जहरीले पानी के मामले में पंजाब प्रदूषण बोर्ड ने राजस्थान से मांगी 3 महीने की मोहलत

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/18 09:43

श्रीगंगानगर: पंजाब की नदियों में औद्योगिक इकाइयों द्वारा पानी को प्रदूषित करने के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चल रहे आंदोलन से पंजाब पर चौतरफा दबाव पड़ रहा है. इसका नतीजा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पटियाला की ओर से पंजाब व राजस्थान के प्रतिनिधियों के साथ की गई बैठक में देखने को मिला. पीपीसीबी के अधिकारियों ने जल प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रतिनिधियों से कार्रवाई के लिए तीन महीने की मोहलत मांगी है.

प्रदूषित पानी रोकने का एक्शन प्लान तैयार: 
पीपीसीबी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नदियों से राजस्थान की नहरों में भेजा जा रहा प्रदूषित पानी रोकने का एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है. इसका परिणाम छह महीनों में देखने का मिलेगा. बैठक के बाद प्रदूषित पानी के खिलाफ अभियान दूषित जल-असुरक्षित कल के प्रतिनिधियों ने 22 जुलाई को पीपीसीबी के पटियाला मुख्यालय के समक्ष प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को एक बार स्थगित कर दिया है. 

छह सेंसर बेस्ड निगरानी सिस्टम लगाने का प्रस्ताव तैयार: 
प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के अलावा नदियों पर विभिन्न जगह छह सेंसर बेस्ड निगरानी सिस्टम लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें 2 सिस्टम सतलुज नदी, 2 व्यास और 1 घग्घर नदी पर लगेगा. जो पानी में प्रदूषण के स्तर की ऑटोमेटिकली निगरानी करेंगे. इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनके ट्रीटमेंट प्लांट चालू होने या न होने की अवस्था की निगरानी की जाएगी. 

...सुनील सिहाग फर्स्ट इंडिया न्यूज श्रीगंगानगर

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