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VIDEO: सवर्ण आरक्षण से BJP को कितना चुनावी फायदा ? सियासी गलियारों में बहस जारी

VIDEO: सवर्ण आरक्षण से BJP को कितना चुनावी फायदा ? सियासी गलियारों में बहस जारी

जयपुर: सवर्ण आरक्षण से कितना चुनावी फायदा...परिणाम आने से पहले इसे लेकर सियासी हलकों में बहस जारी है. सियासत यहीं कहीं जा रही है कि बीजेपी ने अपने मूल वोटर्स को साधने के लिये ईबीसी आरक्षण का दांव चला था. मोदी कैबिनेट के पिछड़े सवर्णो के हक में दिये गये 10 फीसदी आरक्षण के निर्णय से चुनावी लाभ की बात की जा रही. बीजेपी को उम्म्मीद है कि इससे हिन्दी पट्टी में नुकसान की भरपाई हो सकती है. राजस्थान में लाभ होगा और शहरी, मध्यवर्गीय वोट मिल सकते है.

विधानसभा चुनाव में बीजेपी को राजस्थान में खासा नुकसान 
पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को राजस्थान में खासा नुकसान हुआ, सरकार तो चली ही गई इतना ही नहीं परम्परागत सवर्ण वोट हाथ से छिटक गये. शहरी सीटों पर इसी कारण बीजेपी को खासा नुकसान उठाना पड़ा. जयपुर और जोधपुर की शहरी सीटों पर भी हाथ ने बाजी मार ली. अब लोकसभा चुनावों में बीजेपी नये समीकरणों के साथ उतरी थी, 10 फीसदी ईबीसी आरक्षण का मुद्दा बीजेपी के हाथ लग गया. अब मतदान के बाद मिल रहे रुझानों से बीजेपी को लगता है राजस्थान के सवर्ण वोटर्स फिर साथ आये है. 

राजस्थान की कुल आबादी का लगभग 30 से 35 फीसदी सवर्ण 
गौरतलब है कि राजस्थान की कुल आबादी का लगभग 30 से 35 फीसदी सवर्ण है. सवर्ण वर्ग में राजस्थान में सर्वाधिक जन संख्या राजपूत वर्ग की आती है. इसके बाद ब्राह्मण और वैश्य वर्ग का नम्बर आता है. यह सवर्ण वर्ग राजस्थान की चप्पे चप्पे की सियासत को प्रभावित करता है. 1952से जब चुनावों का दौर राजस्थान में शुरु हुआ तब ब्राह्मण वर्ग का रुझान कांग्रेस के साथ रहा, ब्राह्मण वर्ग से निकले कई दिग्गज मुख्यमंत्री बने. sc,st,obc और अल्पसंख्यक की राजनीति के कारण कांग्रेस से ब्राह्मण की दूरी बढ़ी और बीजेपी की ओर अधिक झुकाव हो गया. 

राजपूत वर्ग का झुकाव जनसंघ और उसके बाद बीजेपी का साथ रहा
दूसरी ओर राजपूत वर्ग का झुकाव जनसंघ और उसके बाद बीजेपी का साथ रहा. वैश्य वर्ग का बीजेपी की जड़े जमाने में योगदान रहा. मोदी कैबिनेट के सवर्ण आरक्षण के फैसले का रिफ्लेक्शन लोकसभा चुनावों पर पड़ सकता है. राजस्थान में आज भी 25 में से तकरीबन 7 सांसद स्वर्ण वर्ग से है.

---सवर्ण सांसद - - - - 
--रामचरण बोहरा-जयपुर शहर
--राज्यवर्धन सिंह राठौड़ - जयपुर देहात
--ओम बिरला-कोटा
--सुभाष बहेडिया - भीलवाड़ा 
--चंद्र प्रकाश जोशी - चितौड़ 
--गजेन्द्र सिंह शेखावत - जोधपुर 
--हरिओम सिंह राठौड़ - राजसमंद
--डॉ रघु शर्मा - अजमेर (अब विधायक बन गये है)

सवर्ण सांसदों में सर्वाधिक प्रतिशत राजपूत वर्ग का है. जब रघु शर्मा ने कांग्रेस टिकट पर लोकसभा का उपचुनाव जीता और अजमेर के बीजेपी के शहरी गढ़ो में सेंध लगाई तो बीजेपी का कैडर हिल गया था, इसके बाद नवीन रणनीति पर काम शुरु कर दिया गया. नरेन्द्र मोदी के सवर्ण आरक्षण के नये फार्मूले के पीछे यह कारण अहम माने गये थे.

