कोरोना की तीसरी लहर के लिए बच्चे कैसे हो तैयार, क्या सरकार ने बना ली है अपनी योजना, Digital Baal Mela पर बताएंगे स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग, बच्चों का डर खत्म कर देंगे हर सवाल का जवाब

कोरोना की तीसरी लहर के लिए बच्चे कैसे हो तैयार, क्या सरकार ने बना ली है अपनी योजना, Digital Baal Mela पर बताएंगे स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग, बच्चों का डर खत्म कर देंगे हर सवाल का जवाब

कोरोना की तीसरी लहर के लिए बच्चे कैसे हो तैयार, क्या सरकार ने बना ली है अपनी योजना, Digital Baal Mela पर बताएंगे स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग, बच्चों का डर खत्म कर देंगे हर सवाल का जवाब

जयपुर: कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक!! जब से कोरोना की पहली और दूसरी लहर का अंत होता जा रहा है देशभर में तीसरी लहर को लेकर आशंकाए जोरों पर है. इस लहर में बच्चों के नुकसान को लेकर भी काफी चर्चा है. ऐसे में माता—पिता के साथ बच्चों में तीसरी लहर का डर कायम है. लगातार बच्चों को इससे सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है तो वही देशभर की जनता सरकार से उनकी योजनाओं के बारें में सवाल कर रही है. अब इस सिलसिले में तीसरी लहर का बच्चों में डर कितना सच और कितनी भ्रांति है ये जानना बेहद जरूरी है. आखिरकार झूठी अफवाहें भी एक प्रकार की महामारी को जन्म देती है. इसलिए संदर्भ में देश के हर नागरिक को तीसरी लहर के बारे में जानने का पूरा अधिकार है.

फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी द्वारा प्रायोजित रचनात्मक मंच 'डिजिटल बाल मेला-2021' में अब बच्चों के इसी डर की बात होगी. जी हां बाल मेला में मंच पर सरकार और राजनीति का अध्याय करते आ रहे बच्चे अब इस मंच पर जानेंगे कि आखिरकार तीसरी लहर है क्या और ये बच्चों में किस प्रकार असरदाय है सिर्फ इतना ही नहीं इस संवाद के लिए बच्चों से रूबरू होने आ रहे  राज्य स्वास्थ्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग बच्चों को बताएंगे कि तीसरी लहर से देश को सुरक्षित करने के लिए उनकी क्या योजनाएं है. वो किस प्रकार हर बच्चे को हर नागरिक को तीसरी लहर से सुरक्षित कर सकेंगे.

राज्य स्वास्थ्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग का परिचय:
राजस्थान के स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग 15वीं विधानसभा में भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में निर्वाचित हुए हैं तथा वर्तमान में राज्य सरकार में तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा स्वतंत्र प्रभार तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्यमंत्री है. वे 2010—11 से भरतपुर क्षेत्र में कार्यशालाएं, विचार गोष्ठियां, जनजागरण कैम्प के जरीये लगातार सक्रिय रहे है. कांग्रेस के आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ सुभाष गर्ग 1985 से लेकर वर्तमान तक साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ एवं भारतीय संविधानों के मूल्यों की रक्षा करने में सर्दव सक्रिय रहे हैं पिछले एक वर्ष से बूथस्तरीय जनचर्चा कार्यक्रम के माध्यम से वे भरतपुर की स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करके उनके समाधान करने के प्रयासरत है. लगातार इसमें अपना योगदान दे रहे है.

राजस्थान के स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग बचपन से ही शिक्षा और राजनीति के प्रति सजग रहे है. उन्होनें अपनी शिक्षा राजस्थान विश्वविघालय से पूरी की है. इसके साथ ही उन्होनें भरतपुर में शिक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है. छात्र जीवन में एनएसयूआई से जुड़े रहे डॉ सुभाष गर्ग ने 1982 में कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन की और वे अब तक कांग्रेस विचारधारा का प्रचार प्रसार करने एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे है. इसी के साथ उन्होनें राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ एवं राजस्थान शिक्षक कांग्रेस में भी सक्रिय भूमिका निभाई है. 

डिजिटल बाल मेला पर डॉ सुभाष गर्ग का बच्चों से संवाद करना वाकई में एक अनूठा अनुभव होने वाला है जब वो बच्चों को शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य के बारें में भी काफी अहम बातें बताने वाले है. इसी के साथ वर्तमान समय में तीसरी लहर को लेकर चल रही भ्रांतियों के सच को भी डॉ सुभाष गर्ग बच्चों के सामने रखेंगे. उनकी सभी तकलीफों को दूर कर उनकी हर विडंबना का सामना करेंगे.

7 जुलाई को शाम 4 बजे गूगल मीट पर बच्चों से रूबरू होंगे राजस्थान के स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग: 
डिजिटल बाल मेला के मंच पर अभी तक हुए संवादों में कई राजनेताओं ने कोरोना काल में बच्चों को व्यस्त रखने, तनाव मुक्त होने, मेंटल हेल्थ तो वही शिक्षा, स्वास्थ्य पर चर्चा की है. ऐसे में डिजिटल बाल मेला के मंच पर राजनीति और सरकार को अद्धभूत पाठ पढ़ रहे बच्चों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना महमारी की तीसरी लहर का क्या प्रभाव पड़ सकता है.यही बताने के लिए डॉ सुभाष गर्ग बच्चों से कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों में डर कितना सच कितनी भ्रांति पर संवाद करेंगे.डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित हो रहे इस स्पेशल सेशन से जुड़ने के लिए बच्चे गूगल मीट लिंक का प्रयोग करें. बता दें कि ये सेशन 7 जुलाई को आयोजित किया जाएगा जिसमें बच्चे लाइव जुड़कर अपने सवाल पूछ सकते है ये सवाल बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी संदर्भ में हो सकते है जिसमें बच्चे अपने सुझाव दे सकते है तो वही सरकार की योजनाओं को विस्तार से भी जान सकते है.. 

डिजिटल बाल मेला लाया है बच्चों के लिए नई सौगात: 
15 जून को शुरू हुआ डिजिटल बाल मेला 2021 सीजन की थीम 'बच्चों की सरकार कैसी हो' है. ऐसे में इस सीजन के हर एक पहलू में बच्चों को राजनीतिक, सामाजिक, सरकार के हर एक पहलू से परिचित कराया जाएगा. आपको पता हो तो सरकार द्वारा की जाने वाली सभी गतिविधियां विधानसभा में पारित की जाती है. जिसके लिए बाल राजनीति में शामिल होने जा रहे बच्चों को विधानसभा जाना और वहां कि गतिविधियों, कार्यप्रणाली को करीब से समझना आवश्यक है. ऐसे में बाल राजनीति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने जा रहे बच्चों को अपनी सरकार बनाने के लिए देश में पहली बार किसी मंच के सहयोग से विधानसभा जाने का मौका मिलेगा. खास बात ये है कि ये मंच देशभर के बच्चों के लिए आयोजित किया गया है. देशभर के बच्चे इसमें भाग ले सकते है. और डिजिटल बाल मेला 2021 में बनने जा रहे इस इतिहास में अपना नाम कर सकते है.

डिजिटल बाल मेला की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में 'बच्चों की सरकार कैसी हो' की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

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