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लॉकडाउन 5 को लेकर सुगबुगाहट तेज! गृहमंत्री अमित शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी से की मुलाकात 

लॉकडाउन 5 को लेकर सुगबुगाहट तेज! गृहमंत्री अमित शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी से की मुलाकात 

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन जारी है, ये लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है. ऐसे में लॉकडाउन 31 मई को समाप्त होने वाला है. ऐसे में अभी तक लॉकडाउन 5 पर कोई ऐलान नहीं हुआ है. लेकिन जिस तरह से देशभर में कोरोना के मामले बढ रहे है, वैसे अंदाजा लगाया जा रहा है कि देश में लॉकडाउन 5 भी लागू किया जा सकता है, लेकिन लॉकडाउन 4 में मिली छूट को देखते हुए लॉकडाउन 5 में छूट ​दी जाएगी. 

कई अहम मुद्दों पर चर्चा:
इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. जानकारी के मुताबिक इस मुलाकात में लॉकडाउन सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. राज्यों के सुझाव पर लॉकडाउन पर फैसला लिया जाएगा. इस बैठक के दौरान पीएमओ और गृह मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे. पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह के बीच शनिवार को फिर से करीब एक घंटे तक मुलाकात चली. 

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मोदी सरकार-2 के एक साल पूरे होने पर चर्चा:
जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी के साथ हुई बैठक में मोदी सरकार-2 के एक साल पूरे होने पर भी चर्चा हुई. शुक्रवार को भी दोनों नेताओं के बीच करीब 2 घंटे तक बैठक हुई थी. रविवार को लॉकडाउन का आखिरी दिन है ऐसे में आज की ये बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.गौरतलब है कि कोरोना से बचाव के लिए देशव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण का रविवार यानी 31 मई को समाप्त होने वाला है. चौथा लॉकडाउन 18 मई से 31 मई तक के लिए लगाया गया था. इससे पहले 25 मार्च से 14 अप्रैल, 15 अप्रैल से 3 मई और 4 मई से 17 मई तक के लिए लॉकडाउन का एलान हुआ था. 

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जैसलमेर: जिले में एक थाना ऐसा भी है जहां 27 वर्ष में महज 60 मुकदमे दर्ज हुए हैं और जहां पुलिस कर्मियों के पास कोई काम ही नहीं है. कई बार पूरे साल में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं होता. इस थाने को 27 साल तक हेड कांस्टेबल ही संभालता रहा है. शाहगढ़ का यह थाना जैसलमेर में पाकिस्तान सीमा से सटा है, जहां 27 वर्ष में महज 60 मुकदमे दर्ज हुए हैं. थाना वीरान मरुस्थल क्षेत्र में है, जहां आसपास कोई मनुष्य मुश्किल से ही नजर आता है. आइए बताते है ऐसे थाने की कहानी... 

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यह थाना अपने आप में मिसाल बना हुआ:  
देश के अमूमन लगभग हर थाना क्षेत्र में प्रतिदिन हत्या, बलात्कार और चोरी-डकैती के मामले बड़ी संख्या में दर्ज होते रहते हैं. वहीं, राजस्थान के जैसलमेर से लगती अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर एक ऐसा पुलिस थाना मौजूद है जो अपने आपमें काफी अनूठा है. जी हां, इस पुलिस थाने में पूरे साल एक भी मुकदमा दर्ज नहीं होता है. अगर कभी एक दो मामले दर्ज होते भी हैं तो वो भी छोटी-मोटी चोरी का. पिछले 27 सालों में 1993 में पुलिस थाना शुरू होने के बाद यानी अभी तक एक भी बलात्कार का मामला दर्ज नहीं हुआ है. हत्या तो बहुत दूर की बात है. यह थाना अपने आप में मिसाल बना हुआ है. इस थाने का नाम शाहगढ़ बल्ज है. यह थाना राजस्थान के जैसलमेर से लगती अन्तर्राष्ट्रीय सीमा के मात्र 15 किलोमीटर पर बना हुआ है. इस थाने में 27 सालों से धारा 302 यानी हत्या का मुकदमा व 307 यानी हत्या के प्रयास का एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. इस थाने के आसपास ढांणियों में रहने वाले ग्रामीण इतने प्रेम व भाई चारे के साथ यहां रहते हैं कि 27 सालों में मात्र यहां करीब 60 मुकदमे ही दर्ज हुए हैं. इस वर्ष 6 महीनों में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. न ही कभी किसी महिला और पुरुष कैदी को थाने की जेल में कैद रखा गया. 