----सवर्ण आरक्षण के पीछे की सियासत ---
-हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों में हुई पराजय को बैलेंस करना
-छिटके हुये परम्परागत राजपूत, ब्राह्मण व वैश्य वोट को वापिस प्राप्त करना
-शहरों में बीजेपी के उम्मीदवारों की पराजय से उपजी नकारात्मक को दूर करना

2 अप्रैल भारत बंद के कारण SC-ST की नाराजगी का असर चुनावों में बीजेपी को झेलना पड़ा, साईड इफेक्ट यह रहे कि सवर्ण तबका भी नाराज हो गया. मोदी कैबिनेट के नये निर्णय जातीय सियासत को प्रभावित करने का काम किया है इससे बीजेपी को अपने परम्परागत वोट फिर मिल सकते है. सवर्ण और मध्यम वर्ग फिर साथ आ सकता है. उल्लेखनीय है कि इस वर्ग के बीच आर एस एस का भी दखल रहा है.

....फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 3 मरीजों की मौत, 236 नए पॉजिटिव केस आये सामने, अकेले जयपुर में मिले सर्वाधिक 32 केस 

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जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में 3 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 236 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. जयपुर में 2, राजसमंद में एक मरीज की मौत हो गई. सर्वाधिक 32 केस अकेले जयपुर में सामने आये है. अजमेर में 2, बाड़मेर में 4, भरतपुर में 2, भीलवाड़ा में 9, बीकानेर में 7, चित्तौड़गढ़ में 4, दौसा में 1, धौलपुर में 2, डूंगरपुर में 12, गंगानगर 1, झालावाड़ 12, झुंझुनूं 5, जोधपुर 7, कोटा 10, नागौर 13, पाली 23, प्रतापगढ़ 1, राजसमंद 11, सवाई माधोपुर 1, सीकर 25, सिरोही 27, उदयपुर 25 केस सामने आये है. वहीं राजस्थान में कुल 170 लोगों की कोरोना की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. वहीं अब तक कुल 7 हजार 536 पॉजिटिव मरीज मिल चुके है.

जयपुरिया की तर्ज पर एक जून से SMS भी होगा कोरोना फ्री, OPD से IPD तक में चिकित्सा सेवाओं में दिखेगा बदलाव

अब तक 170 लोगों की मौत:
राजस्थान में कोरोना से अब तक 170 लोगों की मौत हुई है. इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 85 (जिसमें चार यूपी से) की मौत हुई. इसके अलावा, जोधपुर में 17, कोटा में 16, पाली और नागौर में 6, भरतपुर में 5, अजमेर में 6, चित्तौड़गढ़ और सीकर में 4-4, बीकानेर में 3, जालौर, करौली, अलवर और भीलवाड़ा 2-2, उदयपुर, बांसवाड़ा, चूरू, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर और टोंक में 1-1 की मौत हो चुकी है. वहीं दूसरे राज्य से आए एक व्यक्ति की भी मौत हुई है.राजसमंद में एक मरीज की मौत हो गई.

सोमवार को सामने आए 272 नए मामले: 
इससे पहले सोमवार को प्रदेश में कोरोना के 272 नए मामले सामने आए हैं. इसमें सर्वाधिक 50 पॉजिटिव केस अकेले पाली जिले में सामने आये है. इसके अलावा अलवर में 5, बाड़मेर में 5, भीलवाड़ा में एक, चूरू में 17, दौसा में एक, डूंगरपुर में एक, जयपुर में 13, जालोर में 5, झुंझुनूं में 3, जोधपुर में 47, कोटा में 7, नागौर में 48, राजसमंद में 3, सवाई माधोपुर में एक, सीकर में 44, सिरोही में 9 और उदयपुर में 12 पॉजिटिव केस मिले हैं. 

