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हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने किया फेसबुक लाइव, 38 मिनट तक आमजन के सवालों के जवाब दिए, सुझाव पूछे

 हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने किया फेसबुक लाइव, 38 मिनट तक आमजन के सवालों के जवाब दिए, सुझाव पूछे

जयपुर: हाउसिंग बोर्ड की आवासीय योजनाओं से जुड़ी आमजन की जिज्ञासाओं को लेकर कमिश्नर पवन अरोड़ा आज उनसे सीधे जुड़े. पवन अरोड़ा ने हाउसिंग बोर्ड के ऑफिशियल पेज पर फेसबुक लाइव किया. लोगों ने उनसे हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं को लेकर कई तरह के सवाल पूछे, अरोड़ा ने एक-एक कर अधिकांश लाेगों के सवालों के जवाब दिए, साथ ही हाउसिंग बोर्ड की आगामी योजनाओं के बारे में भी बताया. पिछले एक साल से आवासों की बिक्री के मामले मे 2 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर पवन अरोड़ा ने आज आमजन से सीधी बातचीत की. हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा 38 मिनट तक फेसबुक पर लाइव रहे. उद्देश्य यही था कि लोगों के हाउसिंग बोर्ड के आवासों और व्यावसायिक सम्पत्तियों को लेकर सवालों के सीधे जवाब दिए जाएं. उनके मन में कोई शंका हो तो उसका समाधान किया जाए और कमिश्नर पवन अरोड़ा की यह पहल पहली बार में ही जबरदस्त हिट हुई.

धैर्यपूर्वक एक-एक सवाल का दिया जवाब:
मात्र 38 मिनट में 268 लोग उनसे फेसबुक पर जुड़े और अपने सवाल उनके सामने रखे. अरोड़ा ने धैर्यपूर्वक एक-एक सवाल का जवाब दिया, लोगों की जिज्ञासाओं को शांत किया और उनके सुझावों को नोट कर अमल में लाने का आश्वासन भी दिया. पवन अरोड़ा ने बताया कि आज सोशल मीडिया आमजन से जुड़ने का सशक्त माध्यम है, इसलिए उन्होंने इसकी पहल की. आपको बता दें कि हाउसिंग बोर्ड सम्पत्तियों की नीलामी के मामले में 2 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है. हाल ही हाउसिंग बोर्ड ने अपने नवंबर 2019 के बनाए पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा है, जिसके तहत मात्र 12 दिन में 1213 सम्पत्तियों की बिक्री कर 178 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है.

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हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा के फेसबुक लाइव की बड़ी बातें
- 3 दिन बाद शुरू होने जा रहे ई-ऑक्शन को लेकर लोगों ने सवाल पूछे
- 13 से 30 जुलाई तक व्यावसायिक सम्पत्तियों का ई-ऑक्शन करेगा हाउसिंग बोर्ड
- ई-ऑक्शन के लिए अभी से दो दर्जन से ज्यादा पंजीयन हो चुके हैं
- भुगतान की शर्तें आसान की गई, इसलिए लोगों के लिए सम्पत्ति खरीदना सहज हुआ
- अब कुल राशि की 50 प्रतिशत जमा करने के लिए 1 साल तक का समय मिलता है
- मात्र 10 प्रतिशत राशि देकर अपना आवास खरीद सकते हैं
- मानसरोवर सिटी पार्क में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा
- यहां कोचिंग हब बनाने को लेकर लोगों ने जिज्ञासा दिखाई है
- टेक्नोलॉजी पार्क में इंदिरा महिला शक्ति केन्द्र बनाए जाने की पहल की जा रही

हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं में अब बढ़ रही है जनभागीदारी:
हाउसिंग बोर्ड के पिछले 1 साल में उत्थान का राज क्या है, इस तरह के सवाल जब हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर से पूछे गए तो उन्होंने सहजता से कहा कि इसके पीछे हाउसिंग बोर्ड की टीम का जोश है. हाउसिंग बोर्ड में पिछले 10 वर्षों से अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नतियां नहीं हो सकी थी. हमने उन्हें प्राथमिकता के आधार पर किया है. बाबू से लेकर चीफ इंजीनियर तक की पदोन्नतियां की गई हैं. लिहाजा पूरे हाउसिंग बोर्ड में अधिकारियों-कर्मचारियों में खुशी है और वो दुगुने जोश के साथ काम कर रहे हैं. अरोड़ा बोले कि हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं में अब जनभागीदारी बढ़ रही है.

