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कोटा में हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश, दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वसूले डेढ़ लाख रुपए

कोटा में हनी  ट्रैप गैंग का पर्दाफाश, दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वसूले डेढ़ लाख रुपए

कोटा: प्रदेश के कोटा जिले में पुलिस ने हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है. घर में झाडू पोछा के नाम पर काम मांगने आई महिलाओं ने दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर एक बिजली कर्मचारी से डेढ़ लाख रुपए वसूले और 10 लाख की डिमांड भी की. इसके बाद पुलिस ने गैंग में शामिल दो महिलाओं सहित ओला कैब के चालक को गिरफ्तार किया है. 

अखबार और आर्टिकल पढकर नहीं करें जिला जज अपने फैसले, राजस्थान हाईकोर्ट की सवाई माधोपुर पोक्सो कोर्ट जज के खिलाफ सख्त टिप्पणी

पुलिस की ली मदद:
हनी  ट्रैप गैंग और गैंग में शामिल इन तीनों सदस्यों ने घर में नौकरानी रखने के बहाने बिजली कर्मचारी को अपने जाल में फंसाया और फिर दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की धमकी देकर बिजली कर्मचारी सीताराम से डेढ़ लाख रुपए वसूले. जब इन शातिर अपराधियों की डिमांड दस लाख पर पहुंची तो कर्मचारी ने पुलिस की मदद ली. इसके बाद भीमगंजमंडी थाना पुलिस ने गैंग में शामिल औला कैब चालक निसार , महिला आरोपी मुमताज उर्फ जीनत और अनिता राठौर को गिरफ्तार किया.

कई बार पकड़ी जा चुकी है हनी ट्रेप में:
गैंग के सदस्यों ने बिजली कर्मचारी को बाबूलाल मेघवाल नाम के वकील के जरिये धमकाया था और डेढ़ लाख रुपए वसूले थे. बिजली कर्मचारी के घर पर झाडू पोछा के नाम पर काम मांगने आई महिलाओं के साथ आरोपी वकील बाबूलाल मेघवाल की पुलिस तलाश कर रही है. पुलिस के मुताबिक यह ऐसी गैंग है जो कई बार हनी ट्रेप में पकड़ी जा चुकी है. 

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रैपिड टेस्ट के बाद अब सवालों के घेरे में एंटीजन टेस्ट! चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर उठाए केन्द्र पर सवाल

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जयपुर: देशभर में कोरोना स्क्रीनिंग के विवादित रैपिड टेस्ट के बाद अब एंटीजन टेस्ट सवालों के घेरे में है.राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने केंद्र सरकार से अधिकृत एंटीजन किट के सैंपल टेस्ट कराया, जिसमें 50 फ़ीसदी से अधिक मरीजों के रिजल्ट डिफरेंट मिले है.सूबे के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने खुद सैंपल टेस्ट का खुलासा करते हुए एंटीजन टेस्ट पर सवाल उठाए हैं. राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने रेपिड किट के बाद अब केंद्र सरकार के अधिकृत एंटीजन टेस्ट को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.चिकित्सा विभाग ने कुछ समय पहले कोरोना से जुड़ी रेपिड टेस्टिंग किट पर सवाल उठाए थे और कहा था कि रैपिड टेस्टिंग किट पॉजिटिव मरीजों को भी नेगेटिव बता रहा है.इसके बाद हरकत में आए आईसीएमआर ने किट के उपयोग पर देशभर में पाबंदी लगाई. यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब आईसीएमआर की ओर से एक कोरियन कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही एंटीजन टेस्टिंग किट पर भी चिकित्सा विभाग ने सवाल उठाए हैं.

