खान विभाग की मिलीभगत से चल रहा अवैध बजरी का धंधा

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/20 07:04

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी राजधानी जयपुर में धड़ल्ले से बजरी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। सर्वोच्च अदालत के आदेश के मुताबिक प्रदेश में बजरी खनन, परिवहन व इस्तेमाल पर रोक है। बावजूद इसके खान विभाग की मिलीभगत से बजरी का लाखों रुपए रोजाना का अवैध करोबार चल रहा है। 

गौरतलब है कि रात के अंधेरे में सैंकड़ों की संख्या में ट्रक, ट्रेलर और डंपरों से बनास से अवैध ढंग से बजरी निकाल कर महंगे दामों में सप्लाई की जा रही है। खान विभाग मनमाने ढंग से मिलीभगत दर्जनों वाहनों को निकाल देते हैं और जो वाहन मालिक उनकी मांग पूरी नहीं करता उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर देते हैं। 

दूसरी और बजरी व्यवसाय से जुड़े करीब 5 हजार ट्रक ऑपरेटर्स बजरी बंद होने से सड़क पर आ गए हैं। वाहनों की किस्त नहीं चुकाई जा रही और रिकवरी वाले वाहनों को ले जा रहे हैं। इस मामले में बजरी ट्रक वैल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष नवीन शर्मा ने आरोप लगाया कि जयपुर के खनिज अभियंता लेनदेन कर वाहनों को पकड़ने और दौड़ने का काम कर रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व नुकसान हो ही रहा है साथ ही अवैध बजरी का धंधा भी फल फूल रहा है।

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