अब यह नहीं होगा कि मकान बनाएं और बिकें नहीं
- हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने बताया कि अब यह समस्या नहीं होगी
- अब जनता की मांग के आधार पर मकान बनाए जा रहे हैं
- शिक्षकों के लिए उनकी मांग के आधार पर योजना लॉन्च की गई
- अब उन्हीं लोगों से किश्तों में पैसा लेकर मकान बनाकर हम दे रहे हैं
- शिक्षक आवास योजना के मकान बनाकर जल्द उनको सुपुर्द कर देंगे
- हाउसिंग बोर्ड अब कर्मचारियों के लिए नई आवासीय योजना लॉन्च करेगा
- इसकी लॉन्चिंग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों कराई जाएगी

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हाउसिंग बोर्ड बना रहा है नए रिकॉर्ड:
एक तरफ जहां बुधवार नीलामी उत्सव, किश्तों में आवास योजना के जरिए हाउसिंग बोर्ड नए रिकॉर्ड बना रहा है, वहीं अब 13 जुलाई से शुरू होने जा रहे व्यावसायिक सम्पत्तियों के ई-ऑक्शन में हाउसिंग बोर्ड को बड़े स्तर पर बिक्री और राजस्व संग्रहण की उम्मीद है. इसी दिशा में कमिश्नर पवन अरोड़ा ने आमजन से सीधे जुड़ने की पहल की है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि हाउसिंग बोर्ड त्यौहारी सीजन के समय में अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ नए रिकॉर्ड कायम करेगा और आमजन के आवास का सपना भी पूरा होगा.

...सहयोगी शिवेन्द्र परमार के साथ काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

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जयपुर: बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर अब एक ओर याचिका राजस्थान हाईकोर्ट में दायर की गई है. एडवोकेट हेमंत नाहटा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए बसपा के सभी 6 विधायकों को राजस्थान विधानसभा परिसर में प्रवेश देने पर ही रोक लगाने की मांग की है.

सभी दस्तावेजों को अमान्य घोषित करने की मांग:
याचिका में बसपा के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को रद्द करने, विधानसभा अध्यक्ष के 18 सितंबर 2019 के आदेश को अपास्त करने, बसपा के सभी 6 विधायकों को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने और बसपा से कांग्रेस में विलय से जुड़े सभी दस्तावेजों को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है.

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दायर ट्रांसफर पिटीशन पर कल होगी सुनवाई:
याचिका में कहा गया कि विधानसभा चुनावों के बाद 12 दिसंबर 2018 को जारी किये गये गजट नोटिफिकेशन के अनुसार बनी दलो की स्थिती को पुन: बहाल किया जाए. गौरतलब है कि इस मामले में जुड़ी बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में कल सुनवाई होगी.वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी मदन दिलावर की एसएलपी और बसपा विधायकों की ओर से दायर ट्रांसफर पीटीशन पर भी कल ही सुनवाई है.

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राहुल-पायलट मुलाकात प्रकरण पर बड़ा अपडेट! जानकार सूत्रों ने दिए संकेत

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई है. इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात जारी है. 

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तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात: 
मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

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गहलोत गुट के विधायकों ने की थी एक्शन की मांग:
इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

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नई दिल्ली: राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले राजस्थान सियासी घटनाक्रम पर बड़ा अपडेट सामने आया है. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की है. तीनों के बीच दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया से मिलने पहुंचे. अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात जारी हैं.

मांगों पर नहीं बनी सहमति:
पायलट की तीनों के साथ दो घंटे तक हुई विभिन्न मसलों पर चर्चा हुईं. जानकार सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई हैं कि बैठक में सचिन पायलट ने कुछ मांगें रखी, लेकिन फिलहाल पायलट की रखी गई मांगों पर सहमति नहीं बनी हैं. अब तीन सदस्यीय कमेटी इस पर फैसला लेगी. 

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14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा सत्र:
आपको बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र चलेगा. उससे पहले सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. इससे पहले भी जब सचिन पायलट ने बगावत की थी, तब प्रियंका गांधी वाड्रा से उनकी कई बार फोन पर बात हुई थी और उन्होंने मसला सुलझाने की कोशिश की थी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सचिन पायलट के साथ करीब 22 विधायक थे. राज्य सरकार ने उनपर सरकार गिराने का आरोप लगाया था और राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था. जिससे सचिन पायलट खासा नाराज हुए थे, उनकी बगावत के बाद ही कांग्रेस ने सचिन से उपमुख्यमंत्री-प्रदेश अध्यक्ष का पद छीन लिया था.

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जयपुर: बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती देने वाली बसपा और भाजपा विधायक की याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में कल सुनवाई होगी. हाईकोर्ट में सुनवाई से पूर्व अब कांग्रेस की ओर मामले में पक्षकार बनने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया गया है. प्रार्थना पत्र में राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और मुख्य सचेतक महेश जोशी को पक्षकार बनाने की गुहार लगायी गयी है. 