आईसीएमआर से इस एंटीजन किट की मांग की:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि हमने आईसीएमआर से इस एंटीजन किट की मांग की लेकिन अभी तक राजस्थान को यह किट उपलब्ध नहीं हुए हैं.ऐसे में विभाग ने फोर्टिस अस्पताल से यह एंटीजन किट बतौर सैंपल टेस्ट के लिए ली.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की माने तो 100 पॉजिटिव मरीजों की जांच एंटीजन टेस्टिंग किट द्वारा की गई तो करीब 50% पॉजिटिव मरीजों को भी इस किट ने नेगेटिव बताया है.ऐसे में चिकित्सा विभाग ने कोरियन कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे एंटीजन टेस्टिंग किट पर सवाल उठाए हैं हालांकि मंत्री ने कहा है कि करीब 100 मरीजों पर एक बार फिर से इस किट द्वारा टेस्टिंग की जाएगी और अगर इसके बाद भी नतीजे पहले जैसे रहते हैं तो आईसीएमआर को इसके बारे में अवगत कराया जाएगा. 

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एंटीजन टेस्ट के सैंपल रिजल्ट पर निराशा:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने एंटीजन टेस्ट के सैंपल रिजल्ट पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि कोरोना के माहौल में आईसीएमआर द्वारा किए जा रहे यह प्रयोग काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं.चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जब देश में प्रतिदिन 55 हजार से ज्यादा पॉजीटिव केसेज आ रहे हो, ऐसे में मरीजों पर प्रायोगिक परीक्षण करना उनका जीवन खतरे में डालने जैसा है. उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों के कम विश्वसनीय टेस्ट को मंजूरी देकर केंद्र सरकार लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही है. उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी आईसीएमआर द्वारा मान्यता प्राप्त रैपिड टेस्टिंग किट के नतीजों को लेकर राजस्थान सरकार ने सवाल उठाए थे और आईसीएमआर ने उन्हें सही मानकर देश भर में रैपिड टेस्टिंग किट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई
-चिकित्सा मंत्री ने कहा, अधिकांश केस वर्क प्लेसेज, इण्डस्ट्री, दुकानें, घरेलु नौकर,
-सामाजिक समारोह, पिंकनिक स्पॉट पर लापरवाही के चलते आ रहे है
-रोजाना 30 हजार टेस्ट होने से भी एकाएक बढ़े है कोरोना के केस
-ऐसे में लोगों की सावधानी काफी जरूरी हो गई है कोरोना रोकथाम के लिए 

अब तक 115 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी:
डॉ.शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 115 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है। इसका शत-प्रतिशत परिणाम रहा है. जयपुर, जोधपुर, कोटा के बाद उदयपुर और बीकानेर में भी प्लाज्मा थेरेपी के जरिए लोगों को जीवनदान दिया जा रहा है. अजमेर में  भी शीघ्र ही प्लाज्मा थेरेपी से इलाज मिलने लगेगा. उन्होंने बताया कि जयपुर के बाद हाल ही कोटा में भी प्लाज्मा बैंक की शुरुआत कर दी गई है. जल्द ही सभी पुरानी मेडिकल कॉलेजों में भी प्लाज्मा बैक खोले जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिल सके. उन्होंने कोरोना को हरा चुके लोगों से प्लाज्मा दान देकर लोगों को नया जीवन देने की भी अपील की. 

रिकवरी रेशो को बढ़ाया जाए और मृत्युदर को कम किया जाए:
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 40 हजार की लागत के जीवनरक्षक इंजेक्शन (टोसिलीजूमेब व रेमडीसीविर) भी आमजन को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के जरिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब तक 176 लोगों को ये इंजेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनका परिणाम भी सुखद रहा है. उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए बजट की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंशा है कि प्रदेश के रिकवरी रेशो को बढ़ाया जाए और मृत्युदर को कम किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.57 फीसद मृत्युदर है. प्लाज्मा थेरेपी एवं जीवनरक्षक इंजेक्शन सहित समुचित उपचार के जरिए राज्य में मृत्यु दर को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

मरीजों को होम क्वारंटीन करवाने के निर्देश:
डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स को ज्यादा कोरोना पॉजीटिव्स आने की स्थिति में स्थानीय लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. ज्यादा केसेज आने पर मरीजों को होम क्वारंटीन करवाने के निर्देश भी दिए हैं. उन्होंने कहा कि यदि लोग होम क्वारंटीन का उल्लंघन करते पाए जाएं तो उन्हें संस्थागत क्वारंटीन में रखा जा सकता है.ऐसे में उम्मीद यही है कि लोग भी कोरोना की गंभीरता को समझेंगे और गाइडलाइन की पालना करेंगे. 

