हेयर डोनेशन में बच्चों की मदद कैंसर पीड़ितों के लिए सबसे बड़ा योगदान, बोली NGO की निदेशक हिमांशी गहलोत

हेयर डोनेशन में बच्चों की मदद कैंसर पीड़ितों के लिए सबसे बड़ा योगदान, बोली NGO की निदेशक हिमांशी गहलोत

हेयर डोनेशन में बच्चों की मदद कैंसर पीड़ितों के लिए सबसे बड़ा योगदान, बोली NGO की निदेशक हिमांशी गहलोत

जयपुर: इन्वेंटिव हेल्पिंग हैंड सोसायटी एनजीओ की डायरेक्टर हिमांशी गहलोत ने आज बच्चों को कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए जागरूक किया. उन्होंने बच्चों से अपील करी कि वे अपने माता- बहन और आस- पास के लोगों को हेयर डोनेशन के लिए जागरूक करें. ताकि पूरा देश एकजुट होकर कैंसर से जंग जीतने में सफल हो सकें. इस संवाद में कुशलगढ़ की माही ने कोरोना की तरह कैंसर की वैक्सीन को लेकर सवाल किया.. जिसपर हिमांशी गहलोत ने बताया कि कैंसर का इलाज हो रहा है बस जरूरत है समय और ठीक प्रकार से इलाज लेने की. पहले जहां इलाज ना होने की वजह से ये बड़ी बीमारी लोगों की जान ले लेती थी वहां अब इसका इलाज संभव है. भारत देश में मेडिकल तरक्की कर रहा है इसी का नतीजा है कि लोग कैंसर से जंग लड़ रहे है.

संवाद में दिल्ली के कार्निक जैन ने सवाल किया कि बच्चे कैंसर पीड़ितों की कैसे मदद कर सकते है.. जिसपर हिमांशी गहलोत ने कहा कि बच्चे उनका हौसला बनें, उन्हें मोटिवेट करें, उन्हें इस बात का बिल्कुल अहसास ना होने देें कि वो बीमार है ये ना सिर्फ कैंसर बल्कि किसी भी बीमारी के ​पीड़ित के लिए सबसे बड़ी सहायता होगी जब व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा के साथ हर बीमारी से जंग जीत सकता है. ऐसे में बच्चे इसकी पहल करें और एकजुट होकर डिजिटली माध्यम से लोगों को जागरूक करें.

मान्य माथुर ने कैंसर का इलाज योगा व आयुर्वेद से संभव होने पर सवाल किया?
जवाब में हिमांशी गहलोत ने बताया कि कैंसर में लापरवाही ना बरतते हुए यदि डॉ से सही सलाह लेकर इलाज की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएं तो बेहतर होगा. कैंसर ऐसी बीमारी है जिसे सही समय पर सही इलाज की जरूरत है तभी हम पूरी तरह से इसे खत्म करने में कामियाब हो सकते है.

लक्ष्य जैन सवाल: बच्चे कैंसर से कैसे बच सकते है? 
जवाब: बच्चे मोबाइल का कम इस्तेमाल करें, ऑनलाइन क्लासेज के बाद फोन से बिल्कुल दूरी बना लें. वही जंक फ्रूट से भी परहेज करें. इसी के साथ बच्चे आउटडोर गेम्स खेलें जिससे बच्चों का शारिरीक और मानसिक स्वास्थ्य एकदम ठीक रहेगा ​उससे ना सिर्फ कैंसर बल्कि हर बीमारी से जीत जाएंगे.

संवाद में हिमांशी गहलोत ने बच्चों को राजस्थान सरकार की बच्चों के लिए कैंसर का इलाज मुफ्त के बारें में भी जानकारी दी. तो वही इसकी दवाईयों, थैरेपी के बारें में भी बच्चों को बताया. संवाद में बच्चों ने जाना कि कैंसर पीड़ितो का हौसला बनाने के लिए उन्हें अपने साथ रखें,एकजुट होकर उनको मोटिवेट करें जब पीड़ितों में नयी ऊर्जा  का प्रवेश होगा तब हर कोई कैंसर से जंग जीतने में सफल होगा.वही संवाद में हिमांशी ने बच्चों को तंबाकू का सेवन करने पर भी सतर्क किया और परिवार में भी इसे बंद करने पर अपील की. ताकि बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव ना पड़े. इसके लिए बच्चे पहल करें और अपनों से बड़ों को तंबाकू का सेवन ना करने के लिए जागरूक करें.

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
'बच्चों की सरकार कैसी हो' में बच्चे हर दिन राजनेताओं से बात कर राजनीति के हर पहलू को समझ रहे है. ऐसे में इस संवाद की शुरूआत श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली से हुई जिसके बाद अभी तक बच्चों संग संवाद में बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा,सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल,छात्र नेता ललित यादव,विधायक अविनाश गहलोत,अमेरिका की एल्डरमैन बनी भारतीय मूल की श्वेता बैद,विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी, आदर्श नगर विधायक रफीक खान,सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती,राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,डॉ सुभाष गर्ग,पीसीसी सचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज. तो वही आरजे कार्तिक ,राज्यसभा सांसद नीरज डांगी और बच्चों को राजपरिवारों का लोकतंत्र में योगदान बताने के लिए राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने बच्चों से सीधा संवाद किया. इसके अलावा आईपीएस पंकज चौधरी और नवलगढ़ विधायक राजकुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, विधायक राजकुमार रोत,अध्यक्ष दामोदर प्रसाद गोयल, सीडब्ल्यूसी रघुवीर सिंह मीणा,उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़,रुक्क्षमणी कुमारी, कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला तो वही विधायक डॉ अशोक लाहोटी,चितौड़गढ़ सांसद सी.पी जोशी ने भी बच्चों से संवाद किया. 

राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे:
14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा. जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे.ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए डिजिटल बाल मेला में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी 'बच्चों की सरकार कैसी हो'..

Digital Baal Mela 2021 की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
डिजिटल बाल मेला सीजन2 में 'बच्चों की सरकार कैसी हो की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

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