VIDEO: मोदी लहर के कारण उनके अच्छे कार्यों की कभी सराहना नहीं हुई : सीएम गहलोत 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/22 07:00

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्र सरकार पर खुलकर निशाना साधा. मणिपाल यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि मोदी लहर के कारण उनके अच्छे कार्यों की कभी सराहना नहीं हुई. पिछली बार इसीलिए उनकी हार हुई, लेकिन पिछली बार जनता ने मुख्यमंत्री के तौर पर वसुंधरा राजे को जिम्मेदारी दी और उन्होंने रिफाइनरी जैसे काम को रोक दिया था, ऐसा नहीं करना चाहिए. अशोक गहलोत ने यहां छात्रावास और एडमिन ब्लॉक का उद्घाटन किया और कैंपस विजिट की. 

सीएम गहलोत ने कहा कि जो पूछते हैं कि 70 सालों में क्या हुआ, उन्हें आज का विकसित भारत और विकसित राजस्थान देखना चाहिए. गहलोत ने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे देश में भी पाकिस्तान की तरह आत्मनिर्भरता नहीं होती, आज अगर 70 साल में कोई काम नहीं होता तो इस दौर में नहीं पहुंचते. पहले यहां सुई तक नहीं बनती थी. 

लड़ाई विचारधारा की होनी चाहिए:
कांग्रेस में 70 सालों में लोकतंत्र को बरकरार रखा, इसी कारण से मोदी प्रधानमंत्री बन पाए हैं. उन्होंने ऐसे लोगों पर भी व्यंग कथा जो मोदी के गुणगान करते हैं. इसके लिए गहलोत का कहना था कि व्यापार में भले ही घाटा हो जाए, लेकिन लोग राष्ट्रवाद और मोदी का नाम लेते रहते हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लड़ाई विचारधारा की होनी चाहिए और किसी बात का घमंड नहीं होना चाहिए, क्योंकि जनता माई बाप होती है. ऐसे में अंतिम फैसला जनता ही करती है. केंद्र सरकार के लिए कहा कि देश में जब मंदी का दौर है, तो ऐसे में सरकार को विपक्ष का सहयोग लेना चाहिए. सब मिलकर देश के हालात को ठीक करें यह सोच होनी चाहिए. 

माइनिंग और रिफाइनरी के क्षेत्र में कार्यक्रम करें तैयार:
हमारी सोच यह कभी नहीं रही सरकार बदलने के बाद भी हम उनके करीबी लोगों को भी अन्य नजरिए से नहीं देखते. इसके लिए उन्होंने मणिपाल यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी अभय जैन को संबोधित कर कहा कि वे भले ही वसुंधरा राजे के नजदीक रहे हो, लेकिन उन्होंने उनके कार्यों को नहीं अटकाया. हम मन में इस तरह की भावना ही नहीं रखते हैं. जबकि उन्होंने आयोजकों पर व्यंग कसते हुए कहा कि कार्यक्रम में हर चीज इंप्रेस करने के लिए रखी गई है. हालांकि वह कैंपस और सुविधाएं देखकर इंप्रेस भी हुए. यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें माइनिंग और रिफाइनरी के क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए कार्यक्रम तैयार करने चाहिए. 

आयोजकों से असंतुष्ट नजर आए मंत्री शांति धारीवाल:
कार्यक्रम में मौजूद मंत्री शांति धारीवाल भी आयोजकों से असंतुष्ट नजर आए. उन्होंने कहा कि आयोजकों ने कार्यक्रम में रोजगार के जो डाटा प्रस्तुत किए हैं, वह गलत है. धारीवाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी अपने लक्ष्य के मुताबिक 600 से ज्यादा स्टाफ और 600 महिलाओं के रोजगार का दावा कर रही है, लेकिन आंकड़े धरातल पर इसके नजदीक भी नहीं है. उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को दो टूक कहा कि विश्वविद्यालय में भले ही दो हजार करोड़ का निवेश करें, लेकिन 2000 लोगों को भी रोजगार जरूर दें. लोगों को रोजगार देने के साथ ही रोजगारपरक कोर्सेज भी तैयार करें. कुछ इसी तरह की बात उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी और ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने भी कही. बीडी कल्ला का कहना था कि पहले प्राइवेट क्षेत्र में ज्यादा उच्च शिक्षण संस्थान नहीं थे, लेकिन अब प्रदेश में उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार हुआ है. 

कार्यक्रम में मौजूद मणिपाल विश्वविद्यालय के संस्थापक रंजन पाई ओर पदाधिकारी अभय जैन औरयूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर जी के प्रभु ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताई और कहा कि यह प्रदेश में अनूठा विश्वविद्यालय है, जो अपने आप में उच्च एवं गुणात्मक सुविधाएं और शिक्षण व्यवस्थाएं प्रदान कर रहा है. 

... संवाददाता शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 


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