दीया कुमारी बोलीं, मैं वसुंधरा राजे का बहुत सम्मान करती हूं, पहली बार संगठन में मंत्री उन्होंने ही बनाया

दीया कुमारी बोलीं, मैं वसुंधरा राजे का बहुत सम्मान करती हूं, पहली बार संगठन में मंत्री उन्होंने ही बनाया

जयपुर: पिछले दिनों लगातार सोशल मीडिया में दीया कुमारी के महामंत्री बनाए जाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं थी लेकिन जब दिया कुमारी से मंगलवार को वसुंधरा राजे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह उनका बहुत सम्मान करती है पहली बार संगठन में मंत्री उन्हें वसुंधरा राजे ने ही बनाया था. साथ ही विधायक बनने के पीछे भी दीया कुमारी ने वसुंधरा राजे को श्रेय दिया. उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर पार्टी के गलियारों में चल रही चर्चाओ को सिरे से खारिज किया. नई जिम्मेदारी मिलने पर जेपी नड्डा सतीश पूनियां व चंद्रशेखर का खास आभार जताया.

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हम राम के वंशज है हमारे लिए यह गर्व की बात:
इस दौरान उन्होंने प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्र शेखर से भी मुलाकात की और  आभार जताया. पूनिया और चंद्रशेखर ने उन्हें नई जिम्मेदारी की बधाई और शुभकामनाएं दी. दिया कुमारी ने कहा की पार्टी ने मुझे जो इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है. मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगी जितना भी मुझे पार्टी की और काम दिया जाएगा उसको पूरी तरह से निभाउंगी. वहीं दीया कुमारी ने राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर कहा की हम राम के वंशज है हमारे लिए यह गर्व की बात है की पांच सौ साल बाद राम मंदिर बनेगा.

अभयारण्यों की बुरी स्थिति को लेकर नाराजगी भी जताई:
कल देश में एतिहासिक काम होने जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी प्रहार करते हुए कहा कि सरकार ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है और प्रदेश की जो वर्तमान में स्थिति है वह जनता के सामने है साथ ही उन्होंने कहा कि 2 दिनों में बाघों की मौत होने को लेकर वह प्रकाश जावड़ेकर से बातचीत करेंगे और उन्हें पत्र भी लिखेंगी. प्रदेश के अभयारण्यों की बुरी स्थिति को लेकर नाराजगी भी जताई. दीया कुमारी ने कहा है कि अब वह समयबद्ध रूप से पार्टी कार्यालय आती रहेंगी. प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के लिहाज से संगठन में सतत मेहनत और परिश्रम करेंगे. दीया कुमारी से संवाददाता ऐश्वर्य प्रधान ने खास बातचीत की .

स्वास्थ्य भवन में कोरोना का बड़ा विस्फोट! करीब 24 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव

स्वास्थ्य भवन में कोरोना का बड़ा विस्फोट! करीब 24 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. मंगलवार को जयपुर के स्वास्थ्य भवन में कोरोना का बड़ा विस्फोट हुआ है. करीब 24 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य भवन में हड़कंप मच गया है. दो दिन पहले एक चिकित्सक और एक स्टाफ पॉजिटिव आया था. ऐहतियातन चिकित्सा विभाग की टीम ने निदेशालय से सैम्पल उठाए हैं. 

