अमित शाह की ताजपोशी के लिए बदलेगा बीजेपी का इतिहास

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/12 06:47

नई दिल्ली। मिशन 2019 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी का आज दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का दिल्ली के रामलीला मैदान में समापन हो गया। अधिवेशन में हिस्सा लेने के लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं अमित शाह के अध्यक्ष पद का कार्यकाल इसी महीने पूरा होने के चलते उन्हें तीसरी बार इस पद पर चुनने की कवायद शुरू भी शुरू हो गई है। हालांकि ऐसा करने के लिए भाजपा को पार्टी के संविधान में बदलाव करना होगा। 

गौरतलब है कि अमित शाह के अध्यक्ष पद का कार्यकाल इसी महीने 26 जनवरी को पूरा हो रहा है। 2014 का लोकसभा चुनाव के वक्त राजनाथ सिंह पार्टी के अध्यक्ष थे। केंद्र की सत्ता में प्रचंड बहुमत से आने के बाद राजनाथ सिंह को मोदी सरकार में गृहमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसके बाद पार्टी की कमान अमित शाह के पास आई। राजनाथ सिंह के बचे कार्यकाल को पूरा करने के बाद पहली बार 3 साल के लिए उन्हें जनवरी, 2016 में चुना गया। इस तरह राजनाथ के बचे हुए कार्यकाल के 2 साल और दूसरी बार मिले कार्यकाल के 3 साल उनके पूरे होने जा रहे हैं। वहीं सितंबर 2018 में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में अमित शाह को लोकसभा चुनाव तक के लिए अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया है। 

बता दें कि बीजेपी के संविधान के अनुसार, एक आदमी दो ही बार पूरे कार्यकाल के लिए पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है। ऐसे में अगर अमित शाह को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाता है तो इसके लिए बीजेपी के संविधान को बदलना होगा। 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in