Virtual Foundation और लोकार्पण Program में IAS ने CM की तुलना राजा भगीरथ से की, कहा- हजारों वर्ष तक याद किया जाएगा

Virtual Foundation और लोकार्पण Program में IAS ने CM की तुलना राजा भगीरथ से की, कहा- हजारों वर्ष तक याद किया जाएगा

Virtual Foundation और लोकार्पण Program में IAS ने CM की तुलना राजा भगीरथ से की, कहा- हजारों वर्ष तक याद किया जाएगा

जयपुर: जोधपुर में विकास कामों के वर्चुअल शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम (Virtual Foundation Laying and Inauguration Program) में नगरीय विकास विभाग UDH के प्रमुख सचिव कुंजीलाल मीणा (Principal Secretary Keylal Meena) ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जमकर तारीफ की. समारोह में कुंजीलाल मीणा ने CM को राजा भागीरथ की संज्ञा दे दी.

गहलोत को हजारों वर्षों तक याद किया जाएगा:
मीणा ने कहा कि जिस रूप में गंगा मैया को शिवजी की जटाओं से धरती पर उतारने में राजा भगीरथ (King Bhagirath) के भगीरथी प्रयासों को आज भी याद किया जाता है, उसी तर्ज पर मारवाड़ और राजस्थान (Marwar and Rajasthan) में विकास रूपी गंगा को उतारने में मुख्यमंत्री गहलोत को हजारों बरसों तक याद किया जाता रहेगा. जोधपुर शहर के विकास लिए भी उन्हें हजारों साल याद किया जाता रहेगा. 1980 से लेकर अब तक अलग अलग पदों पर रहते हुए गहलोत ने लगातार जोधपुर ही नहीं राजस्थान की जनता उन्हें याद करती रहेगी.

गहलोत सरकार की वजह से जोधपुर विश्व के नक्शे पर आया:
कुंजीलाल मीणा (Kunjilal Meena) ने कहा कि मुख्यमंत्री की वजह से आज जोधपुर विश्व के नक्शे पर आ गया है. राष्ट्रीय स्तर (National Level) की संस्थाएं जोधपुर में हैं जो मुख्यमंत्री ​की देन है. जिस वक्त कुंजीलाल मीणा गहलोत की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्हें राजा भगीरथ की उपमा दे रहे थे, उस वक्त गहलोत मंद-मंद मुस्करा रहे थे. आम तौर पर वरिष्ठ IAS अफसर (Senior Ias Officer) इस तरह किसी CM या मंत्री की तारीफ कम ही करते हैं.
 
बचपन से ही संस्कारित थे गहलोत साहब:
कुंजीलाल मीणा ने कहा कि गहलोत साहब बचपन से ही संस्कारी (Cultured) थे. गहलोत जी में विकास की गंगा बहाने के संस्कार बचपन से ही आ गए थे. जोधपुर के तत्कालीन मेयर टाक साहब ने यह मुझे बताया था-1965 में बाबू लक्ष्मण सिंह गहलोत जोधपुर नगर परिषद के सभापति थे. बाबू लक्ष्मण सिंह CM साहब के पिता थे. उस वक्त टाक साहब उपसभापति (Deputy Chairman) थे.

14 15 साल की उम्र से ही राजनीति में इंट्रेस्ट रखते है गहलोत:
मुख्यमंत्री जी 14 15 साल की उम्र में ही उस वक्त अपने पिता के पास सोजती गेट पर नगर परिषद के ऑफिस चले जाते थे और अपने पिता को काम करते देखते थे. उन्होने कहा कि गहलोत जी को बचपन से ही राजनीति (Politics) में आने का शौक था. बाबू लक्ष्मण सिंह जादूगर के रूप में विख्यात थे. बाबू लक्ष्मण सिंह ने जोधपुर नगरपालिका अध्यक्ष रहते विकास के जो काम करवाए वही संस्कार आज भी मुख्यमंत्री जी में हैं. गहलोत ही जोधपुर को विश्व के नक्शे पर लेकर आए. आज जोधपुर में NLU, IIT, एम्स सहित कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थान हैं जो गहलोत की ही देन है.

कुंजीलाल मीणा का अंदाज प्रशासनिक और सियासी गलियारों में बना टॉकिंग पॉइंट:
कुंजीलाल मीणा ने जिस अंदाज में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफों के पुल बांधे उस अंदाज की सियासी और प्रशासनिक हलकों (Administrative Circles) में चर्चा का विषय बना हुआ है. आम तौर पर IAS अफसर इतना खुलकर तारीफ करने से बचते रहे हैं. किसी पार्टी विशेष या नेता विशेष के प्रति ज्यादा झुकाव खुले आम नहीं दिखाया जाता.

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