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विभागीय टीमों ने दिनभर में 250 से अधिक कोरोना सैम्पल उठाए:
मंगलवार शाम को आई रिपोर्ट में 14 अधिकारी-कर्मचारी पॉजिटिव पाये गए. इससे पहले सुबह की रिपोर्ट में 8-9 कार्मिकों में कोरोना की पुष्टि हुई.चिंता की बात यह, कोरोना मॉनिटरिंग सेल के कार्मिक भी जद में आए. IDSP सेल में अतिरिक्त निदेशक से लेकर आधा दर्जन स्टाफ पॉजिटिव पाया गया. विभागीय टीमों ने दिनभर में 250 से अधिक कोरोना सैम्पल उठाए हैं. उधर,चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में भी एक कार्मिक पॉजिटिव आया.

बागी विधायकों के खिलाफ राजद्रोह केस से पीछे हटी सरकार, आरोपी विधायकों के वॉयस सैंपल लेने से भी किया इनकार

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जयपुर: कांग्रेस के बागी विधायकों के खिलाफ विधायक खरीद फरोख्त और सरकार को गिराने की साजिश में एसओजी के तहत दर्ज किया गया राजद्रोह का केस सरकार वापस लेने जा रही है.मामले के आरोपी संजय जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एसओजी ने सीजेएम कोर्ट में कहा कि इस मामले में उनकी जांच में राजद्रोह का केस नहीं बनता है.केवल भष्ट्राचार निवारण अधिनियम की धारा 8-12 का ही अपराध बनता है ऐसे में एसओजी में दर्ज तीनों एफआईआर को एसीबी कोर्ट को भेज दिया जाये.इसके साथ ही एसओजी ने मामले की जांच के लिए भंवरलाल शर्मा और गजेन्द्रसिंह की आवाज के नमूनों की जांच की जरूरत से भी इनकार किया है.

खरीद-फरोख्त मामले में राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला:
विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बागी विधायक भंवर लाल शर्मा पर दर्ज राजद्रोह के मुकदमे को वापस लेना तय किया है.इसके साथ ही सीजेएम कोर्ट में सरकार ने यह भी कहा है कि वह कांग्रेस से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा, विश्वेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की आवाज की जांच नहीं करना चाहती है.गौरतलब है पहले एसओजी ने आडियो टेप के आधार पर इनके वॉयस सैंपल की मांग की थी.

हाईकोर्ट में भी सरकार ने कहा नहीं बनता राजद्रोह का केस:
निचली अदालत के साथ राजस्थान हाई कोर्ट में भी सरकार ने भवंरलाल शर्मा की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा कि अब इस मामले में राजद्रोह का केस नहीं बनता है इसलिए मामले को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी को सौपना चाहते है.चुकि अब इस मामले को लेकर दायर याचिकाए सारहीन हो गई है इसलिए विधायक भवंरलाल शर्मा की याचिकाओं को खारिज किया जाये.

दो याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई:
कांग्रेस से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा की ओर से दायर दो याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.सुनवाई के दौरान शर्मा की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और एस एस होरा ने पैरवी करते हुए कहा कि.राजस्थान सरकार ने गलत तरीके से उन्हें फंसा कर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है, लिहाजा इस मामले की जांच एनआईए से कराई जाए.वहीं राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लुथरा और एडवोकेट अनिल उपमन ने अदालत को बताया कि विधायक भवंरलाल शर्मा की याचिकाए सारहीन हो गई है क्योंकि इस मामले में एसओजी की जाचं में राजद्रोह का केस बनना नही पाया है और निचली अदालत में सभी पत्रावली को एसओजी से एसीबी में ट्रांसफर के लिए प्रार्थना कि गई है.सरकार ने कहा कि हम राजद्रोह का मुकदमा आगे नहीं चलाना चाहते हैं.बहस सुनने के बाद जस्टिस सतीश शर्मा की एकलपीठ ने विधायक भवंरलाल शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में दायर सभी चार याचिकाओं को एक साथ टैग कर 11 अगस्त को सुनवाई के लिए रखा है.