28 मई को कांग्रेस का महा अभियान, प्रवासी श्रमिकों ,कामगारों की आवाज करेगी बुलंद,  AICC की VC में बनी रणनीति

आदमखोर का कलंक झेल रहा बाघ T-24, वन्यजीव प्रेमियों ने उठाई रिहाई की मांग

जयपुर: आदमखोर का कलंक झेलकर करीब पांच वर्ष से अपने घर यानी जंगल से बेघर हो एक बाड़े में जिंदगी काट रहे टी 24 यानी उस्ताद की रिहाई को लेकर वण्यजीव प्रेमियों में एक बार फिर मांग उठने लगी है. एनटीसीए से लेकर सीज़ेडए तक की नॉर्म्स को ताक पर रखकर उस्ताद को 16 मई 2015 को लॉकडाउन कर दिया गया था. उस्ताद पर चार लोगों की हत्या का अरोप लगाया गया, यह बात अलग है कि आज तक इनमें से एक भी घटना की पुष्टी नहीं हो सकी. पांच वर्ष से अपनी बेगुनाही की जंग लड़ रहे उस्ताद की हकीकत से पर्दा उठाती फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की रिपोर्ट:

जंगल की दहाड़ पिंजरे की दर्दनाक जिंदगी:
रणथंभौर के जंगल में राज करने वाले 'उस्ताद' यानी बाघ टी 24 को 16 मई को लॉक डाउन में 5 वर्ष हो गए हैं. इंसान पर हमले के आरोप में उस्ताद को एक ऐसी सजा सुनाई गई जिससे उसकी जंगल की दहाड़ पिंजरे की दर्दनाक जिंदगी में बदल गई. उस्ताद आज पिंजरे में अपनी जिंदगी गुजार रहा है लेकिन सवाल उठता है कि बाघ के घर में घुसने वाले इंसान पर अगर बाघ ने हमला किया तो दोषी बाघ कैसे हुआ ? और क्या इस तरह की घटनाओं के बाद जंगल के राजा को इस तरह कैद करना उचित है..? रणथंभौर के लाहपुर क्षेत्र में वर्ष 2006 में जन्में बाघ टी 24 यानी उस्ताद के दो भाई टी 23 और टी 25 भी हैं.

उस्ताद के नाम से मशहूर T24 बाघ:
उस्ताद की दादी मशहूर बाघिन 'मछली' थी जिस पर दुनियाभर में कई डॉक्यूमेंटरी बनी. उस्ताद की मेटिंग पार्टनर नूर नाम की बाघिन है जिससे दो बाद में तीन शावक हुए. उस्ताद को उसकी ताकत और मिजाज के लिए जाना जाता है. बहरहाल रणथंभौर से उस्ताद के नाम से मशहूर T24 बाघ उस्ताद को वन रक्षक रामलाल सैनी पर हमला कर मौत के घाट उतारने के कथित आरोप में 16 मई 2015 को उदयपुर स्तिथ सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया गया था. इसके बाद ये बीच में कई बार बीमार पड़ा लेकिन उपचार के बाद स्वस्थ हो गया. कतिथ तौर पर चार व्यक्तियों की टाइगर द्वारा मौत के बाद होटल लॉबी के दबाव में टी.24 को उदयपुर स्तिथ बायोलॉजिकल पार्क शिफ्ट किया गया था. यह काम एक सीक्रेट मिशन की तरह किया गया था उस समय उदयपुर वाइल्डलाइफ के डी.एफ.ओ. टी मोहन राज थे.

