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महज अफसरों के भरोसे सदन में जवाब देना उच्च शिक्षा मंत्री को पड़ा महंगा

महज अफसरों के भरोसे सदन में जवाब देना उच्च शिक्षा मंत्री को पड़ा महंगा

जयपुर: महज अफसरों के भरोसे सदन में जवाब देना आज उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी को महंगा पड़ गया. जब नेता प्रतिपक्ष ने उन पर सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए घेर लिया. आखिरकार खुद मंत्री को स्वीकारना पड़ा कि अधिकारियों ने जो जानकारी दी थी वह सदन में बता दी. मंत्री के इस जवाब से पूरा सदन हंस पड़ा और मंत्री की किरकिरी हुई. 

सलूंबर में सरकारी कॉलेज में भूगोल विषय नहीं होने का मामला:
बिना तैयारी सदन में आना कई बार मंत्रियों को भारी पड़ जाता है और आज उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी के साथ ऐसा ही हुआ. सलूंबर विधायक अमृत लाल मीणा ने मंत्री से सलूंबर के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूगोल विषय नहीं होने का मामला उठाया. इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सलूम्बर से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर राजकीय विद्यालय झाड़ोल में तथा 25 किलोमीटर दूर राजकीय महाविद्यालय सराडा में भूगोल विषय संचालित है. ऐसे में फिलहाल सलूंबर में इस विषय को शुरू करने की योजना नहीं है. इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि जहां मंत्री महोदय कॉलेज होने की बात कह रहे हैं, वहां पर तो कॉलेज ही नहीं खुला है. इस पर स्पीकर सीपी जोशी सहित पूरा सदन हंस पड़ा. इसके बाद खुद उच्च शिक्षा मंत्री भी शर्मिंदा हुए और उन्होंने स्वीकार किया कि अफसरों ने जो लिखित जवाब दिया है. वह उन्होंने सदन में बता दिया है. उच्च शिक्षा विभाग के अफसर भी इस दौरान अधिकारी दीर्घा में मौजूद थे. 

कई पाठ्यक्रम बंद:
उधर राजस्थान विश्वविद्यालय ने सब वित्त पोषित स्कीम के तहत संचालित 18 पाठ्यक्रमों को बंद कर दिया है. उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी के अनुसार इन पाठ्यक्रमों में पर्याप्त छात्र संख्या ना होने एवं वित्तीय संसाधन का अभाव होने के कारण बंद किया गया है. मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ईएएफएम विभाग में 5 डिप्लोमा कोर्स बंद कर दिए गए हैं, वहीं पोदार मैनेजमेंट संस्थान में 3 कोर्स बंद कर दिए हैं. संस्कृत विभाग ने चार अहम पाठ्यक्रम छात्रों के लिए बंद कर दिए हैं. शारीरिक शिक्षा, गणित, जल प्रबंधन और सोशलॉजी विभाग में भी कुछ कोर्स बंद हुए हैं. 

शिक्षा के अनुदान मांगों पर विचार चर्चा हुई थी, तब जवाब देते समय उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी सिर्फ अफसरों द्वारा लिखे गए पन्नों को पढ़ रहे थे. इस कारण स्पीकर सीपी जोशी ने भी उनको टोका था. ऐसे में अब देखना यह है कि सरकार के मंत्री कब खुद तैयारी करके सदन में आकर जनता के सवालों का जवाब देंगे. 

... संवाददाता योगेश शर्मा ऐश्वर्य प्रधान व डॉ रितुराज के साथ नरेश शर्मा की रिपोर्ट 

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