जयपुर राजस्थान में नए जिलों के गठन पर विचार के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति, जानिए अहम घोषणाएं

राजस्थान में नए जिलों के गठन पर विचार के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति, जानिए अहम घोषणाएं

जयपुर: राजस्थान में नए जिलों के गठन पर विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में यह घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था सभी पैमानों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है और इसे 15 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा.

गहलोत बजट पर हुयी चर्चा का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा कि मुझे माननीय सदस्यों, जनप्रतिनिधियों व जन सामान्य से समय समय पर नए जिले बनाने के संबंध में ज्ञापन मिलते रहते है... आवश्यकता का आकलन कर नए जिलों के लिए छह माह में अनुंशसा देने हेतु एक उच्चस्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव करता हूं. उल्लेखनीय है कि राज्य में इस समय कुल 33 जिले हैं और कई इलाकों में नए जिले बनाए जाने की मांग होती रही हैं.

इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार ने अपनी 85 प्रतिशत से अधिक बजट घोषणाएं व जन घोषणा पत्र के 71 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे किए हैं. गहलोत ने कहा कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2018-19 में 9,11,634 करोड़ रुपये व 2021-22 में 11,96,137 करोड़ रुपए रहा जबकि 2022-23 में यह 13,34,310 करोड़ रुपये अनुमानित है.

प्रधानमंत्री मोदी का पांच ‘ट्रिलियन’ की अर्थव्यवस्था का वादा सिर्फ सपना:
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पांच ‘ट्रिलियन’ की अर्थव्यवस्था का वादा सिर्फ सपना है पर हम राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 15 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाएंगे. उन्होंने कहा कि राजस्थान अर्थव्यवस्था के सभी पैमानों पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है इसलिए उसकी उधारी सीमा बढ़ी है. उन्होंने कहा कि राज्य का वित्तीय घाटा 2020-21 में 5.86 प्रतिशत रहा जबकि इसी दौरान केंद्र सरकार का वित्तीय घाटा 9.2 प्रतिशत रहा. राज्य का राजस्व घाटा 2020-21 में 4.34 प्रतिशत रहा जबकि केंद्र सरकार का वित्तीय घाटा 7.3 प्रतिशत हुआ. उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के मुताबिक केंद्रीय करों का 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलना चाहिए पर 30-33 प्रतिशत ही मिल पाता है और राजस्थान को 2022-23 के बजट में केंद्रीय करों से 18,925 करोड़ रुपये कम मिलेंगे.

हमने 15000 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए:
किसानों के कर्ज माफ नहीं किए जाने के दावों को खारिज करते हुए गहलोत ने कहा कि हमने 15000 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए हैं और लाभान्वित 22 लाख किसानों के नाम ऑनलाइन उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने 10 नहीं बल्कि तीन ही दिन में कर्ज माफ कर दिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंक किसानों के कर्ज के लिए एकमुश्त निपटान (वन टाइम सेटलमेंट) के लिए तैयार नहीं है और राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा हुआ है.

श्रम कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा:
उन्होंने कहा कि राज्य में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, कामगारों, रेहड़ी वालों तथा परंपरागत व्यवसायों से जुड़े कारीगरों की दक्षता विकास एवं समग्र कल्याण हेतु श्रम कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि गहलोत के पास वित्त विभाग भी है. उन्होंने 23 फरवरी को आगामी वित्त वर्ष के लिए बजट पेश किया था. बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए उन्होंने कई जगहों पर राजकीय महाविद्यालय खोले जाने सहित अनेक नयी घोषणाएं कीं.

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