पति का नसबंदी ऑपरेशन फेल हुआ तो पत्नी ने दिया चौथे बच्चे को जन्म, अब मुआवजे की मांग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/29 03:46

नागौर: सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन के लिए तरह तरह के प्रोग्राम चलाकर जनसंख्या वृद्धि रोकने का प्रयास कर रही है. लेकिन नागौर जिले के गोआ कलां गांव में हुआ वाक्या कहि न कही नसबंदी शिविर और नसबंदी कार्यक्रम पर सवाल खड़ा करता है. गोआ कलां गांव निवासी पांचाराम ने वर्ष 2008 में पुरुष नसबंदी नागौर के जेएलएन अस्पताल में करवाई ताकि उसका छोटा परिवार हो सुखी परिवार रहे. मगर 01 जून 2019 को उसकी पत्नी ने नसबंदी के बावजूद एक और बच्चे को जन्म दे दिया और उसका परिवार बढ़कर चार बच्चों का हो गया. 

जिला कलक्टर को दिया ज्ञापन: 
पीड़ित पांचाराम ने ग्रामीणों के ताने सुनने और परेशान होकर जिला कलक्टर के पास ज्ञापन लेकर पहुंचा और उसे न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि उसे मुआवजा दिलवाया जाए. जिला कलक्टर दिनेश यादव ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को जांच करने के निर्देश दिए है. वहीं नागौर में इस बार ज्यादा महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन हुए है. विभाग की ओर से पुरुष नसबंदी का टारगेट देना बंद कर दिए जाने से अधिकारियों ने भी परिवार नियोजन में दिलचस्पी लेना बंद कर दिया है.

...नरपत ज़ोया संवाददाता 1st इंडिया न्यूज नागौर 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in