महिला और पुरुष बैरक भी अपराधियों के लिए तरस रही: 
भारत-पाक सीमा के निकट शाहगढ़ बल्ज पर बना हुआ थाना सचमुच एक ऐसी मिसाल बना हुआ है. जहां अपराध का दूर-दूर तक वास्ता नहीं है. इस थाने की सबसे बड़ी दिलचस्प बात यह है कि शाहगढ़ क्षेत्र में इस थाने की एक मात्र बिल्डिंग बनी हुई है. आसपास कई गांव, कई कस्बे हैं, जहां करीब 4000 की आबादी वाले इस क्षेत्र में ग्रामीण दूर-दूर ढांणियों में रहते हैं. इस थाने की बिल्डिंग में बने हुए महिला और पुरुष बैरक भी अपराधियों के लिए तरस रही है. जानकारी के मुताबिक, महिला बैरक में आज तक किसी महिला कैदी को नहीं रखा गया है क्योंकि किसी महिला-पुरुष पर गंभीर अपराध का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. यही स्थिति पुरुष बैरक की भी बनी हुई है. हालांकि, इस थाने की एक समस्या है कि यहां आवागमन के साधन नहीं हैं. जैसलमेर शहर जाना हो तो वहां से गुजरने वाले बी.एस.एफ के वाहनों में लिफ्ट लेकर ही आगे जाया जा सकता है.

अब तक करीब 60 मुकदमे ही इस थाने में दर्ज हुए:
इस थाने पर इंस्पेक्टर सहित कुल 15 पुलिसकर्मियों की स्ट्रेन्थ हैं लेकिन यहां वर्तमान में एक सब इंस्पेक्टर सहित 9 पुलिसकर्मी तैनात है. 1995 में तारबंदी से पूर्व सीमा पार होने वाली तस्करी व सीमाई अपराध घटित होते रहते थे लेकिन तारबंदी के बाद से तस्करी और अन्य अवांछनीय गतिविधियों में विराम लग गया है. 1993 में इस थाने की स्थापना हुई थी तब से लेकर अब तक करीब 60 मुकदमे ही इस थाने में दर्ज हुए हैं. पिछले कुछ सालों का आंकड़ा देखे तो इस थाने में 2005 में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ. 2006 में एक, 2007 में दो, 2008 में एक 2009 में जीरो, 2010 में जीरो, 2011 में एक, 2012 में चार, 2013 में दो, 2014 में दो, 2015 में तीन मुकदमे दर्ज हुए जबकि 2016 में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ. 2019 में 2 मुकदमे दर्ज हुए थे जबकि इस साल अभी तक एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. ये अपराध रहित थाना पूरे देश में एक मिसाल बना हुआ है. 

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कई साल बीत जाने के बावजूद भी मुकदमे दर्ज नहीं होते:
शाहगढ़ का यह थाना जैसलमेर में पाकिस्तान सीमा से सटा है. सबसे बड़ी बात है कि 60 मुकदमे में एक भी केस दुष्कर्म का नहीं है. थाना वीरान मरस्थल क्षेत्र में है, जहां आसपास कोई आदमी मुश्किल से ही नजर आता है. यहां रिपोर्ट दर्ज कराना भी मुश्किल काम है, क्योंकि थाने तक पहुंचने में करीब एक डेढ़ घंटा लगता है. वहीं इस थाने में तैनात पुलिसकर्मी और थाने के आसपास रहने वाले ग्रामीण बताते हैं कि यहां पर कई साल बीत जाने के बावजूद भी मुकदमे दर्ज नहीं होते. छोटे-मोटे मामले मिल बैठ कर निपटा लेते हैं. 

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जयपुर: 5 दिन पहले प्रदेश सरकार ने राजस्थान में उच्च शिक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया, लेकिन उसके 2 दिन बाद ही यूजीसी ने पूरे देश में उच्च शिक्षा के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं अनिवार्य रूप से आयोजित करवाने की गाइड लाइन जारी की. यूजीसी की गाइडलाइन जारी होने के बाद ही उच्च शिक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थी असमंजस में पड़ गए. 

