सीकर राजस्थान में Curfew : सीकर में Emergency सेवाओं को छोड़कर सब बंद, सिरोही में तीन दिनों का Total Lockdown

राजस्थान में Curfew : सीकर में Emergency सेवाओं को छोड़कर सब बंद, सिरोही में तीन दिनों का Total Lockdown

 राजस्थान में Curfew : सीकर में Emergency सेवाओं को छोड़कर सब बंद, सिरोही में तीन दिनों का Total Lockdown

सीकर: राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot Government) द्वारा जनहित में प्रदेश में लगाए गए महामारी रेड अलर्ट जन शासन लॉकडाउन (Epidemic Red Alert Public Governance Lockdown) की कड़ाई से पालना करवाई जा रही है. ऐसे में आमजन भी सचेत होकर इसकी पालना कर रही है.  मुख्यमंत्रि अशोक गहलोत (Cm Ashok Gehlot) ने भी इसकी सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए थे. प्रदेश के सीकर जिले में प्रशासन बेवजह घूमने वालों को समझाइश  कर रहे है और नहीं मानने पर चालान भी कर रहे है. जिले में 10 मई से लगाए गए लॉकडाउन के बाद सडकें पूरी तरह से सूनी पड़ी है. चारों ओर सन्नाटा है. वही पर सीकर के सिरोही गांव में ग्रामीणों ने स्वेच्छा से तीन दिनों तक टोटल लॉकडाउन (Total Lockdown) लगाया है.

जिला प्रशासन मुस्तैदी से कर रहा है कार्य:
सीकर जिला प्रशासन (Sikar District Administration) महामारी रेड अलर्ट लॉकडाउन को गंभीरता से ले रहा है प्रशासनिक अधिकारी (Administration Officer) स्वयं सड़कों पर निकले और बेवजह घूमने वालों के चालान किए. जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी (District Collector Avichal Chaturvedi) ने सभी अधिकारियों को लॉकडाउन की पालना सख्ती से करवाने के निर्देश जारी कर दिए हैं वहीं पर पुलिस प्रशासन भी चप्पे-चप्पे पर तैनात है. ऐसे में यह कहा यह कतई गलत नहीं होगा कि कोरोना की दूसरी लहर में आमजन भी सरकार का सहयोग करता हुआ नजर आ रहा है.

आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद:
प्रदेश में लगे लॉकडाउन को लेकर सरकारी गाइडलाइन (Official Guideline) के अनुसार मोस्ट वांटेड (Most Wanted) यानी आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहने के निर्देश हैं. ऐसे में जिले में भी आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद है. लोग गाइडलाइन के अनुसार सुबह 11 बजे से पहले ही सभी जरूरत का सामान खरीद रहें है. किराना, फल, सब्जी (Grocery, Fruit, Vegetable) सहित अन्य तरह की सभी गतिविधियों पर 11 बजे के बाद पाबंदी है. केवल मेडिकल, चिकित्सा सहित कुछ अन्य ही खुल सकेगा. जिले में इमरजेंसी को छोड़कर कोई भी वाहन नहीं चले. शहर के कल्याण सर्किल (Kalyan Circle), जाट बाजार, घंटाघर, देवपुरा बालाजी मंदिर, बजाज सर्किल पर पुलिस की कड़ी नाकेबंदी भी देखी गई. वही पर पुलिस ने  बिना मास्क वालो के चालान भी बनाए तो बे वजह बाजारो में घुमने वालो के वाहन भी सीज किए.

गांवों में पंचायत स्तर पर टोटल लॉकडाउन:
कोरोना को कंट्रोल करने के लिए प्रदेश के कुछ गांवों में पंचायत स्तर पर ग्रामीणों ने आपसी सहमति (Mutual Consent) से टोटल लॉकडाउन लगाया है. नीमकाथाना (Neem Ka Thana) के सिरोही गांव में सरंपच जेपी कस्वां के नेतृत्व में हुई बैठक में ग्रामीणों ने तीन दिनों तक अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखने पर सहमति जताई है. सरपंच द्वारा गांव के युवाओं को मुख्य चौराहों, गली के नुक्कड़, भीड़भाड़ वाली जगहों (Main crossroads, street Nooks, Crowded Places) पर चौकसी के लिए तैनात किया है. युवा बेवजह घूमने वालों को प्यार से समझाइस कर रहे है और आमजन से घरों से बेवजह नहीं निकलने की अपील कर रहें है. सिरोही के युवा दिलीप अग्रवाल (Youth Dilip Agarwal) के अनुसार गांव में तीन दिनों के लिए टोटल लॉकडाउन लगाया गया है. सभी ग्रामीण लॉकडाउन का सख्ती से पालन कर रहें है. सभी ने अपने प्रतिष्ठानों को स्वेच्छा से बंद कर रखा है.

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