ITR अलर्ट : इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए सिर्फ 31 अगस्त का समय

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/22 06:03

नई दिल्ली: आयकर रिटर्न (आईटीआर या ITR) भरने की समय-सीमा नजदीक आ रही है. इस साल आप 31 अगस्त तक आयकर रिटर्न (ITR) फाइल कर सकते हैं. इसके बाद आपको आईटीआर (ITR) फाइल करने पर जुर्माना चुकाना पड़ेगा.अगर आपने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आपको पेनल्टी देनी पड़ सकती है. अगर आपकी आय 2.5 लाख रुपए से ज्यादा है तो आपके रिटर्न भरना जरूरी है. वहीं 60 साल से 80 साल की उम्र के लोगों के लिए लिमिट 3 लाख की है और 80 साल के उम्र के लोगों की लिमिट 5 लाख रुपए की है.

अब टैक्स रिटर्न भरने के लिए आपके पास 10 दिन से भी कम का समय बचा है. इनकम टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख 31 जुलाई से 1 महीना बढ़ाकर बढ़ाकर 31 अगस्त 2019 की थी.

सरकार ने रिबेट हालांकि 5 लाख रुपए तक की आय वालों को टैक्स में छूट दे दी है। आप की इनकम अगर 2.5 लाख से 5 लाख के बीच है तो भी आपको रिटर्न भरना है. आपको इसके लिए निल रिटर्न भरना होगा.

फॉर्म 16 में बदलाव के कारण और टैक्स पेयर्स की मांग पर सरकार ने ये तारीख आगे बढ़ाई थी. आप वित्तवर्ष 2019-20 के लिए टैक्स रिटर्न बर सकते हैं.अगर आप 31 अगस्त के बाद रिटर्न भरेंगे तो आपको 5 हजार रुपए की पेनल्टी देनी पड़ सकती है.

आखिरी समय में टैक्स रिटर्न भरने में हमेशा कुछ ना कुछ दिक्कत होती है. अगर आपने अभी तक अपने आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक नहीं किया तो ये काम भी कर लें. आप खुद ऑनलाइन टैक्स रिटर्न भर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की मदद से भी इसे फाइल कर सकते हैं.टैक्स रिटर्न भरने के बाद आपको उसे वैरिफाइ भी करना होता है. इसके बाद ही रिटर्न भरने की प्रक्रिया पूरी होती है

इतना भरना होता है जुर्माना

31 जुलाई 2019 के बाद और 31 दिसंबर 2019 से पहले आईटीआर फाइल करने पर 5 हजार रुपए जुर्माना देना होता है
वहीं 1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2020 तक रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना 10 हजार रुपए भरना पड़ता है.ऐसे छोटे टैक्सपेयर्स जिनकी आय 5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं है उनको अधिकतन लेट फीस 1 हजार रुपए देनी होगी
60 साल से ऊपर के लोगों के लिए ये सीमा 3 लाख रुपए है और 80 साल से ऊपर के लोगों के लिए 5 लाख रुपए है.
कंपनी और फर्म के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है. जिन लोगों को सेक्शन 92ई के तहत रिपोर्ट जमा करनी होती है उनके लिए आखिरी तारीख 30 नवंबर 2019 है

ईटीआर में हुए हैं बदलाव
क्लियर टैक्स के सीईओ अर्चित गुप्ता ने कहा कि फॉर्म 16 और आईटीआर फॉर्म में हुए नए बदलावों को देखते हुए करदाताओं को पर्याप्त समय मिलना जरूरी है. इससे नियोक्ता कंपनी, कर्मचारियों और आयकर विभाग के लिए भी रिटर्न की प्रोसेसिंग में आसानी होगी. फॉर्म 16 टीडीएस प्रमाणपत्र होता है, जो नियोक्ता कंपनी द्वारा कर्मचारी को जारी किया जाता है. इसमें आपको पूरे साल में दी गई रकम और कर कटौती का उल्लेख होता है. इसमें पार्ट ए में कर कटौती और पार्ट बी में वेतन के तमाम मदों का जिक्र होता है

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