केपटाउन IND vs SA: साउथ अफ्रीका से मिली हार पर बोले कोच राहुल द्रविड़- वनडे टीम का संतुलन एक मसला, हार्दिक और जडेजा की कमी खली

IND vs SA: साउथ अफ्रीका से मिली हार पर बोले कोच राहुल द्रविड़- वनडे टीम का संतुलन एक मसला, हार्दिक और जडेजा की कमी खली

IND vs SA: साउथ अफ्रीका से मिली हार पर बोले कोच राहुल द्रविड़- वनडे टीम का संतुलन एक मसला, हार्दिक और जडेजा की कमी खली

केपटाउन: भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने स्वीकार किया कि एक दिवसीय क्रिकेट टीम में संतुलन का अभाव है और छठे सातवें नंबर पर हार्दिक पंड्या और रविंद्र जडेजा जैसे हरफनमौला खिलाड़ियों की कमी खली.

दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की वनडे श्रृंखला में भारत को 3.0 से हराया. इसके बाद द्रविड़ पर सवालों की बौछार होना लाजमी थी मसलन गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बीच के ओवरों में खराब प्रदर्शन, केएल राहुल की कप्तानी और वेंकटेश अय्यर को शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी के लिये नहीं उतारना वगैरह.

द्रविड़ ने कहा कि टीम की लय संतुलन पर निर्भर करती है. अगर ईमानदारी से देखें तो जो खिलाड़ी टीम को संतुलन देते हैं और छठे, सातवें, आठवें नंबर पर हरफनमौला के रूप में विकल्प प्रदान करते हैं, वे चयन के लिये उपलब्ध नहीं थे. द्रविड़ का इशारा हार्दिक पंड्या और जडेजा की ओर था जो फिटनेस कारणों से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि जब वे वापसी करेंगे तो टीम को गहराई मिलेगी. इससे हमें अलग तरीके से खेलने की सहूलियत भी मिलेगी. 

के एल राहुल की कप्तानी के बारे में पूछने पर कोच ने कहा कि लोगों को समझना होगा कि वह उपलब्ध टीम से जो सर्वश्रेष्ठ कर सकता था, उसने किया. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि उसने अच्छा काम किया. हारने पर यह सब आसान नहीं होता लेकिन उसने अभी शुरूआत ही की है. वह समय के साथ सीखेगा और कप्तानी का मतलब अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराना भी है. जो भी खिलाड़ी उपलब्ध हैं. वनडे टीम में कुछ कमी रह गई लेकिन उसने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया. वह समय के साथ बतौर कप्तान निखरेगा.

बीसवें से 40वें ओवरों के बीच भारतीय बल्लेबाजों ने दिशा खो दी:
बीसवें से 40वें ओवरों के बीच भारतीय बल्लेबाजों ने दिशा खो दी. द्रविड़ ने भी इसे स्वीकार करते हुए कहा कि हम बीच के ओवरों में बेहतर बल्लेबाजी कर सकते थे. लेकिन दो मैचों में पहले बल्लेबाजी करने पर दक्षिण अफ्रीका ने 290 के करीब रन बनाये और अब हम देखें तो दोनों मैचों में 30वें ओवर के बाद हम लक्ष्य हासिल करने की स्थिति में थे. उन्होंने किसी का नाम लिये बिना कहा कि हमने कुछ खराब शॉट खेले और निर्णायक क्षणों में चतुराई से नहीं खेल सके.

मध्यक्रम के बल्लेबाज जरूरत के समय वे अच्छा प्रदर्शन करें:
द्रविड़ उनमें से नहीं है जो खिलाड़ियों का नाम लेकर कुछ कहें लेकिन मध्यक्रम के कुछ बल्लेबाजों को कई मौके दिये जाने के बाद प्रदर्शन की उम्मीद से उनका आशय श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत की ओर था. उन्होंने कहा कि हमने उन्हें लगातार मौके दिये हैं और हम चाहते हैं कि वह अपनी जगह को लेकर सुरक्षित महसूस करें. उन्होंने कहा, लेकिन सुरक्षा और मौके देने के साथ आप प्रदर्शन की भी उम्मीद करते हैं. इस स्तर पर खेलने वालों से यही अपेक्षा रहती है कि जरूरत के समय वे अच्छा प्रदर्शन करें. हम हरसंभव स्थिरता रखना चाहते हैं.

टीम में हर जगह के लिये प्रतिस्पर्धा बहुत:
द्रविड़ ने कहा कि आप चौथे, पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं तो आपको पता होना चाहिये कि टीम की जरूरत क्या है. श्रेयस तीनों मैचों में जल्दी आउट हो गया. हमें पता है कि ये सभी अच्छा प्रदर्शन करते आये हैं और हम हरसंभव उनका साथ देंगे. लेकिन टीम में हर जगह के लिये प्रतिस्पर्धा बहुत है और इन हालात में यह आसान नहीं होता. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिये सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलने के लिये वेंकटेश को मध्यक्रम में खुद को ढालना होगा.

वेंकटेश हो या हार्दिक या जडेजा, जब ये वापसी करेंगे तो हमारे पास कई विकल्प हो जायेंगे:
केकेआर के लिये आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वेंकटेश के बारे में उन्होंने कहा कि छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर वेंकटेश जैसे खिलाड़ियों को तैयार करना है. वेंकटेश हो या हार्दिक या जडेजा, जब ये वापसी करेंगे तो हमारे पास कई विकल्प हो जायेंगे. द्रविड़ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका का दौरा आंखें खोलने वाला था और 2023 विश्व कप से पहले जितने ज्यादा वनडे खेलेंगे, टीम संयोजन को लेकर तस्वीर साफ होती जायेगी. उन्होंने कहा कि हमें पता है कि हम कहां है और सभी को अपनी भूमिका के बारे में पता है. समय के साथ साथ तस्वीर साफ होगी लेकिन उसके लिये समय सीमा तय नहीं की जा सकती. सोर्स- भाषा 

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