लखनऊ CM योगी आदित्यनाथ बोले- चूक गए तो उत्तर प्रदेश को कश्मीर, बंगाल और केरल बनते देर नहीं लगेगी

CM योगी आदित्यनाथ बोले- चूक गए तो उत्तर प्रदेश को कश्मीर, बंगाल और केरल बनते देर नहीं लगेगी

CM योगी आदित्यनाथ बोले- चूक गए तो उत्तर प्रदेश को कश्मीर, बंगाल और केरल बनते देर नहीं लगेगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मतदाताओं को आगाह करते हुए दावा किया कि उनके शासन में दंगाइयों और आतंकवादियों पर अंकुश लगा है. उन्होंने कहा कि ‘‘अगर इस बार मतदाता चूक गए तो उत्तर प्रदेश को कश्मीर, बंगाल और केरल बनते देर नहीं लगेगी.’’

योगी ने अपने टि्वटर हैंडल के जरिये साझा किए गए एक वीडियो में कहा ‘‘आज मुझे कोई चिंता है तो केवल एक है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रदेश में जिन-जिन दंगाइयों और आतताइयों पर अंकुश लगा है, वे सब मचल रहे हैं. आतंकी बार-बार धमका रहे हैं कि एक बार सरकार आने दीजिए. आप सावधान रहिए. आप चूके, तो पांच साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और इस बार उत्तर प्रदेश को कश्मीर, बंगाल और केरल बनते देर नहीं लगेगी. योगी ने कहा कि आपका वोट मेरी पांच वर्ष की तपस्या पर आपका आशीर्वाद तो है ही लेकिन यह भी ध्यान रहे कि ये वोट आने वाले वर्षों में आपके भयमुक्त और सुरक्षित जीवन की गारंटी बनेगा. मुख्यमंत्री ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग को सरकार की योजनाओं का लाभ दिया है राज्य में पिछले पांच वर्षों के दौरान बहुत कुछ अभूतपूर्व हुआ है. इससे करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आया है.

योगी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान आपने किसी घोटाले के आरोप नहीं सुने. मैं एक योगी हूं और मेरे भगवे पर कोई दो पैसे के भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा सकता, लेकिन इस बात के लिए भी मैं आपसे अपना वोट नहीं मांगूंगा. यह मुझे शोभा नहीं देता. मुझे सबसे बड़ा संतोष इस बात का है कि आज हमारा उत्तर प्रदेश गुंडों, बदमाशों, दंगाइयों, उगाही गिरोह, पेशेवर अपराधियों और माफियाओं के आतंक से मुक्त है.’’ उन्होंने कहा कि पलायन कर गए हिंदू अब अपने घरों को लौट चुके हैं. उन्हें धमकाने और प्रताड़ित करने वाले लोग या तो जेलों में बंद हैं या फिर सहम कर कहीं दुबक गए हैं. पुलिस भी अब बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के काम करती है. हालांकि उन्होंने कहा कि वह चुनाव में वोट मांगने के लिए यह सब नहीं कह रहे हैं. बस 'अपने दिल' की बात कह रहे हैं. सोर्स- भाषा
 

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