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एडवोकेट वरूण के चौपड़ा और शाश्वत पुरोहित के जरिए पेश किये गये प्रार्थना पत्र में कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि चुकि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष ने 18 सिंतबर 2019 को एक आदेश के जरिए बसपा के सभी 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय कर दिया है. इसलिए अब ये सभी 6 विधायक बसपा के नही होकर राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के विधायक है. 

सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है 6 बसपा विधायक: 
याचिका में कहा गया है कि बसपा की ओर से दायर याचिका में इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने और वोटिंग अधिकार पर रोक लगाने की गुहार की गयी है. अगर हाईकोर्ट ऐसा आदेश देता है तो वर्तमान सरकार के लिए मुश्किल होगा. इससे कांग्रेस और मुख्य सचेतक के हित प्रभावित होते हैं. ये विधायक कांग्रेस की वर्तमान सरकार का सबसे मजबूत पक्ष है. राज्य की सरकार के लिए ये सभी 6 विधायक बेहद महत्वपूर्ण और प्रमुख सदस्य है. इसलिए इस मामले में कोई भी आदेश देने से पूर्व कांग्रेस और मुख्य सचेतक का पक्ष भी सुना जाये. 

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विधानसभा अध्यक्ष के 18 सिंतबर 2019 के चुनौती दी गयी: 
याचिका में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष के 18 सिंतबर 2019 के चुनौती दी गयी है. अध्यक्ष का ये आदेश इंडियन नेशनल कांग्रेस को प्रभावित करता है. इसलिए कांग्रेस और मुख्य सचेतका का भी पक्ष सुना जाये. बसपा की ओर से दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ कल सुनवाई करेगी. सुनवाई से एक दिन पूर्व कांग्रेस ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की ओर से ये अर्जी पेश की है. इसके साथ ही मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से भी मामले में पक्षकार बनने की अर्जी पेश की है. 

Rajasthan Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट में अब कल होगी सुनवाई, भाजपा और बसपा विधायकों की ट्रांसफर याचिकाओं पर एक साथ होगी सुनवाई

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जयपुर: बसपा के 6 विधायको के कांग्रेस में विलय मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट भाजपा विधायक की एसएलपी के साथ ही बसपा विधायकों की ट्रांसफर पीटीशन पर एकसाथ सुनवाई करेगा. जस्टिस अरूण मिश्रा, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्णमुरारी की तीन सदस्य बैंच में भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिलावर के वकील हरीश साल्वे ने बसपा विधायको की ओर से दायर ट्रांसफर पीटीशन का जिक्र किया. जिस पर अदालत ने दोनों ही याचिकाओं पर मंगलवार को एक साथ सुनवाई करने के निर्देश दिये है. 

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भाजपा विधायक मदन दिलावर ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने अदालत को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी शिकायत को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया है. जबकि बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय असंवैधानिक है क्योकि खुद बसपा की ओर से कहा गया है कि उसने कांग्रेस में विलय की अनुमति नहीं दी है. सुप्रीम कोर्ट में मदन दिलावर की ओर से दायर याचिका में बसपा विधायकों की विधानसभा में वोटिंग पर रोक की मांग की है. बसपा के 6 विधायकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिका दाखिल कर राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित मामले को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है. बसपा विधायकों की ट्रांसफर पीटीशन पर भी अब सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा. 

राजस्थान हाईकोर्ट में भी सुनवाई कल: 
बीजेपी विधायक मदन दिलावर और बसपा की ओर से दायर याचिका पर भी राजस्थान हाई कोर्ट में कल सुनवाई होगी. बसपा और दिलावर ने याचिका दायर कर बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय असंवैधानिक बताया है. जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 30 जुलाई को आदेश देते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा विधायको को नोटिस जारी किये थे. 

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एकलपीठ के आदेश के खिलाफ बसपा और दिलावर की ओर से अपील दायर कि गयी थी. जिस पर मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने 6 अगस्त को आदेश देते हुए बसपा विधायको को नोटिस तामिल कराने की व्यवस्था की थी. इसके साथ ही एकलपीठ को मामले की सुनवाई कर उसी दिन फैसला करने को कहा था. पीठ ने कहा कि एकल पीठ 11 अगस्त को भाजपा और बसपा की अपील पर सुनवाई करेगी. कल ही अब इस मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट ने कोई निर्देश जारी नही किये है. ऐसे में हाईकोर्ट मामले पर सुनवाई कर सकता है. 

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जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में सियासी संकट मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. सीएम गहलोत से मिलने करीब 20 विधायक पहुंचे. इससे पहले शनिवार को सीएम गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.

करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. वहीं एसओजी के अधिकारियों के भी पहुंचे की चर्चा है.

