जयपुर जयपुर डिस्कॉम में ये कैसी कार्यप्रणाली? डिस्कॉम के जयपुर ग्रामीण सर्किल के दफ्तर चल रहे रामभरोसे

जयपुर डिस्कॉम में ये कैसी कार्यप्रणाली? डिस्कॉम के जयपुर ग्रामीण सर्किल के दफ्तर चल रहे रामभरोसे

जयपुर डिस्कॉम में ये कैसी कार्यप्रणाली? डिस्कॉम के जयपुर ग्रामीण सर्किल के दफ्तर चल रहे रामभरोसे

जयपुर: जयपुर डिस्कॉम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है. डिस्कॉम के जयपुर ग्रामीण सर्किल के दफ्तर रामभरोसे चल रहे हैं. सहायक अभियंता कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सी खाली नजर आती है. इतना ही नहीं राजनीतिक प्रभाव से कुर्सी पर जमे अधिकारी पूरी तरह बेपरवाह हो रहे हैं. फिर चाहे बिजली आपूर्ति की दिक्कतें या बिजली बिल में गड़बड़ी हो. 

वहीं फोन करने पर जिम्मेदारों का जवाब आ रहा है कि जयपुर हेडक्वाटर पर काम से आए हैं. उपभोक्ता बिजली दफ्तर में सिर्फ इधर से उधर चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं. ऐसे में ये सवाल खड़ा हो रहे हैं कि क्या अधिकारियों को गुड गवर्नेंस का मतलब समझ नहीं आ रहा है या फिर राजनीतिक प्रभाव में डिस्कॉम प्रबंधन को लाचार समझ रहे हैं. 

आपको बता दें कि उपभोक्ताओं को बिजली के मनमाने बिल थमाए जा रहे हैं. ऐसे में अधिक बिल आने पर उपभोक्ता उसमें सुधार के लिए कार्यालय पहुंच रहे हैं. लेकिन यहां पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है. उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में सुधार की एक औपचारिकता ही दिखाई दे रही है. इससे उपभोक्ता परेशान होकर कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं. इसके बाद भी कंपनी के कर्मचारी बताते हैं कि आपके बिजली यूनिट की इतनी ही खपत हुई है. इसलिए इतना ही बिल भरना पड़ेगा. यह बिजली के सुधार महज औपचारिकता बना हुआ है.

4 से 5 हजार रुपए आया बिल:
बिजली बिल जमा करने पहुंचे लोगों ने बताया कि हमे ये कहा जा रहा था कि आपके रीडिंग बिल है. उसे तो आपको भरना ही पड़ेगा. ऐसे में उन गरीब, मजदूर और मध्यमवर्गीय लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है. जिनको रीडिंग बिल के नाम पर 4 से 5 हज़ार रुपए के बिल थमा दिए गए हैं. अब जब उनके सामने घर परिवार का खर्च वहन करने का संकट है और उनकी जेब में काम बंद होने के कारण पैसा तक नहीं है. वे लोग 4 से 5 हजार रुपए के बिजली बिल कैसे भरेंगे. 

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