वन्यजीव प्रेमियों में उस्ताद को कैद किए जाने का था रोष:
उस्ताद को जब मध्य रात्रि उदयपुर लाया गया तो पत्रकारों का जमावड़ा सज्जनगढ़ बायो पार्क के मैन गेट पर था लेकिन वन विभाग वाले पत्रकारों को गच्चा दे कर उसे सज्जनगढ़ के रामपुरा वाले गेट से अंदर ले गए. मीडिया के प्रेशर के बाद लगातार उस्ताद की सेहत की खबरें आने लगीं, लेकिन वन्यजीव प्रेमियों में उस्ताद को कैद किए जाने का रोष था. उस्ताद के लिए मानो पूरे भारतवर्ष के वन्यजीव प्रेमी एक हो गए थे. बीच में कई बार उस्ताद के गंभीर रूप से बीमार होने की भी खबरें आईं लेकिन किसी को भी उसकी वास्तविक हालात देखने के लिए अनुमति नहीं दी गयी. स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य धीरंद्र गोधा और सिमरत संधू का कहना है कि उस्ताद पर चार हत्याओं का अरोप लगाया गया. इनमें से एक भी साबित नही हुई. एनटीसीए और सीजेडए ने भी उस्ताद को लॉकडाउन करने को गलत माना है. इसलिए बेहतर होगा कि उस्ताद को वापस जंगल में छोड़ा जाए.

नौतपा में भट्टी सा तपा शेखावाटी, 50 डिग्री पहुंचा चूरू का तापमान  

उस्ताद की तरह ही टी104 भी फ़िलहाल कैद:
निवर्तमान वन मंत्री राजकुमार रिणवा उदयपुर उस्ताद को देखने भी गए थे लेकिन उस्ताद की रिहाई की बात जब पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर इसे सिरे से टाल गए. अब उस्ताद को कैद में लगभग 5 वर्ष भी गए हैं. साथ ही उसका व्यवहार भी बदल गया है, नॉन डिस्प्ले एरिया में उस्ताद जहां पहले किसी को देखते ही भड़क उठता था अब होल्डिंग एरिया में किसी पार्क कर्मी को देखकर छिपने की कोशिश करता है. डाइजेशन की समस्या होने की वजह से खाने में इसे फिलहाल कीमा ही दिया जा रहा है. उस्ताद की तरह ही टी 104 भी फ़िलहाल कैद में है. सवाल उठता है कि वन्यजीवों को लेकर काम कर रही बड़ी-बड़ी संस्थाएं, वन विभाग और मंत्रालय आज तक ऐसे ही कोई नीति तैयार नहीं कर पाया जिसमें बाघ और इंसान के आपसी संघर्ष की सजा किसको मिले यह तय हो पाए.

उस्ताद की जल्द रिहाई की मांग:
बाघों के रहवास में यानी उनके प्राकृतिक आवास में इंसानी दखल बढ़ता जा रहा है. ऐसे में उस्ताद या किसी अन्य बाघ ने इंसान पर हमला किया तो उसे किस नीति के तहत एक छोटे से पिंजरे में आजीवन कैद कर दिया जाता है. इस विषय पर पहले भी बहस होती रही हैं लेकिन आज तक कोई स्पष्ट नीति नहीं बन पाई. गुजरात में जहां मानव की स्वयं की गलती से जब इंसान शेरों द्वारा मार दिया जाता है तो कुछ समय कैद में रखने के बाद उसे दोबारा छोड़ दिया जाता है देखना ये होगा कि राजस्थान में बाघों के पुनर्वास के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जाते हैं. इस मामले में सरिस्का टाइगर फाउंडेशन के दिनेश दुर्रानी और स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य सुनील मेहता कहते हैं कि उस्ताद को उस अपराध की सजा दी गई जो उसने किया ही नहीं. इसलिए बेहतर होगा उस्ताद को जल्द रहलीज किया जाए. दरअसल टी 24 यानी उस्ताद पर चार इंसानों के कत्ल का अरोप है. चारों घटनाएं कोर क्षेत्र की हैं और चारों में उस्ताद को महज शक यानी उसकी आक्रमकता के आधार पर आरोपी माना गया. जबकि हकीकत में चारों घटनाओं में उस्ताद के होने के कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं. ऐसे में बेहतर होगा सरकार उस्ताद को अपने घर यानी जंगल में जितना जल्दी हो छोड़ दे. 

जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन का दूसरा दिन, कुल 11 फ्लाइट्स का हुआ संचालन, 20 में से 9 फ्लाइट रहीं रद्द

ताइवान की राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भाजपा के दो सांसद, चीन ने जताया एतराज

ताइवान की राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भाजपा के दो सांसद, चीन ने जताया एतराज

नई दिल्ली: ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग-वेन के शपथग्रहण में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल भाजपा के दो सांसदों के शामिल होने से चीन भड़क गया. चीन ने भारत से अपने आंतरिक मामलों में दखल देने से बचने को कहा है.

अमेरिका की कंपनी का दावा, कोरोना वायरस की दवा का मनुष्यों पर टेस्टिंग हुई शुरू 

दूसरे कार्यकाल की बधाई दी: 
ताइवान की राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी और राजस्थान के चुरू से सांसद राहुल कासवान ने कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत की और उन्हें दूसरे कार्यकाल की बधाई दी.

चीन ने लिखित में एतराज जताया: 
इस पर चीन ने लिखित में एतराज जताया है. नई दिल्ली में चीनी राजदूत की काउंसलर लिउ बिंग ने लिखित आपत्ति जताते हुए भारत से अपने आंतरिक मामलों में दखल देने से बचने को कहा है. साथ ही कहा कि इंग-वेन को बधाई देना बिलकुल गलत है.  

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41 देशों की 92 हस्तियां हुई थीं शामिल:
साइ इंग-वेन के शपथग्रहण समारोह में 41 देशों की 92 हस्तियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया. इनमें भारत से दो सांसदों के अलावा अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी शामिल हुए. 
 

जैसलमेर में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप, पारा पहुंच रहा 46 डिग्री के करीब

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जैसलमेर: जिले में अब गर्मी का असर तेज हो गया है. नौतपा के कारण जहां आगामी नौ दिनों में तापमान अपने चढ़ाव पर रहेगा. वहीं आमजन को इस गर्मी से राहत पाने के लिए तरह तरह के जतन करने पड़ रहे हैं. तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अब तक के सीजन में सर्वाधिक रिकॉर्ड किया गया तापमान है.

अमेरिका की कंपनी का दावा, कोरोना वायरस की दवा का मनुष्यों पर टेस्टिंग हुई शुरू 

दिन शुरू होने के साथ ही गर्मी अपने प्रचंड रूप में शुरू हो गई:
गौरतलब है कि कल से ही नौतपा शुरू हुआ है. इसके चलते गर्मी अपने रौद्र रूप दिखा रही है. सुबह दिन शुरू होने के साथ ही गर्मी अपने प्रचंड रूप में शुरू हो गई. इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी के कारण लोगों की पूरी दिनचर्या बदल गई है. जहां सूर्य देवता अपने रौद्र रूप में है जिससे दिन के साथ साथ रात में भी गर्मी के कारण आमजन को परेशानी हो रही है.

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दिन में कम से कम चार लीटर पानी जरूर पीजिए:
नौतपा में भीषण गर्मी पड़ती है. इस दौरान धूप में बाहर निकलने से बचने के अलावा आपको खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इसलिए दिन में कम से कम चार लीटर पानी जरूर पीजिए. इसके अलावा नारियल पानी, छाछ और लस्सी पीने से भी जल का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है. 

अमेरिका की कंपनी का दावा, कोरोना वायरस की दवा का मनुष्यों पर टेस्टिंग हुई शुरू

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कहर के चलते दुनियाभर के शोधकर्ता और वैज्ञानिक इस बीमीरी की दवा बनाने में जुटे हुए हैं. इसी बीच अमेरिका की एक बायोटेक्नोलॉजी कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस संक्रमण की दवा का मनुष्यों में परीक्षण शुरू करने की घोषणा की. इतना ही नहीं इस महामारी की इसी वर्ष दवा आने की उम्मीद भी जताई है.