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एनएसयूआई यूजीसी की गाइड लाइन के विरोध में उतर चुकी: 
यूजीसी की गाइडलाइन के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने जहां यूजीसी की गाइडलाइन का अध्ययन करने के बाद कोई फैसला लेने का निर्णय लिया, तो वहीं छात्र संगठन एनएसयूआई यूजीसी की गाइड लाइन के विरोध में उतर चुकी है. एनएसयूआई छात्र संगठन की ओर से आज राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान यूजीसी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने यूजीसी की गाइडलाइन की प्रतियां भी जलाई.

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यूजीसी को छात्रों के स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं:
विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया सहित बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे. अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि "परीक्षाएं रद्द करवाने की मांग को लेकर 2 महीने से एनएसयूआई का पूरे प्रदेश में आंदोलन चल रहा था. जिसके बाद सरकार ने छात्र हित में बड़ा फैसला लेते हुए छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लिया, लेकिन केंद्र सरकार और यूजीसी को छात्रों के स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं है. वर्तमान दौर में कोरोना का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यूजीसी द्वारा परीक्षाओं के आयोजन को लेकर लिया गया फैसला छात्र हित में नहीं है. अगर यूजीसी अपने इस फैसले को नहीं बदलती है तो एनएसयूआई की ओर से पूरे देश में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा. 

गाय के पैर बांधकर फांसी देने की अमानवीय हरकत, ग्रामीणों में रोष

गाय के पैर बांधकर फांसी देने की अमानवीय हरकत, ग्रामीणों में रोष

रेवदर(सिरोही): लोग इंसान के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, ये समझ आता है, लेकिन जो लोग बेजुबानों के साथ अमानवीय हरकत करते हैं वो समझ से परे हैं. कुछ दिनों से गुलाबगंज पालडी गांव में गाय के पैर बांधकर फांसी देने की घटना ने सबको झकझोर दिया है. रेवदर तहसील के गुलाबगंज गांव मे कुछ असामाजिक तत्वों ने गाय के पैर बांधकर गले में फंदा डाल उसे पेड़ की डाली से बांध मौत के घाट उतार दिया. जिसकी सूचना सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद ग्रामीण और हिन्दू वादी संगठन के नेता और प्रतिनिधि गुलाबगंज गांव पहुंचे.

भाई की मौत से आक्रोशित मृतक का भाई चढ़ा टावर पर, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल 

थानाधिकारी ने ली मामले की जानकारी: 
उधर गाय की निर्मम हत्या से आक्रोशित जन भावना को शांत करने और मामले की बात को लेकर पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह देवड़ा, थानाधिकारी हमीरसिंह भाटी भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली,, और आक्रोशित लोगों को समझाइश करते हुए इस इस निंदनीय कृत्य की नींदा‌ की. वहीं इस कृत्य में लिप्त लोगों की जानकारी या सुराग मिलने पर पुलिस प्रशासन को इत्तेला देने की बात की.

विकास दुबे का मध्य प्रदेश से रहा पुराना कनेक्शन, 20 साल पहले दोस्त की बहन से गन पॉइंट पर की थी शादी 

गाय का पोस्टमार्टम कर समाधि दी: 
पुलिस प्रशासन ने इस प्रकरण को गंभीरता से अनुसंधान कर रही है और दोषी पकड़ में आएंगे और कानून इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा. साथ ही इस निंदनीय घटना के आरोपी को तुरंत पकड़ने की सांत्वना दी. उसके बाद गाय का पोस्टमार्टम कर समाधि दी गई. गौरतलब है कि जिले में पशु क्रूरता की वारदातें नित रोज बढ़ती जा रही है. लेकिन पशु क्रूरता निवारण के लिए कार्यरत संस्थाओं और आम जन भी ऐसे मामलों में पुलिस में मुकदमे दर्ज करने से कतराता है. 