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क्या सता रहा है एनआईए का डर:
सरकार के राजद्रोह केस में यु टर्न के बाद माना जा रहा है कि सरकार को मामले में एनआईए की एन्ट्री का डर है.राजस्थान सरकार नही चाहती कि टेप कांड की जांच एसओजी से निकलकर एनआईए के पास चली जाए.क्योंकि राजद्रोह के केस में एनआईए भी जांच शुरू कर सकती है.ऐसे में पुरा मामला राज्य सरकार के हाथ से निकलकर केन्द्र सरकार के अधीन जा सकता है जिसके बाद स्थिती बदल सकती है. ऐसे में समय रहते सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए राजद्रोह के केस में बैकफुट आना ही उचित समझा.

या पिघल रही है बर्फ:
वहीं राजनैतिक हलकों में ये भी माना जा रहा है कि पिछले दो दिनों में कांग्रेस हाईकमान से मिले निर्देशों के बाद ही दोनों खेमों के बीच की जमी बर्फ पिघलने लगी है.इसे गहलोत खेमे और पायलट खेमे के बीच की दूरिया कम होने की ओर से शुरूआत माना जा रहा है.रविवार को दिये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.जब मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर बागी विधायक हाईकमान से माफी मांगते है तो मैं गले लगाने को तैयार हूं. उसके बाद सोमवार को मानेसर गई हुई एसओजी की तीनों टीमे भी वापस राजस्थान लौट आयी.इसके अगले ही दिन यानी आज सुबह निचली अदालत में एसओजी ने राजद्रोह का केस वापस लेने और वॉयस सैंपल की जरूरत नहीं होने की बात कहते हुए पुरा मामला एसीबी को ट्रांसफर करने की मांग की.दोपहर होते होते सरकार ने हाईकोर्ट में भी राजद्रोह केस नही बनने की बात कबूल की.कहा तो ये तक जा रहा है कि राजद्रोह का केस वापस लेने के बाद ही पायलट खेमे के कुछ विधायकों द्वारा गहलोत को सकारात्मक संदेश मिला है लेकिन बातचीत में मुख्य पेच राजद्रोह केस था.पायलट खेमे के विधायकों से संकेत मिलने के बाद बाद ही आनन फानन में एसओजी की टीम को वापस बुलाने के साथ ही अदालत से भी राजद्रोह का केस वापस लेने की बात कही गई. इस पूरे मामले में एक अधिवक्ता की भी अहम भूमिका समझी जा रही है. 

ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला ने समझा किसानों का दर्द! कुसुम योजना के सफल किसानों को लेकर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र

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जयपुर: कुसुम योजना के सफल किसानों को बैंक से लोन लेने में आ रही दिक्कतों को लेकर ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने केन्द्रीय ऊर्जा तथा नवी एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर. के. सिंह को पत्र लिखा है.कल्ला ने पत्र के जरिए राजस्थान में कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए में सफल किसानों को सोलर प्रोजेक्ट्स के इंस्टालेशन के लिए बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से लोन दिलाने के मामले में दखल देने का आग्रह किया है.उन्होंने प्रदेश में इस योजना में सफल किसानों को लोन लेने में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों की ओर केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए इस सम्बंध में केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से बैंकों या वित्तीय संस्थानों को आवश्यक गाइडलाइंस एवं निर्देश जारी कराने को कहा है.

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किसानों ने सोलर प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए बढ़-चढ़कर दिखाई रुचि:
डॉ. कल्ला ने बताया कि राज्य सरकार के विशेष प्रयासों के कारण कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए के प्रथम फेज में पूरे प्रदेश में किसानों ने सोलर प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए बढ़-चढ़कर रुचि दिखाई हैं.राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 623 सफल किसानों के साथ 722 मेगावाट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए अनुबंध (एलओए-लैटर आफ इंटेंट) पर हस्ताक्षर किए गए हैं.इस प्रकार राजस्थान पूरे देश में ऎसा पहला राज्य बन गया है, जहां पर किसानों के साथ अधिकतम क्षमता के सोलर प्लांट्स के लिए करार हुए है.ऊर्जा मंत्री डॉ. कल्ला ने केन्द्रीय मंत्री को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि एक मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट की स्थापना के लिए 3.5 करोड़ से लेकर 4 करोड़ रुपये की लागत आती है.

