जीएसटी के तहत गठित एडवांस रूलिंग अथॉरिटी की वैधानिकता को हाईकोर्ट में चुनौती

जीएसटी के तहत गठित एडवांस रूलिंग अथॉरिटी की वैधानिकता को हाईकोर्ट में चुनौती

जीएसटी के तहत गठित एडवांस रूलिंग अथॉरिटी की वैधानिकता को हाईकोर्ट में चुनौती

जयपुर: बिना ज्यूडिशियल मेंबर को सदस्य के रूप में शामिल किये सीजीएसटी एक्ट 2017 के तहत राज्य में गठित एडवांस रूलिंग अथोरिटी की वैधानिकता को लेकर दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार सहित 5 को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.हाईकोर्ट ने इसके साथ ही याचिकाकर्ता कंपनी से तैयार माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी की रिकवरी करने के प्रोसेस पर भी अंतरिम रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के बावजूद बिना नोटिस दिये कंपनी कार्यालय पर छापे की कार्यवाही करने वाले डीजीजीआई के राजस्थान मूल के सीनियर इंटेलीजेंस रमेश कुमार सिसोदिया से भी जवाब तलब किया है.यह आदेश मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने जेवीएस फूड प्राईवेट लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर दिये है.सुनवाई के दौरान केन्द्र की ओर से एएसजी आर डी रस्तोगी, राजस्थान अथोरिटी फार एडवांस रूलिंग, राजस्थान अपीलेंट अथोरिटी फार एडवांस रूलिंग और डीजीजीआई के इंटेलिजेंस अधिकारी रमेश कुमार की ओर से एडवोकेट अनुरूप सिंधी पेश हुए.

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18 प्रतिशत जीएसटी लागू कर दिया: 
याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट समीर जैन ने अदालत को बताया कि जेवीएस फूड कंपनी केन्द्र सरकार की योजना के तहत बीपीएल और पिछड़ा वर्ग के लिए फोर्टीफाईड चावल के उत्पादन और सप्र्लाई का कार्य कर रही है. फोर्टीफाईड चावल पर नियमानुसार 5 प्रतिशत जीएसटी टैक्स लागू होता है.लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार के बीच विरोधाभास के चलते जीएसटी के चैप्टर 17 के तहत एडवांस रूलिंग लागू किया गया.एडवांटस रूलिंग अथोरिटी ने याचिकाकर्ता के विरूद्ध गलत निर्णय देते हुए फोर्टीफाईड चावल को तैयार खाद्य पदार्थ में शामिल करते हुए 18 प्रतिशत जीएसटी लागू कर दिया.अपने निर्णय में अथोरिटी ने एक्सपर्ट के व्यू को भी नजरअंदाज किया है.याचिका में कहा गया कि एडवांस रूलिंग अथोरिटी ने हाईकोर्ट के न्यायिक क्षेत्रााधिकार को भी नजरअंदाज किया है, क्योंकि 2019 के चंबल फटीलाईजर्स के रिपोर्टेबल जजमेंट में सीजीएसटी एक्ट 2017 के तहत गठित अथोरिटी को अवैध घोषित किया जा चुका है.अथोरिटी में सदस्यों के कोरम में ज्यूडिशिल मेंबर होना अनिवार्य है.क्योंकि ज्यूडिशियल मेंबर का कार्य एक्जीक्यूटिव मेंबर द्वारा नही किया जा सकता.इसलिए बिना ज्यूडिशियल मेंबर को शामिल किये गठित कि गयी अथोरिटी अवैधानिक है.

हाईकोर्ट ने किया जवाब तलब:
हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि जीएसटी टैक्स के विवाद के बीच लॉकडाउन लागू हो गया.लॉकडाउन को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा निर्देश जारी किये जाने के बावजूद डीजीजीआई के सीनियर इंटेलीजेंस अधिकारी रमेश कुमार सिसोदिया ने रिकवरी के लिए कार्यवाही की.जीएसटी नियमो के तहत जारी किया जाने वाला नोटिस भी अधिकारी द्वारा जारी नही किया गया.मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ ने इंटेलीजेंस अधिकारी रमेश कुमार सिसोदिया को भी नोटिस जारी करते हुए 8 जून तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है.

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