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दवा और टीकों का साथ-साथ कर रहे निर्माण:
बायोटेक्नोलॉजी कंपनी 'नोवावैक्स' के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. ग्रिगोरी ग्लेन के अनुसार कंपनी ने पहले चरण का परीक्षण शुरू कर दिया है जिसमें मेलबर्न और ब्रिस्बेल शहरों के 131 स्वयंसेवियों पर दवा का परीक्षण किया जाएगा. उन्होंने बताया कि हम दवा और टीकों का साथ-साथ यह सोच कर निर्माण कर रहे हैं कि हम दिखा पाएंगे कि यह कारगर है और वर्ष के अंत तक इसे लोगों के लिए उपलब्ध करा सकेंगे. 

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दर्जनभर प्रायोगिक दवाएं परीक्षण के प्रारंभिक चरण में:
आपको बता दें कि चीन, अमेरिका और यूरोप में करीब दर्जनभर प्रायोगिक दवाएं परीक्षण के प्रारंभिक चरण में हैं या उनका परीक्षण शुरू होने वाला है. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इनमें से कोई भी दवा सुरक्षित और कारगर साबित होगी भी या नहीं, लेकिन कई दवाएं अलग-अलग तरीकों से बनाई गई हैं. ऐसे में इससे इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि इनमें से कोई दवा सफल हो सकती हैं. 
 

राहुल गांधी ने बोला मोदी सरकार पर हमला, कहा- देश में लॉकडाउन पूरी तरह से फेल

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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा है कि लॉकडाउन के चारों चरण फेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दो महीने पहले कहा था कि हम 21 दिन में कोरोना वायरस को हरा देंगे, लेकिन अब 60 दिन बाद हमारे देश में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है और लॉकडाउन को हटाया जा रहा है. ऐसे में लॉकडाउन का मकसद पूरी तरह से फैल हो गया है. 

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महामारी घटने के बजाय दिन पर दिन बढ़ती जा रही: 
उन्होंने कहा कि जो होना था वह नहीं हुआ. देश को मालूम होना चाहिए कि सरकार की क्या रणनीति है. लॉकडाउन को लागू हुए करीब 60 दिन पूरे हो चुके हैं. लेकिन ये महामारी घटने के बजाय दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर परेशान हैं. सरकार उनकी परेशानियों और मुसीबतों को कैसे दूर करेगी?

पीएम को फिर फ्रंटफुट पर आना होगा:
राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी शुरुआती वक्त में फ्रंटफुट पर खेलते हुए दिखे, लेकिन अब वो बैकफुट पर हैं. लेकिन पीएम को फिर फ्रंटफुट पर आना होगा. राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने जो पैकेज में ऐलान किया है, उससे कुछ नहीं होने वाला है. सरकार में बैठे लोगों में डर है कि अगर गरीबों को ज्यादा पैसा दिया, तो बाहर के देशों में गलत संदेश जाएगा. राहुल ने कहा कि भारत की शक्ति ये गरीब हैं, ऐसे में बाहर की चिंता नहीं करनी चाहिए.

हमारा काम सरकार पर दबाव डालना: 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार विपक्ष को गंभीरता से नहीं लेती? इस सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि हमारा काम सरकार पर दबाव डालना है. मैंने फरवरी में ही कह दिया था कि हालात और खतरनाक होंगे. रोजगार को लेकर राहुल ने कहा कि सरकार को आर्थिक मोर्चे पर बहुत काम करने की जरूरत है. सरकार को लोगों को कैश देना चाहिए. सरकार कम से कम 50 फीसदी गरीबों के खाते में 7500 रुपए महीना कैश ट्रांस्फर करे.

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हमारे यहां केस बढ़ रहे हैं और लॉकडाउन हट रहा:
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पूरी दुनिया जब लॉकडाउन हटा रही है तो वहां केस कम हो रहे हैं, लेकिन हमारे यहां केस बढ़ रहे हैं और लॉकडाउन हट रहा है. राहुल ने सवाल किया कि पीएम मोदी गरीबों के लिए, किसानों के लिए क्या कर रहे हैं उसका जवाब दे दें.