बिना सिक्योरिटी के लोन देने के लिए ज्यादातर बैंक कर रहे इनकार:
ऎसे में प्रदेश के कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए में सफल किसानों को अफोर्डेबल ब्याज दरों तथा बिना सिक्योरिटी के लोन देने के लिए ज्यादातर बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा मना किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए में सफल किसान लोन के लिए सिक्योरिटी जमा कराने की स्थिति में नहीं है.डॉ. कल्ला ने केन्द्रीय मंत्री को प्रदेश के इन किसानों की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अन्य प्रदेश में भी कुसुम योजना के इस कम्पोनेंट के तहत सफल किसानों को भी निश्चित तौर पर ऎसी ही कठिनाइयों को सामना करना पड़ रहा होगा.

कल्ला ने इस पूरे मामले में केन्द्र से दखल देने का किया आग्रह:
ऎसे में इस समस्या के समाधान के लिए केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय को दखल देते हुए इस मुद्दे पर केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के स्तर पर विमर्श करने तथा वहां से रिजर्व बैंक के जरिए बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों, नाबार्ड, पॉवर फाईनेंस कॉरपोरेशन एवं आरईसी-रूरल इलैक्टि्रफिकेशन कॉरपोरेशन आदि को गाइडलाइंस एवं आवश्यक निर्देश जारी कराने का आग्रह किया है.उन्होंने उम्मीद जताई है कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय के दखल के बाद इस मुद्दे में प्रदेश के किसानों के हित में सकारात्मक एवं वांछित कार्यवाही होगी और इससे राजस्थान में कुसुम योजना के इस घटक को धरातल पर लागू करने में आसानी होगी.

प्रदेश की जेलों में शराब, मादक पदार्थ और मोबाइल मिलने का मामला: जेल डीजी को हाईकोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश

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जयपुर: प्रदेश की जेलों में लगातार कैदियों के पास अवैध तरीके से शराब, अफीम और अन्य नशिली पदार्थो के साथ मोबाईल मिलने की घटनाओं पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के जेल डीजी को 31 अगस्त को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए है.

सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी, जयपुर के शिशिर गुप्ता ने हासिल की 50वीं रैंक

मीडिया पर आए दिन इन घटनाओं का जिक्र:
स्वप्रेरणा प्रसंज्ञान से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग और बार बाद निर्देश देने के बावजूद लगातार जेलों से मोबाइल और अन्य सामग्री मिलने की घटनाए हो रही है.टीवी और मीडिया पर आए दिन इन घटनाओं का जिक्र किया जाता है जो कि बिना किसी की मदद के अंदर ले जाना संभव नहीं है.

जेल डीजी को स्पष्टीकरण पेश करने के आदेश:
हाईकोर्ट ने इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशो की पालना को लेकर राज्य के जेल डीजी को स्पष्टीकरण पेश करने के आदेश दिये है.अदालत ने कहा कि जेल डीजी 31 अगस्त को व्यक्तिगत पेश होकर बताए कि आखिर ये घटनाए क्यों नही रोकी जा रही.

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सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी, जयपुर के शिशिर गुप्ता ने हासिल की 50वीं रैंक

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जयपुर: सिविल सेवा परीक्षा का मंगलवार को अंतिम परिणाम जारी किया गया. परिणाम में राजधानी जयपुर के शिशिर गुप्ता ने 50वीं रैंक हासिल कर ना सिर्फ जयपुर का साथ ही अपने माता-पिता और गुरुजनों का भी मान बढाया. बचपन से ही आईएएस बनने के सपना देखने वाले शिशिर गुप्ता का ये चौथा प्रयास था और दूसरे प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचे शिशिर को सफलता नहीं मिली थी,लेकिन शिशिर ने हिम्मत नहीं हारी.

