एंटीलिया केस में उद्धव सरकार की दो टूक:  कहा- हम किसी को बचा नहीं रहे, बिना सबूत किसी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी

एंटीलिया केस में उद्धव सरकार की दो टूक:  कहा- हम किसी को बचा नहीं रहे, बिना सबूत किसी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी

एंटीलिया केस में उद्धव सरकार की दो टूक:  कहा- हम किसी को बचा नहीं रहे, बिना सबूत किसी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी

मुंबई: एंटीलिया केस मामला अब गहराता ही जा रहा है. इस मामले ने अब एक राजनीतिक रूप ले लिया है. उद्धव सरकार ने आज मामले में दो टूक कह ही दिया. उद्धव सरकार ने साफ कर दिया है कि वह एंटीलिया मामले में न तो किसी अधिकारी या मंत्री को बचा रही है और न ही किसी पर बिना सबूत कार्रवाई करने वाली है. सीएम आवास पर बुलाई गई तीनों सहयोगी दलों की बैठक के बीच डिप्टी सीएम अजीत पवार ने यह बात कही. राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी. एक घंटे चली इस मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि पवार के कहने पर ही मंगलवार को उद्धव ने मंत्रियों की यह बैठक बुलाई है.

दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी: ठाकरे
बैठक से कुछ देर के लिए बाहर निकले अजीत पवार ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जो भी इस मामले में दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस और शिवसेना के नेताओं के बीच में कोई भी मतभेद नहीं है. हम मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं.

अधिकारियों को हटाने की खबर महज अफवाह:
सचिन वझे के सवाल पर पवार ने कहा कि इस केस की हमें जैसे ही जानकारी मिली हमने कार्रवाई की है. लेकिन पिछले दो दिनों से अन्य अधिकारियों को लेकर ब्रेकिंग न्यूज आ रही है कि इसे हटाया जाएगा उसे हटाया जाएगा. सरकार कोई भी निर्णय ऐसे ही नहीं लेती है. सीएम साहब ने पहले भी स्पष्ट किया है कि सबूतों के आधार पर ही हम किसी को हटाएंगे या उस पर कार्रवाई करेंगे. अफवाहों के आधार पर कार्रवाई करने का सवाल ही नहीं उठता.

सीएम ने अपने आवास वर्षा पर बुलाई तीनों घटक दलों के बड़े मंत्रियों की बैठक:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने आधिकारिक आवास 'वर्षा' पर महाविकास अघाड़ी के तीनों घटक दलों के बड़े मंत्रियों की बैठक बुलाई. इस बैठक में CM एंटीलिया केस में गिरफ्तार सचिन वझे को लेकर सभी प्रमुख मंत्रियों से बातचीत कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इस केस से जुड़े अपडेट्स भी वे सभी मंत्रियों को ब्रीफ करेंगे. महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और NCP की साझा सरकार है.

मंत्रिमंडल पर फेरबदल को लेकर चर्चा की संभावना:
इस बैठक में मंत्री एकनाथ शिंदे, बालासाहब थोराट, अनिल परब और जयंत पाटिल भी मौजूद हैं. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भाजपा की ओर से लगातार सरकार को घेरे जाने के प्रयास कमजोर करने पर रणनीति बनाई जा रही है.

शरद पवार के निर्देश पर बुलाई बैठक:
धनंजय मुंडे प्रकरण, टिक टॉक स्टार पूजा चव्हाण की मौत का मामला और सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद से सरकार लगातार बैकफुट पर है. इसलिए, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी. एक घंटे चली इस मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि पवार के कहने पर ही मंगलवार को उद्धव ने मंत्रियों की यह बैठक बुलाई है.

राम कदम ने उठाए कई सवाल:
इस मामले में भारतीय जनता पार्टी लगातार सरकार पर हमलावर है. भाजपा नेता राम कदम ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कई सवाल उठाएं हैं.

कदम ने पूछा है:
एक साधारण API जैसा अफसर इतना बड़ा षड्यंत्र क्या अकेला कर सकता है? महाराष्ट्र में न साधु-संत सुरक्षित हैं, न ही अंबानी जैसे उद्योगपति.

क्या जल्द ही होने वाले BMC चुनाव के लिए अंबानी जैसे उद्योगपति को डराकर धन जुटाना किसी का मकसद था?

हमारा सवाल है शिवसेना और उनके साथी वझे की खुलकर वकालत करते हुए उसका बचाव क्यों कर रहे हैं?

क्या संगीन आरोप वाले व्यक्ति को बचाना उचित है?

फडणवीस ने कहा- मनसुख की हत्या का मामला अभी अनसुलझा:
विपक्ष के नेता और पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस ने इसी मामले में कहा है कि मनसुख हिरेन की हत्या का मामला अभी भी अनसुलझा है. भाजपा तब तक इस मामले में चुप नहीं रहेगी जब तक उनके हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती. (सोर्स-भाषा)
 

और पढ़ें