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शनिवार को भी इन मंत्रियों और विधायकों ने की सीएम से मुलाकात: 
राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार गिराने की साजिश के खुलासे के बाद राजस्थान सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. मुख्यमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में एक दर्जन मंत्री और एक दर्जन विधायक मौजूद रहे. बसपा से आए 6 में से 4 विधायक और आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय विधायक सीएम से मिले. मुख्यमंत्री से करने वालों में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, श्रम मंत्री टीकाराम जूली, महिला बाल विकास विभाग मंत्री ममता भूपेश, खेल मंत्री अशोक चांदना, मुख्य सचेतक महेश जोशी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी शामिल रहे. 

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 6 मरीजों की मौत हो गई है. जबकि 574 नए पॉजिटिव मरीज सामने आये है. प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 5 हजार 376 है. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 23 हजार 748 पहुंच गई है. वहीं अब तक कोरोना की चपेट में आने से 503 मरीजों की मौत हो गई है. प्रदेश में 17 हजार 869 मरीज कोरोना से रिकवर्ड हो गए है. 

सबसे अधिक 105 केस बीकानेर में दर्ज:
बीकानेर में शनिवार को सबसे ज्यादा 105 मरीज सामने आये है. जबकि इन जिलों में नए केस दर्ज किए गए है, अजमेर 7, अलवर 45, बांसवाड़ा 2, बारां 2, बाड़मेर 30,भरतपुर 24, भीलवाड़ा 5, बीकानेर 105, चूरू 8, दौसा 3, धौलपुर 2, डूंगरपुर 7, गंगानगर 1, हनुमानगढ़ 4, जयपुर 53, जालौर 45, झुंझुनूं 4, जोधपुर 81, करौली 3, कोटा 1, नागौर 28, पाली 23, प्रतापगढ़ 3, राजसमंद 14, सवाईमाधोपुर 8, सीकर 8,सिरोही 18,टोंक 1, उदयपुर 36, वहीं अन्य राज्य से 3 केस सामने आये है. 

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शुक्रवार को आये थे 611 मरीज:
प्रदेश में शुक्रवार को 6 मरीजों की मौत हो गई थी. जबकि 611 नए पॉजिटिव केस सामने आये थे. बीकानेर में 3, अजमेर,भरतपुर व सवाई माधोपुर में 1-1 मरीजों की मौत हो गई. प्रदेश के अलवर जिले में सर्वाधिक 126 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. अजमेर- 36, बाड़मेर- 49, भरतपुर- 25, बीकानेर- 35, बूंदी- 2 पॉजिटिव, चित्तौडगढ़- 2, चूरू- 15,धौलपुर- 9, डूंगरपुर- 2, श्रीगंगानगर- 4 पॉजिटिव, हनुमानगढ़- 13, जयपुर- 46, जालोर- 5, झालावाड़- 1, झुंझुनूं- 7 पॉजिटिव, जोधपुर- 114,करौली- 6, कोटा- 7, नागौर- 12, पाली- 71, राजसमंद- 4 पॉजिटिव, सवाईमाधोपुर- 3, सीकर- 8, सिरोही- 5,  टोंक- 1, उदयपुर- 3 पॉजिटिव मरीज मिले है. राजस्थान में कोरोना की वजह से अब तक 497 मरीजों की मौत हो गई. जबकि कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 23 हजार 174 पहुंच गई.

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नई दिल्ली: साल 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण आज खत्म हो गया है. यह चंद्रग्रहण रविवार को भारत समयानुसार सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर लगा था. रविवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण था. जानकारी के मुताबिक जब पृथ्वी, सूरज और चांद के बीच तो आती है लेकिन तीनों सीधी रेखा में नहीं होते और ऐसे में पृथ्वी अपने बाहरी हिस्से से ही सूरज की रोशनी को चांद तक पहुंचने से रोक पाती है, जिसे पेनंब्र कहा जाता है. 

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भारत में नहीं दिखा चन्द्र ग्रहण:
इस कारण से वर्ष 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण है. हालांकि, इस बार यह चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आया. इस ग्रहण को दक्षिणी/ पश्चिमी यूरोप, अफ्रीका के अधिकतर हिस्से, उत्तरी अमेरिका के अधिकतर हिस्से, दक्षिणी अमेरिका, भारतीय महासार और अंटार्टिका में देखा गया. 

साल का तीसरा चन्द्र ग्रहण:
उल्लेखनीय है कि इस साल 6 ग्रहण लगने वाले हैं. इनमें 4 चंद्र गहण और 2 सूर्य ग्रहण है. साल का पहला चन्द्र ग्रहण जनवरी में लगा था. दूसरा 5 जून लगा था, यह भी चंद्र गहण था. इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगा. चौथा ग्रहण आज लगने वाला है. पांचवा ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा,जो चंद्रग्रहण होगा. छठा ग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा, जो सूर्यग्रहण होगा. यह भारत में नहीं दिखेगा.

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