हुए जान के नुकसान से दुखी हूं. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. भारी बारिश से महाराष्ट्र में पैदा हुई स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है.

इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रायगढ़ में भूस्खलन से अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. घायलों को 50,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी. इससे पहले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी इस घटना पर शोक जताया.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण हुई जान माल की क्षति का समाचार पा कर व्यथित हूं. शोक संतप्त प्रभावित परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं. राज्य में लोगों को बारिश से कोई राहत मिलती नहीं नजर आ रही है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने छह जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जो पहले से बारिश से सराबोर हैं. आईएमडी ने अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है और एहतियाती उपायों की सिफारिश की है.

अगले 24 घंटों के लिये तटीय कोंकण इलाके में रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के साथ ही पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, सतारा और कोल्हापुर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके इलावा, कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में बीते 24 घंटे में भारी बारिश के कारण तीन लोगों की मौत हो गई, आठ स्थानों पर भूस्खलन हुआ और करीब नौ हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया. सरकार ने सात जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. वहीं भारतीय रेलवे ने सोनालियम-कुलेम और दूधसागर-कारानजोल के बीच भूस्खलन के कारण कुछ ट्रेन रद्द कर दीं. गोवा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन को बेलगावी जिले में एक स्टेशन पर रोक दिया गया और यात्रियों को भोजन दिया गया.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने शुक्रवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ बाढ़ संबंधी हालात का जायजा लिया और सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों और विधायकों को अपने क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों के अवकाश रद्द करने का भी आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिन किसानों को नुकसान पहुंचा है सरकार उनकी सहायता करेगी और राहत एवं बचाव कार्यों में भी सभी आवश्यक मदद देगी.

कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आयुक्त डॉ. मनोज राजन ने बताया कि बीते कुछ दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण बेलगावी, चिकमंगलुरु, धारवाड़, हावेरी, शिवमोगा और उत्तर कन्नड़ में बाढ़ के हालात बने हुए हैं. उन्होंने बताया कि कृष्णा, कावेरी, तुंगभद्रा, भीमा, कपिला नदियां तथा मालनाड़ एवं तटीय कर्नाटक में कई अन्य नदियां ऊफान पर हैं. गोवा में भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद आई बाढ़ से संबंधित घटना में एक महिला की मौत हो गई और करीब 1,000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. सैंकड़ों लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला गया है. यह बाढ़ राज्य में पिछले 40 साल में आई प्रलयकारी बाढ़ में एक है.

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने यहां संवाददाताओं को बताया कि बाढ़ से सत्तारी और बिचोलिम, पोंडा, धारबंदोरा, बारडेज और पेरनम तालुका बुरी तरह से प्रभावित हैं जबकि अन्य इलाकों में भी इससे क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के दल राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं और उन्होंने विभिन्न इलाकों में बाढ़ में फंसे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. इस बीच, मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाते हुए दो ‘रेड अलर्ट’ जारी किए.

आईएमडी भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही कस्बे में पिछले 24 घंटे में सुबह साढ़े आठ बजे तक सर्वाधिक 275 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के 16 जिलों में इस दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हुई है. तेलंगाना में पिछले दो दिन से हो रही बारिश के चलते शुक्रवार को कई निचले इलाके जलमग्न हो गए और सड़क संपर्क प्रभावित रहा. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि निर्मल तथा अन्य जिलों में राहत अभियान शुरू किया गया है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने निजामाबाद जिले के एक आश्रम में फंसे सात लोगों के समूह को बचाया.

उत्तर भारत में, दिल्ली में आज उमस भरा दिन रहा और पंजाब और हरियाणा में दिन का तापमान सामान्य सीमा के करीब रहा, जबकि उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ीं. दिल्लीवासियों की शुक्रवार की सुबह की शुरुआत नम मौसम के साथ हुई और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री डिग्री सेल्सियस कम 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सापेक्षिक आर्द्रता का स्तर 94 और 64 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया.

उत्तर प्रदेश में मॉनसून के सक्रिय रहने के कारण पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई और कुछ स्थानों पर छींटे पड़े.
मौसम विभाग के बुलेटिन में शुक्रवार को बताया गया कि राज्य में अलग-अलग स्थानों पर बिजली की चमक और गरज के साथ छींटे पड़े. इसमें कहा गया है कि झांसी, मैनपुरी, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, बहराइच, कन्नौज, एटा, ललितपुर, जौनपुर, खीरी, अंबेडकर नगर, सीतापुर, हमीरपुर, अलीगढ़, पीलीभीत और जालौन से बारिश की सूचना है.बुलेटिन में बताया गया कि राज्य में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस खीरी में और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस इटावा में दर्ज किया गया. हरियाणा और पंजाब के ज्यादातर क्षेत्रों में शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा के अंबाला में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हिसार में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

रोहतक में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस, भिवानी में 34.7 डिग्री सेल्सियस, करनाल में 33.8 डिग्री सेल्सियस और गुड़गांव में 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हरियाणा और पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस रहा. पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और फरीदकोट में अधिकतम तापमान क्रमश: 34.8, 33.5, 34.7 और 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.पश्चिमी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने के बीच मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर अगले दो दिनों में अत्यधिक भारी बारिश आने की संभावना है.

उसने बताया कि गुजरात में 23 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है लेकिन इसकी तीव्रता 24 जुलाई से बढ़ेगी. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि पश्चिम तट पर अगले दो-तीन दिनों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ ही कुछ स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है. हालांकि इसके बाद बारिश में कमी आएगी. इसने कहा कि कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट वाले इलाकों में 23-24 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है और इसके बाद बारिश में कमी आएगी तथा कर्नाटक के तटीय और दक्षिणी अंदरुनी हिस्सों में आज 23 जुलाई से भारी बारिश की उम्मीद है.

महाराष्ट्र खासतौर से कोंकण क्षेत्र पहले ही बाढ़ग्रस्त है. रायगढ़ में बृहस्पतिवार को भूस्खलन में 30 लोगों की मौत हो गयी. पूर्वी मुंबई में शुक्रवार तड़के गोवंडी के शिवाजी नगर इलाके में एक मंजिला मकान ढहने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गयी और आठ अन्य घायल हो गए. पड़ोसी राज्य गोवा में सत्तारी और बिचोलिम तहसील समेत कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है. पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के बाद कुछ नदियां उफान पर होने के कारण कई मकान डूब गए हैं.

आईएमडी ने बताया कि गुजरात में 23 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है लेकिन इसकी तीव्रता 24 जुलाई से बढ़ेगी. उसने कहा, ‘‘24-26 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ व्यापक बारिश होने की संभावना है. गुजरात क्षेत्र में 25 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का भी अनुमान है. आईएमडी ने कहा कि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23 और 24 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है तथा पूर्वी मध्य प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में 23 जुलाई को अत्यधिक बारिश हो सकती है. (भाषा) 

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