जयपुर VIDEO: राजस्थान में पावणों की रिकॉर्ड आवक, पर्यटकों के निशुल्क प्रवेश की घोषणा के बाद रचा इतिहास, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: राजस्थान में पावणों की रिकॉर्ड आवक, पर्यटकों के निशुल्क प्रवेश की घोषणा के बाद रचा इतिहास, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थानी संस्कृति दुनियाभर को लुभाती है यह तो सबने सुना था लेकिन अवसर मिलने पर हमारी संस्कृति अपने चाहने वालों को गले लगाने के लिए पुकार भी सकती है. यह आजादी के अमृतकाल ने दुनिया को दिखा भी दिया. विरासत, वैभवशाली इतिहास को जानने की इस ललक ने तीन दिन में न केवल पावणों की आवक का विश्व रिकॉर्ड बनवा दिया वरन आने वाले पर्यटन सत्र की झलक भी दिखा दी जिससे ट्रेवल ट्रेड के चेहरे खिल उठे हैं.

पर्यटन का अमृतकाल (निशुल्क प्रवेश अनुमानित पर्यटक)
स्मारक                                        अवधि                                पर्यटक संख्या
हवामहल                                     13 से 15 अगस्त                  2.60 लाख
आमेर                                         13 से 15 अगस्त                  1.10 लाख 
जंतर मंतर                                   13 से 15 अगस्त                   1.15 लाख
अल्बर्ट हॉल                                 13 से 15 अगस्त                   1.10 लाख
नाहरगढ़                                     13 से 15 अगस्त                    80 हजार
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क          13 से 14 अगस्त                   11 हजार
झालाना/आमागढ लेपर्ड सफारी       13 से 15 अगस्त                    800

कोविड मैनेजमेंट में राजस्थान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में देश में मिसाल कायम की तो आफ्टर कोविड मैनेजमेंट में तो प्रदेश देशभर में मॉडल बन चुका है. कोरोना का सबसे कडा प्रहार पर्यटन सेक्टर पर ही पड़ा था. प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाने वाला पर्यटन सेक्टर चरमरा गया था, लेकिन सीएम गहलोत की अगुवाई में पर्यटन न केवल दोबारा उठ खड़ा हुआ वरन सिरमौर भी बन गया. पर्यटन को उद्योग का दर्जा देना हो या फिर आफ्टर कोविड सबसे पहले पर्यटन को शुरु करना हो. सभी में राजस्थान ने नजीर पेश की. अब आजादी का अमृत महोत्सव बना रहे देश को एक बार फिर अमृतकाल के तीन दिनों में जयपुर ने नया मॉडल पेश कर दिया है.

स्मारकों पर प्रवेश निशुल्क कर लोगों को संस्कृति से जोड़ने प्रयास इस कदर सफल हुए कि राजधानी में 13 से 15 अगस्त के तीन दिनों में पर्यटकों की आवक का विश्व रिकॉर्ड बन गया. इन तील दिनों में करीब 7 लाख पर्यटकों ने गुलाबीनगर के वैभवशाली इतिहास को देखा और सिटी वाइल्डलाइफ टूरिज्म से भी खुदको जोड़ने के प्रयास किए. पर्यटकों के सैलाब को कंट्रोल करने के लिए पुलिस तक का सहारा लेना पड़ा.

देश जब 15 अगस्त को आजादी का अमृत वर्ष पूर्ण कर रहा था वहीं देश दुनिया में राजस्थान की पहचान बना हवामहल एक विश्व रिकॉर्ड बना रहा था. आज दुनिया भर में राजस्थान के मोर मुकुट के तौर पर पहचान रखने वाले हवा महल के वैभव को देखने के लिए देश-विदेश के कुल 1 लाख 95 हजार 367 सैलानी पहुंचे जो कि एक विश्व रिकॉर्ड है. देशभर में 1 दिन में किसी भी राज्य सरकार के अधीन एक स्मारक पर पहुंचने वाले पर्यटकों की यह सर्वाधिक संख्या बताई जा रही है. पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ महेंद्र सिंह खडगावत पर्यटकों की आवक से उत्साहित नजर आए. डॉ महेंद्र सिंह का कहना है कि आज राजधानी के स्मारकों पर पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या सवा तीन लाख से ज्यादा रही. हवा महल के अलावा जंतर मंतर करीब 46 हजार, आमेर और अल्बर्ट हॉल 40-40 हजार और ईसरलाट देखने भी 1701 पर्यटक पहुंचे. 

13 और 14 अगस्त की संख्या में आजादी के पर्व के दिन तो जोरदार उछाल आया और सारे पिछले रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए. ध्यान रहे पुरातत्व विभाग ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत स्मारक एवं संग्रहालयों में 13, 14 और 15 अगस्त को पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क करने के आदेश जारी किए थे. यह फैसला पर्यटकों को इतना भाया कि उन्होंने विभाग के फैसले को हाथों हाथ लिया और अपनी संस्कृति और विरासत को नजदीक से जानने के इस अवसर को जाने नहीं दिया.

और पढ़ें