जयपुर प्रशासन से जुड़ी है राजनीति की अहम व्यवस्थाएं, किस तरह है दोनों एक दूसरे के पूरक, Digital Baal Mela के मंच पर बताएंगे आईपीएस पंकज चौधरी, आज शाम 4 बजे बच्चों से करेंगे सीधा संवाद

प्रशासन से जुड़ी है राजनीति की अहम व्यवस्थाएं, किस तरह है दोनों एक दूसरे के पूरक, Digital Baal Mela के मंच पर बताएंगे आईपीएस पंकज चौधरी, आज शाम 4 बजे बच्चों से करेंगे सीधा संवाद

प्रशासन से जुड़ी है राजनीति की अहम व्यवस्थाएं, किस तरह है दोनों एक दूसरे के पूरक, Digital Baal Mela के मंच पर बताएंगे आईपीएस पंकज चौधरी, आज शाम 4 बजे बच्चों से करेंगे सीधा संवाद

जयपुर: राजनीति और प्रशासन!! बाल राजनीति में शामिल हो रहे देशभर के बच्चों के लिए डिजिटल बाल मेला 2021 एक नयी सौगात लेकर आया है. जो उन्हें राजनीति से जुड़े हर पहलू पर चर्चा करने का अधिकार दे रहा है. 'बच्चों की सरकार कैसी हो' के प्रति उत्साहित बच्चे अब राजनीति का सबसे अहम और गहरा पाठ पढ़ रहे है. इसी कड़ी में अब एक और विषय जुड़ गया है जो है 'प्रशासन और राजनीति का संबंध'. वही इस विषय में बच्चों का ज्ञानवर्धन करेंगे आईपीएस पंकज चौधरी. जी हां राजनीति और प्रशासन के संबंध को बच्चों के सामने उजागर करेंगे कर्तव्य निष्ठ और लोकप्रिय आईपीएस पंकज चौधरी.

गौरतलब है कि भारतीय संविधान ने शासन-प्रशासन को चलाने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की हुई है. उसके इसके तहत कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका अपना अपना काम करती है. तीनों के अलग-अलग कार्य निर्धारित किए हुए हैं.ऐसे में विधायिका और कार्यपालिका का सीधा-सीधा संबंध हैं. राजनेता अपने कार्यों को प्रशासन या यूं कहिये ब्यूरोक्रेसी के जरिए ही पूरा करवाते हैं. वही राजनेताओं की नीतियों और सरकार की योजनाओं को पूरा कराने का काम प्रशासन के जरिए ही किया जाता है. बगैर प्रशासन के लोक कल्याणकारी राज्य का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता है. ऐसे में इस संबंध को एक शब्द में यदि कहा जाएं तो ये कहना उचित होगा की राजनीति और प्रशासन एक दूसरे के पूरक है. दोनों के बीच काफी गहरा संबंध है.

अब बच्चों को इसी संबंध की परिभाषा आईपीएस पंकज चौधरी देंगे. जिन्होंने देश की सेवा में अपने आपको न्यौछावर करने वाले एक जांबाज व निष्पक्ष पुलिस ऑफ़िसर माने जाते है. वे पहली बार डिजिटल बाल मेला में बच्चों से आज संवाद करेंगे और उन्हें राजनीति का सबसे अनोखा पाठ पढ़ाएंगे. इस बीच बच्चे आईपीएस चौधरी से अपने मन की बात कर सकते है तो वही उनसे कोई भी सवाल भी कर सकते है. संवाद से पहले जानें आईपीएस पंकज चौधरी का परिचय!!

आईपीएस पंकज चौधरी का परिचय:
"न जाति, न क्षेत्र, न धर्मा...देश सर्वोपरी." जी हां, ये एक पंक्ति आईपीएस पंकज चौधरी की टेबल के ठीक ऊपर लगी हुई मिलती है. वे जहां भी पोस्टिंग में रहते हैं, ये पंक्तियां उनके साथ रहती है.

मूलरूप से यूपी के रहने वाले आईपीएस पंकज चौधरी एक फाइटर के तौर पर जाने जाते है. बहुत कम लोग जानते है कि पंकज चौधरी ने आईपीएस बनने से पहले 4 नौकरियों का अनुभव लिया था. उन्होनें दिल्ली वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार में 8 वर्षों की उत्तम सेवा दी तो वही उत्तर प्रदेश पीसीएस लोअर सबॉर्डिनट में चयनित हुए, फिर बाद में नई दिल्ली 2 प्राईवेट संस्था में नौकरी का अनुभव भी लिया.

