CM गहलोत का अहम फैसला, अब प्रदेश के स्कूलों के बच्चों को भी पढ़ाया जाएगा निरोगी राजस्थान का पाठ

CM गहलोत का अहम फैसला, अब प्रदेश के स्कूलों के बच्चों को भी पढ़ाया जाएगा निरोगी राजस्थान का पाठ

CM गहलोत का अहम फैसला, अब प्रदेश के स्कूलों के बच्चों को भी पढ़ाया जाएगा निरोगी राजस्थान का पाठ

जयपुर: प्रदेश के स्कूलों के बच्चों को अब निरोगी राजस्थान का पाठ भी पढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अहम फैसला लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए, ताकि बुजुर्ग से लेकर प्रदेश का बच्चा-बच्चा स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो.

निरोगी राजस्थान अभियान का आगाज:
पहला सुख निरोगी काया और प्रदेश की जनता तक यही सुख पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निरोगी राजस्थान अभियान का आगाज किया है. अभियान को किस तरह सफल बनाया जाए इसके लिए पहले विधानसभा में चर्चा हुई और अब खुद मुख्यमंत्री इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. गुरुवार को सीएमओ में मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि पहली बार किसी राज्य सरकार ने प्रिवेंटिव हैल्थ का इतना बड़ा कार्यक्रम प्रारम्भ किया है, जो प्रदेशभर के लोगों को फिट रहने और उचित उपचार के लिए प्रेरित करेगा.

इसके लिए जल्द ही एक निरोगी हैल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिस पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श आसानी से मिल सके. बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, निदेशक एनएचएम नरेश ठकराल, एसएमएस मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुधीर भण्डारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

प्रदेशवासियों को निरोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम:
अभियान के तहत राज्य सरकार प्रदेश के सभी नागरिकों का डिजिटल हैल्थ सर्वे करवाएगी, जिससे हर व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी उपलब्ध होगी. एएनएम एवं आशा सहयोगिनियों के जरिए किया जाने वाला यह सर्वे प्रदेशवासियों को निरोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा. लोगों को उनके घर के पास ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए भामाशाहों, एनजीओ, विधायक कोष आदि के सहयोग और अधिक जनता क्लिनिक खोले जाएंगे. आमजन को मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाने के लिए गहलोत सरकार के पिछले कार्यकाल में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया था, जिसके बहुत अच्छे परिणाम सामने आए थे. निरोगी राजस्थान के तहत इस अभियान को लगातार चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कह दिया कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि कोई भी व्यक्ति मिलावट करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए.

मेडिकल कॉलेज को लेकर भी की समीक्षा:
इस बैठक में सीएम ने मेडिकल कॉलेज को लेकर भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए मेडिकल काॅलेजों के टेंडर, डिजाइन और अन्य प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा कर सितम्बर माह से पहले इनका निर्माण कार्य शुरू किया जाए. सीएम ने साथ ही भरतपुर एवं चूरू के मेडिकल काॅलेज तथा हाॅस्पिटल भवन के घटिया निर्माण और अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया. उन्होंने निर्देश दिए कि दोनों मेडिकल काॅलेजों के निर्माण में गड़बड़ियों की विशेषज्ञों से जांच करवाई जाए. इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों से तैयार होने वाले भवनों में किसी तरह की गड़बड़ी को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी.

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