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भीलवाड़ा: गंगापुर थाना क्षेत्र में उम्मेदपुरा गांव में 5 माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक की मौत के मामले का पुलिस द्वारा खुलासा नहीं करने पर आक्रोशित मृतक का भाई आज गंगापुर में टावर पर चढ़ गया. टावर पर चढ़े रमेश गाडरी का आरोप है कि पुलिस इस मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठी है, प्रेम प्रसंग के मामले में उसके भाई की हत्या की गई है जबकि पुलिस 5 माह से कुछ भी नहीं कर रही है.

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युवक को देखने तमाशबीन लोगों की भीड़ जमा हो गई: 
युवक के टावर पर चढ़ने की खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और फोन पर वार्ता कर नीचे उतरने को लेकर समझाइश करते रहे. उधर टावर पर चढ़े युवक को देखने तमाशबीन लोगों की भीड़ जमा हो गई. उधर, गंगापुर डीएसपी बुद्धराज टांक का कहना है कि इस मामले में थाने में मृग दर्ज है. जांच अधिकारी के 28 अप्रैल से गैर हाजिर चलने के कारण मामला लम्बित चल रहा है. लॉक डाउन की वजह से भी कार्रवाई नही हो पाई. जल्द ही खुलासा करेंगे. 

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कानपुर: कानपुर शूटआउट के मोस्टवॉन्टेड विकास दुबे ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की पर्ची कटाई और इसके बाद खुद ही सरेंडर कर दिया. फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने उसे कस्टडी में ले लिया है. यूपी पुलिस ने विकास दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. यूपी पुलिस उसे सात दिन से खोज रही थी. मध्यप्रदेश से गिरफ्तार विकास दुबे का यहां से जबरदस्त कनेक्शन रहा है. 

मध्यप्रदेश: उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे गिरफ्तार 

राजू खुल्लर की बहन रिचा को विकास दुबे पंसद करने लगा: 
विकास दुबे की दोस्ती शास्त्री नगर के मशहूर अपराधी राजू खुल्लर से हुई थी. विकास का राजू खुल्लर के घर आना जाना शुरू हो गया था. यहीं से विकास की लव स्टोरी की शुरूआत होती है. राजू खुल्लर की बहन रिचा को विकास दुबे पंसद करने लगा. रिचा और विकास दुबे दोनों एक दूसरे का पंसद करने लगे. बहन के प्रेम संबंधों की भनक रिचा के भाई राजू खुल्लर को लगी तो विकास दुबे उसकी आंखों में खटकने लगा. 

विकास ने गन पॉइंट पर रिचा से शादी की थी: 
विकास दुबे ने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढ़ार कस्बे की रिचा निगम उर्फ सोनू से करीब 20 साल पहले कानपुर में लव मैरिज की थी. इस शादी से रिचा के घरवाले घिलाफ थे. उनके विरोध करने पर विकास ने गन पॉइंट पर रिचा से शादी की थी. इन दिनों विकास के काम रिचा खुद देख रही थी. विकास दुबे और राजू खुल्लर ने मिलकर कई बड़े अपराधों को अंजाम दिया था.

फिल्म अर्जुन पंडित ने विकास को सबसे ज्याद प्रभावित किया:
सन् 1999 में रिलीज हुई फिल्म अर्जुन पंडित ने विकास को सबसे ज्याद प्रभावित किया था. अर्जुन पंडित मूवी देखने के बाद विकास दुबे की जिद थी कि अब वो रिचा से शादी कर के रहेगा. विकास दुबे की धमकी से राजू खल्लर डर गया और रिचा और विकास से दूरी बना ली थी. इसके बाद विकास ने रिचा से शादी कर ली थी. अर्जुन पंडित फिल्म देखने के बाद विकास दुबे का सर नेम बदल गया और विकास पंडित बन गया. अर्जुन पंडित मूवी में सनी देओल ने गैंगस्टर का रोल किया था. 

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दुबे की सारी सत्ता काफी हद तक सोनू के पास रही: 
वर्ष 2000 में ताराचंद्र इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सिद्धेश्वर पांडेय और वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री की हत्या के बाद विकास कभी जेल में रहा तो कभी फरार रहा. अगले पांच वर्ष इसी लुकाछिपी में बीते. इस दौरान विकास दुबे की सारी सत्ता काफी हद तक राजू खुल्लर और उसकी बहन सोनू के पास रही.  