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ट्विटर ने दिया पढ़ाई में बहुत सहयोग:
चौथे प्रयास में शिशिर गुप्ता ने 50वीं रैंक हासिल की.सफलता के बाद शिशिर गुप्ता ने बताया की बचपन से ही आईएएस बनने का सपना देखा. तीन बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी थी. जिसका परिणाम है कि आज सफलता प्राप्त हुई है.सफलता में माता-पिता और गुरुजन के साथ ही मेरे दोस्तों का भी बड़ा सहयोग रहा है. जब तैयारी कर रहा था तब फेसबुक को तो डिलीट कर दिया था, लेकिन ट्विटर ने पढ़ाई में बहुत सहयोग दिया.

आईएएस बनना गर्व की बात:
इसके साथ ही प्रतिदिन न्यूज देखने और पढ़ने का भी काफी लाभ मिला.बेटे की सफलता के बाद फूले नहीं समा रहे शिशिर के माता-पिता जो पेशे से शिक्षक हैं का कहना है कि शिशिर पढ़ाई में बचपन से ही होशियार था. साथ ही पढ़ाई को लेकर कभी कोई समझौता नहीं किया.इसके साथ ही हमारे पूरे परिवार में कोई आईएएस बना है जो गर्व की बात है

Rajasthan Political Crisis: बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर की हाईकोर्ट में अपील, कल होगी सुनवाई

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जयपुर: बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ के 30 जुलाई के आदेश को अब खण्डपीठ में चुनौती दी गई है.अपील पेश करने के साथ बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर के अधिवक्ताओं की ओर से शीघ्र सुनवाई की अर्जी भी पेश कि गई है. हाईकोर्ट ने दोनो ही अपीलों पर शीघ्र सुनवाई की अर्जी मंजूर करते हुए बुधवार को सुनवाई के लिए रखा है.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ बुधवार को इन अपीलों पर सुनवाई करेगी.

विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं दी:
बहुजन समाज पार्टी और भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से अपील पेश कर विलय को रद्द करने की भी गुहार लगाई गई है.अपील में कहा गया है कि एकलपीठ ने उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नही दी है.विधानसभा अध्यक्ष सचिव और बसपा विधायको को केवल नोटिस ही जारी किये गये है.जबकि वर्तमान हालात में बसपा के सभी 6 विधायक जैसलमेर की एक होटल में है और उन्हे नोटिस सर्व कराना आसान नही है.उनके परिजन भी नोटिस प्राप्त कर रहे है. गौरतलब है कि 30 जुलाई को जस्टिस महेन्द्र गोयल की एकलपीठ ने मदन दिलावर और बसपा की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है.लेकिन एकलपीठ ने बसपा विधायको के कांग्रेस में विलय पर कोई अंतरिम राहत नही दी.

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क्या है मामला:
18 सितंबर 2019 को बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के आदेश जारी हुए थे.जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भाजपा विधायक मदन दिलावर ने 16 मार्च2020 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई.इस शिकायत में बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देते हुए रद्द करने की मांग की गई.4 माह तक जब शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो 17 जुलाई को पुन: विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस पर भी कोई कार्यवाही नही करने पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. याचिका की सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जानकारी दी गई कि 24 जुलाई को ही शिकायत खारिज कर दी गई है.

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग:
विधानसभा अध्यक्ष के जवाब के आधार पर याचिका को सारहीन मानते हुए हाईकोर्ट ने मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया.लेकिन साथ ही मदन दिलावर को मामले में नई याचिका पेश करने की छूट दी. बाद में सशोधित याचिका पेश कर मदन दिलावर ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग की.बहुजन समाज पार्टी ने भी इसमें शामिल होते हुए अलग से याचिका दायर की.हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 जुलाई को दोनो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी किए.लेकिन बसपा विधायको के विलय को अमान्य घोषित करने के मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी.

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