रात को अच्छी नींद नहीं आने पर करें ये उपाय, स्ट्रेस से मिलेगा छुटकारा

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जयपुर: अच्छी नींद लेना हमारी सेहत के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है. अगर हम रोज अच्छी नींद लेते है तो काफी तरोताजा महसूस करते हैं. इसके साथ ही कई गंभीर बीमारियों से भी दूर रह सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं आखिर कैसे आयुर्वेद के अनुसार अपने खान-पान में कुछ बदलाव करके आप अच्छी नींद का मजा ले सकते हैं...

उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी का सितम, 47 डिग्री तक पहुंचा तापमान, रेड अलर्ट जारी 

- सोने से पहले शहद का सेवन करने से उसका सकारात्मक असर पूरे शरीर पर रहता है. शहद एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. 

- रात में सोने से पहले गुनगने दूध में चुटकी भर दालचीनी पाउडर और उतना ही इलायची पाउडर डालकर पीने से न सिर्फ दूध का स्वाद अच्छा होगा, नींद भी अच्छी आएगी.

- अगर आपको नींद नहीं आ रही तो बादाम अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं. इससे तेज नींद आने में मदद मिलती है और साथ ही नींद गहरी भी आती है.

- केले में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं. कार्बोहाइड्रेट्स ट्रिप्टोफेन बनाने में मदद करता है जो दिमाग को अच्छी नींद दिलाता है. 

सोनू सूद से गुहार, एक बार गर्लफ्रेंड से मिलवा दीजिए बिहार ही जाना है- एक्टर ने दिया ये मज़ेदार जवाब 

सोनू सूद से गुहार, एक बार गर्लफ्रेंड से मिलवा दीजिए बिहार ही जाना है- एक्टर ने दिया ये मज़ेदार जवाब

सोनू सूद से गुहार, एक बार गर्लफ्रेंड से मिलवा दीजिए बिहार ही जाना है- एक्टर ने दिया ये मज़ेदार जवाब

मुंबई: सोनू सूद ने बॉलीवुड में संघर्ष और मेहनत से अपना नाम बनाया है और अब वो अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बना रहे हैं. जहां एक ओर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज घरों में और सुरक्षित रहने की अपील कर रही है. वहीं दूसरी और सोनू सूद लोगों को घर पर सुरक्षित भेजने में जुटे हैं. दरअसल एक्टर इन दिनों ऐसे प्रवासी और मजदूरों के लिए मसीहा बने हे जो अपने घर पहुंचने के लिए सड़कों पर पैदल चलने पर मजबूर है. सोनू सूद सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी लेकर लोगों को घर तक पंहुचा रहे हैं.  इसी कड़ी में एक युवक ने एक्टर से ट्विटर पर अपने प्यार के पास पहुंचाने की गुहार लगायी.  

एक्टर ने भी प्यारा सा जवाब दिया:  
जी हां, अब सोनू सूद से एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए प्यार भरी गुहार लगायी है. इस पर एक्टर ने भी ऐसा प्यारा सा जवाब दिया की लोग भी बोल उठे  "छा गए आप तो" सोनू के ट्विटर अकाउंट की वॉल पर किसी ने ट्वीट करते हुए लिखा की एक बार गर्लफ्रेंड से मिलवा दीजिए बिहार ही जाना है.

इस पर एक्टर ने रीट्वीट करते हुए जवाब लिखा की "थोड़े दिन दूर रह के देख ले भाई .. सच्चे प्यार की परीक्षा भी हो जाएगी" इसके बाद से ये ट्वीट काफी वायरल हो रहा है.

आपको बता दें की सोनू सूद ने कई बार अपने साक्षात्कार में कहा है कि 'जब तक हर एक प्रवासी मजदूर अपने घर नहीं पहुंच जाता मैं अपनी मुहिम को जारी रखूंगा. कहीं न कहीं एक्टर ऐसे लोगों की भी मद्दद कर रहे हैं जिन्होंने शायद ही कभी उन्हें सिनेमा हॉल के परदे पर देखा होगा, पर अक्सर फिल्मों में विलैन का रोले निभाने वाले आज इन हज़ारों मजबूर मजदूरों के लिए हीरो बन गए हैं.

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