बजट में रेल से जुड़ी 'उम्मीदें', क्या इस बार भी मिलेगा 5000 करोड़ का फंड !

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/29 11:28

जयपुर (काशीराम चौधरी)। पिछले दो वर्षों से रेल बजट पेश नहीं हो रहा है और इस बार भी आम बजट में ही रेलवे से जुड़ी घोषणाओं का समावेश होगा। बजट में रेलवे से जुड़े लोगों की उम्मीदें काफी हैं। पिछले सालों में रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए राजस्थान को बड़ा फंड मिलता रहा है, ऐसे में इस बार भी बड़ा फंड मिलने की उम्मीद रहेगी। जानिए, क्या हैं प्रदेशवासियों की रेलवे से जुड़ी उम्मीदें, एक विशेष रिपोर्ट-

वर्ष 2016 तक आम बजट के साथ ही रेल बजट अलग से पेश होता आया था। लेकिन पिछले दो वर्षों में रेल बजट अलग से लाने की परिपाटी समाप्त हो चुकी है। इसलिए इस बार भी रेल बजट पेश नहीं होगा, बल्कि रेलवे से जुड़ी घोषणाओं को आम बजट में ही समाहित किया जाएगा। वर्ष 2014 से अब तक पिछले 4 वर्षों में रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए राजस्थान को अच्छा फंड मिलता रहा है। इस बार भी रेलवे प्रशासन उम्मीद कर रहा है कि राजस्थान को अच्छा फंड बजट में मिलेगा, जिससे रेलवे के प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। दरअसल वर्तमान में प्रदेश की सबसे बड़ी जरूरत सभी रेल रूटों को दोहरीकरण करते हुए इनका विद्युतीकरण करना है। रेलवे प्रशासन ने पिछले रेल बजट में सभी रूट पर विद्युतीकरण कार्य मंजूर कर दिए थे और अगले चार साल में इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। दोहरीकृत रूटों को यदि विद्युतीकृत कर दिया जाएगा, तो न केवल ट्रेनों को बीच में हाल्ट करने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही विद्युतीकृत होने से पर्यावरण संरक्षण होगा, ट्रेनों की गति बढ़ेगी और ईंधन खर्च में भी बचत होगी। अभी प्रदेश में 3156 किमी रेल लाइनों को विद्युतीकृत किया जाना है, जिस पर करीब 3129 करोड़ रुपए लागत आएगी। कुल 17 रेलखंडों का विद्युतीकरण कार्य पिछले रेल बजट में स्वीकृत किया गया था।

उम्मीदें क्या ?

- इस बार 4 से 5 हजार करोड़ के फंड की उम्मीद
- फंड बड़ा मिलेगा तो दोहरीकरण कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे
- बांदीकुई से आगरा फोर्ट 150 किमी दोहरीकरण अटका हुआ
- डेगाना से राई का बाग 145 किमी दोहरीकरण भी अधर में
- धौलपुर-मथुरा के बीच 107 किमी लाइन का दोहरीकरण पूरा होना है
- जयपुर के खातीपुरा स्टेशन का 79 करोड़ की लागत से विकास होना है, फंड जरूरी
- जैसलमेर से भभ्भर के लिए 339 किमी की नई रेल लाइन अटकी हुई
- जयपुर-सवाईमाधोपुर-रींगस 188 किमी का विद्युतीकरण पूरा हो
- बांदीकुई-भरतपुर 97 किमी ट्रैक का विद्युतीकरण अटका हुआ
- अजमेर से टोंक होकर सवाईमाधोपुर तक, 165 किमी लंबी रेल लाइन शुरू नहीं
- रतलाम से बांसवाड़ा होकर डूंगरपुर तक 176  किमी रेल लाइन अटकी हुई
- उम्मीद इसलिए भी कि बजट 2018 में रेल के लिए राज्य को मिले 4533 करोड़ रुपए
- बजट 2017 में रेल विकास के लिए मिले 3495 करोड़ रुपए

एक तरफ रेलवे प्रशासन जहां उम्मीद कर रहा है कि रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ा फंड मिलेगा, वहीं आम यात्रियों की उम्मीदें इस बार भी ट्रेनों के बेहतर संचालन और स्टेशनों पर सुविधाओं को लेकर हैं। रेलवे यात्रियों की उम्मीद है कि स्टेशन स्वच्छ रहे, बैठने को पर्याप्त स्थल मिले, उचित दरों पर उच्च गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ मिल सकें और ट्रेनों में सुविधाएं मिल सकें। रेलवे प्रशासन आमजन से जुड़ी सुविधाओं में लगातार सुधार करता रहा है। यात्रियों की यह उम्मीद भी सबसे ज्यादा रहती है कि ट्रेनें लेट नहीं हों। ट्रेनों का समय पर संचालन भी रेलवे प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती है। चूंकि इस बार देशभर में आम चुनाव होने हैं, ऐसे में इस बात की संभावना बहुत कम है कि किराए में बढ़ोतरी होगी। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली, महाराष्ट्र में संचालित की जा रही हाईटेक ट्रेनें प्रदेश में भी संचालित हो सकें।

रेल कर्मचारियों की उम्मीदें ये

- रेल कर्मचारियों की उम्मीद है कि न्यू पेंशन स्कीम खत्म हो, पुरानी पेंशन स्कीम लागू हो
- इन्कम टैक्स में छूट का दायरा 5 लाख तक करने की मांग का मांग पत्र सौंपा
- रेलवे के सभी केन्द्रीय अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएं
- न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में सुधार की मांग भी कर रहे रेल कर्मचारी

रेलयात्री जो चाहते हैं

- गतिमान एक्सप्रेस जैसी हाई स्पीड ट्रेन जयपुर से भी चले
- तेजस एक्सप्रेस जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं युक्त ट्रेन का संचालन हो
- दिल्ली और अहमदाबाद रूट पर 120 से 150 किमी प्रति घंटे गति की ट्रेनें चलें
- ट्रेनों के कोच में विमानों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलें
- खान-पान ऑनलाइन ऑर्डर पर मिले, किफायती और गुणवत्ता युक्त हो

उत्तर-पश्चिम रेलवे पर मानव रहित क्रॉसिंग्स अब लगभग समाप्त हो चुके हैं और ज्यादातर फाटकों को ओवरब्रिज या अंडरब्रिज में तब्दील किया जा रहा है, इससे रेल हादसे रोकने में मदद मिलेगी। वहीं शेखावाटी में मीटरगेज को ब्रॉडगेज में बदलने का आमान परिवर्तन कार्य भी लगभग अंतिम चरण में है। दोहरीकरण और विद्युतीकरण के प्रोजेक्ट भी अब प्रदेश में तेज गति से पूरे किए जा रहे हैं। कुलमिलाकर यदि इस बार बजट में रेलवे को अच्छा फंड मिला तो न केवल प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ सकेगी, साथ ही रेलवे प्रशासन आम यात्रियों को स्टेशनों पर और ट्रेनों में बेहतर सुविधाएं देने के भी प्रयास करेगा।
 

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