नई दिल्ली ट्विटर के जवाब पर कांग्रेस ने कहा- सोशल मीडिया मंचों के बारे में राहुल गांधी के रुख की पुष्टि हुई

ट्विटर के जवाब पर कांग्रेस ने कहा- सोशल मीडिया मंचों के बारे में राहुल गांधी के रुख की पुष्टि हुई

ट्विटर के जवाब पर कांग्रेस ने कहा- सोशल मीडिया मंचों के बारे में राहुल गांधी के रुख की पुष्टि हुई

नई दिल्ली: कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी के एक पत्र पर ट्विटर के जवाब से उसके पूर्व अध्यक्ष के इस रुख की पुष्टि हुई है कि लोकतंत्र और सोशल मीडिया मंचों का सरकार द्वारा दमन नहीं किया जा सकता.

पार्टी का बयान उस वक्त आया है जब ट्विटर ने कहा है कि वह अपने मंच पर स्वस्थ बहस और भारत को लेकर प्रतिबद्ध है. राहुल ने गांधी ने गत 27 दिसंबर को ट्विटर को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाने में उसकी ‘अनभिज्ञ संलिप्तता’ है और अपने ट्विटर अकाउंट के फॉलोवर को ‘दबाने’ को लेकर चिंता जताई थी.

बहरहाल, ट्विटर ने कहा कि राहुल गांधी के अकाउंट के फॉलोवर की संख्या ‘सार्थक और उचित’ है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी के इस रुख की पुष्टि हुई है कि लोकतंत्र और सोशल मीडिया मंचों का सरकार द्वारा दमन नहीं किया जा सकता तथा यहां स्वस्थ्य बहस और चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि बहुलता, बहु-सांस्कृतिकवाद, खुली बहस, सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों की आलोचना तथा सोशल मीडिया का उपयोग बहस एवं चर्चा के लिए होना, यह राहुल गांधी का रुख रहा है. उनके इस रुख की पुष्टि हुई है.

ट्विटर को भारत के विचार को नष्ट करने में मोहरा नहीं बनने दिया जाए:
राहुल गांधी ने ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल को लिखे पत्र में कहा था कि मैं आपको एक अरब से अधिक भारतीय नागरिकों की ओर से पत्र लिख रहा हूं कि ट्विटर को भारत के विचार को नष्ट करने में मोहरा नहीं बनने दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा था कि मैं आपका ध्यान इस ओर खींचना चाहता हूं कि मुझे ऐसा लगता है कि भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाने में ट्विटर की अनभिज्ञ संलिप्तता है.

ट्विटर भारत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध:
इसके जवाब में ट्विटर की उपाध्यक्ष (वैश्विक लोक नीति) साइनेड मैकस्वीनी ने कहा कि ट्विटर भारत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगा कि सार्वजनिक संवाद स्वस्थ हो, लोगों बेहतर ढंग से सूचना मिले और संवाद में सुरक्षित और सहज रूप से शामिल हों. ट्विटर ने इस बात का भी उल्लेख किया कि वह राजनीतिक सामाग्रियों को मनमाने ढंग से सेंसर नहीं करता तथा राजनीतिक बहस एवं खुले विमर्श के स्तर को ऊंचा करना उसकी सेवाओं का आधार और बुनियादी मूल्य हैं. ट्विटर की पदाधिकारी ने यह भी कहा कि हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि ट्विटर अपनी भूमिका को बहुत ही गंभीरता के साथ सेवा प्रदान करने वाले मंच के तौर पर देखता है तथा हम भारत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. सोर्स- भाषा 

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