VIDEO: गृहमंत्री अमित शाह का 5 दिसंबर को जयपुर दौरा, मिशन 2023 को लेकर होगा रोड मैप तैयार

VIDEO: गृहमंत्री अमित शाह का 5 दिसंबर को जयपुर दौरा, मिशन 2023 को लेकर होगा रोड मैप तैयार

जयपुर: राजस्थान में लंबे अरसे से चल रही राजनीतिक उथल पुथल के बाद अब भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री अमित शाह 2 दिन के राजस्थान प्रवास पर रहेंगे. इसी के साथ मिशन 2023 को लेकर भी एक रोड मैप तैयार हो जाएगा. 

भाजपा के दिग्गज नेता और सियासी चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह 5 दिसंबर को जयपुर आ रहे हैं. इस दौरान अमित शाह 10 हजार के करीब जनप्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे तो दूसरी तरफ भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सम्बोधन देंगे.  हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां का कहना है कि अमित शाह के सानिध्य में  जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन पहले से प्रतीक्षित रहा था. अमित शाह पार्टी के विस्तार के और जनता के बीच की ऐसी कड़ी जिनको लगातार निरंतर संगठन और जनता के कामों में उपयोग लेते हैं. इसलिए पार्षद से लेकर सांसद तक विशेष प्रबोधन को सुन सकेंगे. पूनियां का कहना है कि अमित शाह को बहुत अरसे से आमंत्रण दे रखा था. और उन्होंने स्वीकार किया है और वह पधार रहे हैं. बहरहाल भाजपा भी चाहती है कि अमित शाह के उस दौरे के जरिये 2023 की दिशा तय की जा सके.

प्रदेश भाजपा नेताओं की अंदरूनी खींचतान की खबरें लगातार जारी हैं
लेकिन दौरे के कारण की गहराई में जाएं तो प्रदेश भाजपा नेताओं की अंदरूनी खींचतान की खबरें लगातार जारी हैं. 2023 में अभी वक्त बाकी है लेकिन पिछले 2 साल से भाजपा के कई नेताओ का मूवमेंट किसी से छिपा नहीं है. करीब आधा दर्जन नेता या उनके समर्थक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खुद को 2023 का चेहरा बनवाये जाने की अंदरूनी रणनीति में जुटे हुए हैं.  भाजपा के कई नेताओ की बयानबाजी की गूंज की खबरें भी दिल्ली तक जाती हैं. पार्टी के कई नेताओं ने पिछले दिनों ऐसे बयान दिए हैं जिससे कि कमोबेश पार्टी को मुश्किल में डाला है. भले ही बाड़ेबंदी के दौरान 4 विधायकों के सदन से नदारद होने का मामला हो या फिर विधानसभा उपचुनावों से लेकर पंचायत और निकाय चुनाव रहे हों. पार्टी भी धड़ों में बटी नज़र आई है. या फिर मंडल स्तर से लेकर ऊपर तक की धड़ेबाजी हो. वो किसी से छिपी नही है. हर धड़े के पास अपनी एक अलग दलील है. यही एक बड़ा कारण है कि भाजपा चाहती है कि अमित शाह के जरिये एक मैसेज दिया जाए. 

अमित शाह का यह दौरा पार्टी की एकजुटता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है
भाजपा अध्यक्ष पूनियां और राजेन्द्र राठौड़ समेत खुद अरुण सिंह सरीखे नेता कह चुके हो कि 2023 में चेहरा तो नरेंद्र मोदी और कमल का फूल होंगे. लेकिन बात खत्म नहीं हुई है. कार्यकर्ताओ के सामने फिलहाल कई चेहरे है यही कारण है कि अब अमित शाह सरीखे नेता की जुबान से निकले एक एक शब्द के मायने निकाले जाएंगे. ताकि 2023 के लिए कार्यकर्ताओ को एक दिशा मिल सके. कुल मिलाकर कहा जाए तो तमाम तरीके के फीडबैक अमित शाह के पास पहले से ही हैं. बहरहाल अमित शाह के पास स्वयं के पास हर स्टेट का एक सर्वे होता है. हर नेता की लोकप्रियता का ग्राफ भी अपने पास होता है. आम जनता का फीडबैक का सर्वे भी अपने पास होता है. नेताओ कार्यकर्ताओ और विचार परिवार के सुझाव भी जाते हैं फ़ीडबैक भी जाता है. लेकिन इन सब के परे 2023 से ठीक पहले चेहरा घोषित होगा या फिर बिना चेहरे के पार्टी चुनाव लड़ेगी यह सब चीजें बाद में है उससे पहले अमित शाह का यह दौरा पार्टी की एकजुटता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा.

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट
 

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