 

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नई दिल्ली: दुनियाभर के साथ भारत में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा अपडेट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 24,879 नए मामले सामने आए हैं और 487 लोगों की मौत हुई है. ऐसे में देश में अब तक कोरोना के 7 लाख 67 हजार 296 केस हो चुके हैं. जिनमें से 2,69,789 सक्रिय मामले हैं, 4,76,378 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 21,129 लोगों की मौत हो चुकी है. 

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1,07,40,832 नमूनों का परीक्षण किया गया: 
आईसीएमआर की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, देशभर में 8 जुलाई तक कोरोना के लिए कुल 1,07,40,832 नमूनों का परीक्षण किया गया. इनमें से 2,67,061 नमूनों का परीक्षण पिछले 24 घंटे में किया गया. देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर दिल्ली, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं.

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दुनिया में तीसरा सबसे प्रभावित देश:
कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत अमेरिका, ब्राजील के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत है. लेकिन अगर प्रति 10 लाख आबादी पर संक्रमित मामलों और मृत्युदर की बात करें तो अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति बहुत बेहतर है. देश में कोरोना मामले बढ़ने की रफ्तार भी दुनिया में तीसरे नंबर पर बनी हुई है.


 

मध्यप्रदेश: उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे गिरफ्तार

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उज्जैन: मध्यप्रदेश के महाकाल मंदिर से उत्तरप्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ऐसा माना जा रहा है कि विकास दुबे ने महाकाल मंदिर के बाहर समर्पण किया है. महाकाल मंदिर की सुरक्षा कंपनी उसे संदिग्ध मानकर गिरफ्तार किया है. यूपी पुलिस ने गैंगस्टर की गिरफ्तारी की खबरों को सही बताया है. 

चिल्ला-चिल्ला कर खुद को विकास दुबे बताया: 
सूत्रों से मिली जानाकरी के मुताबिक, मंदिर परिसर में पहुंच कर एक शख्स चिल्ला-चिल्ला कर खुद को विकास दुबे बता रहा था. इसके बाद मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने उसे पकड़कर इसकी सूचना पुलिस को दी. उसके बाद महाकाल थाना पुलिस उसे पकड़कर कंट्रोल रूप की तरफ ले गई. पुलिस कंट्रोल रूम फ्रीगंज इलाके में स्थित है. 

मौक पर मीडिया को भी बुलाया: 
बताया जा रहा है कि विकास दुबे ने मौक पर मीडिया को भी बुलाया. उसके बाद मीडिया के साथ स्थानीय पुलिस भी महाकालेश्वर मंदिर के सामने पहुंची और विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विकास दुबे ने सरेंडर करने की सूचना स्थानीय मीडिया और पुलिस को दी थी. 
 

संत को ब्लैकमेल करने का मामला आया सामने, बाड़मेर से जोधपुर आयुर्वेद दवाइयां लेने आए संत से मारपीट

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जोधपुर: बाड़मेर से जोधपुर आयुर्वेदिक दवाइयां लेने आए संत के साथ ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है. किसी परिचित द्वारा अपने घर बुलाकर पहले मारपीट करने के बाद अश्लील वीडियो बनाने और फिर जबरदस्ती शराब पिलाने का आरोप संत द्वारा लगाया गया है और इस संबंध में जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में मुकदमा भी आरोपी नवीन विश्नोई सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है.

सात वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, रिश्ते में लगने वाले भाई ने किया मानवता को शर्मसार 

संत द्वारा आरोप लगाया गया है कि उसको पहले अपने घर आमंत्रित किया गया जिसके चलते शाम को वह उसके पाल बालाजी स्थित निवास पर गए जहां पर उसका अश्लील वीडियो बनाकर बाद में शराब पिलाकर ब्लैकमेल किया गया और 10 लाख रुपए की राशि देने की मांग की गई. 10 लाख रुपए नहीं देने पर वीडियो को वायरल कर उनकी छवि को खराब करने के लिए ब्लैकमेल किया गया. संत ने खुद के साथ पूरी रात मारने करने का आरोप भी लगाया. चौपासनी हाउसिंग बोर्ड पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. 

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