इस्लामाबाद Pakistan: इमरान खान ने पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस गुलजार अहमद को कार्यवाहक प्रधानमंत्री किया नियुक्त

Pakistan: इमरान खान ने पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस गुलजार अहमद को कार्यवाहक प्रधानमंत्री किया नियुक्त

Pakistan: इमरान खान ने पाकिस्तान के पूर्व चीफ जस्टिस गुलजार अहमद को कार्यवाहक प्रधानमंत्री किया नियुक्त

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद को देश में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच सोमवार को इमरान खान द्वारा कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया गया. पूर्व सूचना मंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री खान ने पार्टी की कोर कमेटी की मंजूरी के बाद यह फैसला किया.

राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सोमवार को प्रधानमंत्री खान और विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति के लिए सुझाव मांगे थे. चौधरी ने कहा कि राष्ट्रपति के पत्र के जवाब में, पीटीआई कोर कमेटी के परामर्श और अनुमोदन के बाद, प्रधानमंत्री इमरान खान ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के लिए पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद को नामित किया है. अपने पत्र में, राष्ट्रपति अल्वी ने उनसे कहा कि यदि वे संसद के भंग के तीन दिनों के भीतर नियुक्ति पर सहमत नहीं होते हैं, तो वे अध्यक्ष द्वारा गठित की जाने वाली एक समिति को दो-दो उम्मीदवारों के नाम भेजेंगे, जिसमें निवर्तमान नेशनल असेंबली या सीनेट, या दोनों के आठ सदस्य होंगे जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष का समान प्रतिनिधित्व हो. राष्ट्रपति सचिवालय ने एक बयान में कहा कि संविधान ने राष्ट्रपति को निवर्तमान नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता के परामर्श से एक कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त करने का अधिकार दिया है. पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 224-ए (1) के तहत, देश में चुनाव आयोजित करने के लिए एक कार्यवाहक सरकार का गठन किया जाता है. खान कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति तक पद (प्रधानमंत्री) पर बने रहेंगे.

शहबाज शरीफ ने इसे अवैध बताते हुए अब तक इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है. न्यायमूर्ति अहमद ने दिसंबर, 2019 से फरवरी 2022 में अपनी सेवानिवृत्ति तक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया. उनका जन्म 1957 में हुआ था. वह पनामा पेपर्स मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराने वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ का हिस्सा थे. उन्होंने अपने कड़े फैसलों और सरकारों व नौकरशाहों के खिलाफ टिप्पणियों के कारण कई बार सुर्खियां बटोरीं. न्यायमूर्ति अहमद ने अधिकारियों को उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में भीड़ द्वारा तोड़े गए एक मंदिर के पुनर्निर्माण का भी आदेश दिया था और उन्हें हमलावरों से मरम्मत के काम के लिए धन की वसूली करने का निर्देश दिया था. उनका कहना था कि हमलावरों के कृत्य से पाकिस्तान को “अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी” उठानी पड़ी थी. उन्होंने पिछले साल दिवाली उत्सव मनाने और हिंदू समुदाय के सदस्यों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए पुनर्निर्मित मंदिर में एक भव्य समारोह में भी भाग लिया था. सोर्स- भाषा

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