बैंकॉक आईएलओ रिपोर्ट: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद पांच लाख से अधिक लोगों की छिन चुकी है नौकरी

आईएलओ रिपोर्ट: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद पांच लाख से अधिक लोगों की छिन चुकी है नौकरी

आईएलओ रिपोर्ट: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद पांच लाख से अधिक लोगों की छिन चुकी है नौकरी

बैंकॉक: अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मुल्क में पांच लाख से अधिक लोगों से उनकी नौकरी छिन चुकी है. ‘अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन’ (ILO) ने बुधवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही. रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. महिलाओं और सरकारी पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के अलावा कृषि, समाजिक सेवा व भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. बड़ी संख्या में लोगों को या तो रोजगार गंवाना पड़ा है या फिर उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई कंपनियां अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए जूझ रही हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में अफगान नागरिक रोजाना मुल्क छोड़कर जा रहे हैं. इसमें अनुमान लगाया गया है कि देश में लगातार गहराते संकट के मद्देनजर जून तक रोजगार गंवाने वाले लोगों की संख्या सात लाख से नौ लाख के बीच हो जा सकती है. आईएलओ संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी है जो दुनियाभर में श्रम मानकों में सुधार लाने की दिशा में काम करती है. इसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चार दशक तक चले युद्ध, भीषण सूखे और महामारी के प्रकोप के चलते अफगान अर्थव्यवस्था पहले से ही काफी बुरे दौर से गुजर रही थी. तालिबान की हुकूमत कायम होने के बाद नकद की कमी और बैंकों से निकासी पर लगी सीमा के चलते देश में आम आदमी से लेकर छोटी-बड़ी कंपनियां तक संघर्ष कर रही हैं.

 

अफगानिस्तान में आईएलओ के वरिष्ठ समन्वयक रमीन बहजाद कहते हैं, ‘अफगानिस्तान में हालात बेहद नाजुक हैं. अर्थव्यवस्था में सुधार एवं स्थिरता के लिए त्वरित सहयोग की जरूरत है.’ आईएलओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में अफगानिस्तान में हर पांच में से एक नौकरी महिलाओं के हाथों में थी, तालिबान राज में उन्हें काम करने और लड़कियों को पढ़ने से रोका जा रहा है. रिपोर्ट में चेताया गया है कि अफगानिस्तान में रोजगार की लगातार बिगड़ती स्थिति के चलते बाल श्रम को बढ़ावा मिल सकता है. मुल्क में पांच से 17 साल के दस लाख से ज्यादा बच्चों के काम करने का अनुमान है. सोर्स- भाषा

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