डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय में वीसी की नियुक्ति मामला पहुंचा हाईकोर्ट

डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय में वीसी की नियुक्ति मामला पहुंचा हाईकोर्ट

डॉ भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय में वीसी की नियुक्ति मामला पहुंचा हाईकोर्ट

जयपुर: डॉ. भीमराव आम्बेडर विधि विश्वविद्यालय में कुलपति देव स्वरूप की निुयक्ति का मामला हाईकोट्र पहुंच गया है. कुलपति की निुयक्ति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हुए हाईकोर्ट ने राज्य के प्रमुख उच्च शिक्षा सचिव, विवि के कुलाधिपति, बार काउंसिल आफ इंडिया के सचिव, बीसीआर सचिव और कुलपति देव स्वरूप को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. 

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जस्टिस गोवर्धन बारधार और जस्टिस सीके सोनगरा की खंडपीठ ने यह आदेश प्रोफेसर केबी अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए है. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सुनील समदड़िया ने वीडियो कॉलिंग के जरिए पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि देव स्वरूप को 27 फरवरी 2020 को भीमराव आम्बेडर विधि विश्वविद्यालय का वीसी नियुक्त किया गया है. याचिका में विवि के अधिनियम की धारा 11(2) और धारा 11(17) के प्रावधानों को चुनौती देते हुए कहा गया कि धारा 11(2) के तहत किसी भी एकेडमिक बैकग्राउंड वाले व्यक्ति को विवि का वीसी नियुक्त करना गलत है. जबकि कुलपति देवस्वरूप का शैक्षणिक बैकग्राउंड कानून का नहीं रहा है.

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याचिका में कहा गया कि देश की सभी नेशनल लॉ युनिवर्सिटीज में वीसी लॉ प्रोफेसर या एक्सपर्ट ही बन सकता है. यहां तक की इनमें कुलपति वहां के राज्यपाल ना होकर संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होते हैं. याचिका में कहा गया कि धारा 11(17) के तहत चांसलर राज्य सरकार के परामर्श के बाद बिना तय प्रक्रिया अपनाए विवि के पहले वीसी के तौर पर किसी भी व्यक्ति को नियुक्ति दे सकते हैं. बहस सुनने के बाद अदालत ने राज्य सरकार सहित सभी को नोटिस जारी किये है. 

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