उन्होनें साल 2011 में आईपीएस की ट्रेनिंग पूरी कर अपनी सेवाएँ देनी शुरू की थी. ऐसे में देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाने आये पंकज चौधरी की राजस्थान में कई महत्वपूर्ण ज़िलों में पदस्थापन-पोस्टिंग के प्रारंभिक प्रशिक्षण के तौर पर कोटा,बांसवाडा व राजस्थान के सरहदी ज़िले जैसलमेर,ऐतिहासिक ब्रिटिश क़ालीन बूंदी,अजमेर,जयपुर पोस्टिंग रही. उन्होंने अपने पद पर रहते हुए अब तक कई ऑपरेशनों को अंजाम दिया जिनमें से “ऑपरेशन वेल्कम”,“ऑपरेशन यूथ” “ऑपरेशन ढाबा” जैसे कई खुलासे मुख्य रहे.एक जांबाज व निष्पक्ष पुलिस ऑफ़िसर माने जाने वाले आईपीएस पंकज चौधरी सरहदी जिलों की राजनीति के दाता कहे जाने वाले धर्मगुरु व अंतरराष्ट्रीय तस्कर के रूप में कुख्यात गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट जैसलमेर एसपी रहते हुए खुलकर पूरे राजस्थान व देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था. जिसके बाद उनकी चर्चा पूरे देशभर में होने लगी.

पंकज चौधरी सोशल मीडिया पर भी काफी सुर्खियों में रहते है. कभी अपने काम को लेकर तो वही कभी अपनी निजी जिंदगी को लेकर. खैर पंकज चौधरी की हिम्मत और साहस देश के हर नागरिक के लिए राष्ट्र प्रेम जागरूक करती है. प्रशासनिक सेवाओ के साथ ही उन्होंने किस तरह राजनीति से भी रिश्ता बनाए रखा ये अद्धभूत है. 

अब डिजिटल बाल मेला के मंच पर पंकज चौधरी अपनी इसी खासियत का राज बच्चों को बताने आ रहे है. जी हां जो बाल राजनीति में शामिल हो रहे बच्चों को प्रशासनिक सेवा और राजनीति के रिश्ते के बारें में विस्तार से बताएंगे. ये पहला संवाद है जब Digital Baal Mela में बच्चे आईपीएस से सीधे संवाद करेंगे.

आज शाम 4 बजे गूगल मीट पर होगा संवाद:
Digital Baal Mela के मंच पर बच्चे शाम 4 बजे आईपीएस पंकज चौधरी से लाइव संवाद कर सकते है. ये संवाद डिजिटल बाल मेला के गूगल मीट पर आयोजित किया जाएगा. जिसमें देशभर के बच्चे जुड़कर आईपीएस चौधरी से प्रशासनिक सेवाओं के साथ ही राजनीति की कुछ खास बातें भी सीख सकते है. ऐसे में बच्चे अपने सुझावों के साथ ही पंकज चौधरी से कोई भी सवाल कर सकते है. 

डिजिटल बाल मेला लाया है बच्चों के लिए नई सौगात: 
15 जून को शुरू हुआ  ​Digital Baal Mela 2021 सीजन की थीम 'बच्चों की सरकार कैसी हो' है. ऐसे में इस सीजन के हर एक पहलू में बच्चों को राजनीतिक, सामाजिक, सरकार के हर एक पहलू से परिचित कराया जाएगा. आपको पता हो तो सरकार द्वारा की जाने वाली सभी गतिविधियां विधानसभा में पारित की जाती है. जिसके लिए बाल राजनीति में शामिल होने जा रहे बच्चों को विधानसभा जाना और वहां कि गतिविधियों, कार्यप्रणाली को करीब से समझना आवश्यक है. ऐसे में बाल राजनीति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने जा रहे बच्चों को अपनी सरकार बनाने के लिए देश में पहली बार किसी मंच के सहयोग से विधानसभा जाने का मौका मिलेगा. खास बात ये है कि ये मंच देशभर के बच्चों के लिए आयोजित किया गया है. देशभर के बच्चे इसमें भाग ले सकते है. और डिजिटल बाल मेला 2021 में बनने जा रहे इस इतिहास में अपना नाम कर सकते है.

डिजिटल बाल मेला की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री: 
'डिजिटल बाल मेला सीजन2' में #BacchoKiSarkaarKaisiHo की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

और पढ़ें