सहकारी समिति में करोड़ों के गबन का आरोप

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/07 03:48

खण्डेला(सीकर)। प्रदेश में किसान कर्जामाफी ने सहकारी समितियों में फर्जी सदस्य बनाकर उनके नाम से लोन उठाकर किये जा रहे घोटालों की पोल खोल कर रख दी। ऐसा ही मामला सीकर जिले के खंडेला उपखंड की ग्राम सेवा सहकारी समिति कासरड़ा में सामने आया है जहां पिछले दिनों किसानों को लोन नहीं मिलने पर लगातार धरना प्रदर्शन करने के बाद बैंक द्वारा डिफाल्टर कर्जदारों सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई। 

लोन लेने की आस में आये सैकड़ों किसान सूची में अपने नाम देखकर हतप्रभ रह गए। इसके बाद आज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक पहुंचे और उनके नाम से फर्जी तरीके से लोन उठा कर किए गए करोड़ों के घोटाले की जांच करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2012 में उनके नाम से सहकारी समिति के द्वारा लोन दिया हुआ बताया गया है जबकि वास्तविकता में आज तक उन्होंने किसी प्रकार का कोई लेनदेन सहकारी समिति से नहीं किया उसके बावजूद भी उनके नाम से फर्जी तरीके से लोन जारी कर उन पैसे का गबन कर्मचारियों द्वारा किया गया है। 

पूरे मामले की जांच के लिए सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिशासी अधिकारी द्वारा 10 दिवस में जांच कर मामले का खुलासा करने की बात कही गई थी लेकिन 15 से 20 दिन बीत जाने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर ग्रामीणों ने बैंक प्रशासन पर भी पूरे मामले में लीपापोती कर दोषियों को बचाने के आरोप लगाए। इसके बाद ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर सहकारी समिति में करोड़ रुपए के गबन के आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग का ज्ञापन सौंपा। पूरे मामले में जब सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक खंडेला के शाखा प्रबंधक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सहकारी समिति के व्यवस्थापक को हटाकर बैंक के एलएस को चार्ज दिया गया है तथा मामले की जांच जिला स्तरीय अधिकारी कर रहे हैं। 

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