अहमदाबाद IPL Auction में बोली लगने के बाद बॉलर कृष्णप्पा गौतम बोले, मेरे माता पिता के खुशी से आंसू छलक आए

IPL Auction में बोली लगने के बाद बॉलर कृष्णप्पा गौतम बोले, मेरे माता पिता के खुशी से आंसू छलक आए

IPL Auction में बोली लगने के बाद बॉलर कृष्णप्पा  गौतम बोले, मेरे माता पिता के खुशी से आंसू छलक आए

अहमदाबाद: भारतीय टीम के नेट गेंदबाज कृष्णप्पा गौतम इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नीलामी में 9.25 करोड़ रुपये की धनराशि में खरीदे जाने के बाद अब भी भावनाओं पर काबू नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण उनके माता-पिता और पत्नी के आंसू छलक आए थे. चेन्नई में गुरुवार को हुई नीलामी में चेन्नई सुपरकिंग्स ने आलराउंडर गौतम को मोटी धनराशि देकर खरीदा है. उन्होंने अब तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है.

हो रही थी बहुत बैचेनी

इस तरह से वह सर्वाधिक धनराशि में बिकने वाले अनकैप्ड (जिसने अंतरराष्ट्रीय मैच न खेला हो) खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने क्रुणाल पंड्या के 2018 के रिकार्ड को पीछे छोड़ा जिन्हें तब मुंबई इंडियन्स ने 8.8 करोड़ रुपये में खरीदा था. इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला के लिए नेट गेंदबाज के रूप में भारतीय टीम में शामिल गौतम ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा है कि यह तनावपूर्ण था. टीवी देखते हुए मैं बेहद बैचेन था. उन्होंने कहा है कि मैं अहमदाबाद पहुंचा और मैंने अभी टीवी खोला ही था कि मेरा नाम आ गया था.  मिनट दर मिनट भावनाएं बदल रही थी.

जब रोहित ने गले लगाकर मांगी पार्टी

तभी रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या ने मेरा दरवाजा खटखटाया और उन्होंने मुझे गले लगा दिया और पार्टी देने को कहा. गौतम का आधार मूल्य 20 लाख रुपये था. उन्हें लेने के लिये कोलकाता नाइटराइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बोली चली जबकि चेन्नई सुपरकिंग्स बाद में इसमें शामिल हुआ था. कर्नाटक के इस 32 वर्षीय आलराउंडर का आईपीएल में खास रिकार्ड नहीं है. उन्होंने 2018 के बाद तीन सत्र में 24 मैच खेले और 186 रन बनाने के साथ 13 विकेट लिए है.

खुशी में भावुक हुए माता-पिता 

वह 2018 और 2019 में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेले जबकि 2020 में किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) का हिस्सा थे जिसके लिए उन्हें केवल दो मैच खेलने का मौका मिला था. गौतम के माता पिता और पत्नी बेंगलुरू में थे और उन्हें यह खबर पता चली तो वे अपने आंसू नहीं रोक पाए थे. गौतम ने कहा है कि मेरे माता पिता के आंसू छलक आए थे. ये खुशी के आंसू थे. वे सभी बहुत खुश थे. भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है. (सोर्स-भाषा)

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