सैकड़ों पुरोहितों ने पुष्कर सरोवर के मुख्य घाटों पर किया स्नान

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/08/26 11:21

पुष्कर (अजमेर)। इंसान अपने पापों का प्राश्चित करने के लिए क्या नहीं करता है,यदि किसी व्यक्ति को अपने पापों का प्राश्चित करने का मौका मिले तो वह उसे नहीं गंवाना चाहता है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा पर दसविद स्नान करने से जाने अनजाने में हुये पापों से मुक्ति मिलती है। 

इसी के तहत तीर्थ नगरी पुष्कर में इसी मान्यता के अनुरूप सरोवर के मुख्य घाटों पर सैकड़ो पुरोहितों ने 108 स्नान कर पापों का प्रायश्चित किया। राम घाट, ब्रह्म घाट और वराह घाट पर आज सुबह से ही श्रावणी कर्म करने वाले ब्राह्मणों का तांता लग गया। मुख्य आचार्य के सानिध्य में किये गये इस अनुष्ठान में पहले दसविद स्नान किया गया, जिसके अंतर्गत गऊ मूत्र ,घी, पूसा, स्वर्ण, गोबर, दूध, मृतिका, फल, वनस्पति और दरमा का स्पर्श कर शरीर को पवित्र किया गया। इसके बाद भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अलग-अलग वस्तुओं से स्नान किया गया। ब्राह्मण समाज ने शुद्धिकरण और देव कर्म करने का अधिकार प्राप्त करने के लिए इस धार्मिक अनुष्ठान में उत्साह के साथ भाग लिया। श्रावणी कर्म के दौरान सभी हिन्दू देवी-देवताओं को अर्घ देकर मानव मात्र के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर ऋषि मुनियों और अपने-अपने आराध्यों को तर्पण भी दिया गया। पुरोहितों के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा को श्रवण नक्षत्र होने के कारण श्रावणी कर्म करने का विशेष महत्व होता है, इस अवसर  पर सभी ब्राह्मणों ने अपनी जनेऊ बदलकर नई जनेऊ धारण की। इस आयोजन में युवा पुरोहित समाज ने बढ़ चढ़कर भाग लिया ही लेकिन बुजुर्ग भी पीछे नहीं रहे।

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