VIDEO: इस साल गर्मियों में जयपुर में होगा भयंकर जल संकट !

Naresh Sharma Published Date 2019/01/13 05:52

जयपुर। जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध अब खाली होने लगा है और हालात यही रहे, तो 30 अप्रैल के बाद बीसलपुर से जयपुर को पानी नहीं मिलेगा। फर्स्ट इंडिया के पास जलदाय विभाग के वे दस्तावेज मौजूद हैं, जिसमें साफ उल्लेख है कि 30 अप्रैल 2019 के बाद जयपुर में भयंकर जल संकट होगा और यदि मानसून में बारिश नहीं होती है, तो पीन के पानी के लिए त्राहि त्राहि होगी। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-

―जयपुर में मच जाएगी पानी के लिए त्राहि त्राहि
―30 अप्रैल बाद बीसलपुर से नहीं मिलेगा पानी
―क्षमता का एक चौथाई पानी भी नहीं है बांध में
―जयपुर में हो रही है 30 से 50 फीसदी कटौती
―राजधानी के कई इलाकों में नहीं हो रही पानी सप्लाई
―जलदाय विभाग ने माना जयपुर में होगा बड़ा संकट
―विभाग के दस्तावेज हैं फर्स्ट इंडिया के पास

सबसे पहले बात करते हैं जलदाय विभाग द्वारा तैयार सरकारी दस्तावेज की, जिसमें साफ लिखा है कि बांध में भराव क्षमता से काफी कम पानी बचा है और हालात ऐसे ही रहे, तो 30 अप्रैल 2019 के बाद बीसलपुर से जयपुर को पानी नहीं मिलेगा। साथ ही इस दस्तावेज में यह भी लिखा है कि इस साल गर्मियों में जयपुर में भयंकर जल संकट होगा। पिछले साल गर्मियों में 475 एमएलडी तक पानी बीसलपुर से जयपुर को मिला था, लेकिन अब यह स्तर 300 के पास पहुंच गया हैं। विभाग द्वारा 25 फीसदी की घोषित कटौती हैं, लेकिन कई जगह 50 फीसदी तक अघोषित कटौती चल रही है। खराब मानसून के कारण उम्मीद के अनुसार बीसलपुर बांध में पानी नहीं आने के करण जयपुर सहित राज्य के पांच जिलों पर जलसंकट का खतरा मंडरा रहा है। बीसलपुर बांध में 25 फीसदी से कम पानी बचा है।

―अप्रैल तक खाली हो जाएगा बीसलपुर बांध !
―8.5 टीएमसी पानी ही बचा है बीसलपुर बांध में
―सिर्फ 7.5 टीएमसी पानी है उपयोग लेने लायक
―हर महीने 1.37 टीएमएसी पानी का होता है उपभोग
―2009 से पहले सिर्फ अजमेर में होती थी बांध से सप्लाई
―2009 में जयपुर को जोड़ा गया था बीसलपुर से
―अब 88 लाख से अधिक जनसंख्या को होता है सप्लाई
―2009 की तुलना में चार गुणा हो गई सप्लाई वाली जनसंख्या
―इस वर्ष बांध में 5.4 टीएमसी पानी की आवक हुई
―2009 के बाद पहली बार इतनी कम आवक हुई बांध में

बीसलपुर बांध में  पिछले सालों का जलस्तर

वर्ष             न्यूनतम                     अधिकतम
2010        298.67 (21 जुलाई )   308.80 (20 अगस्त)
2011        305.63 ( 23 जून)      314.25 ( 1 अक्टूबर)
2012        309.97 (7 अगस्त)     314.19 (5 अक्टूबर)
2013        309.73 ( 6 जुलाई)     315.00 (18 अक्टूबर)
2014        311.60 (17 जुलाई)    315.50 (18 अगस्त)
2015        311.99 (9 जुलाई)      315.00 (29 अगस्त)
2016        309.92 ( जुलाई)        315.50 (9 अगस्त)
2017        311.87 (जून)             313.92 (सितंबर)

इस संकट से बचने के लिए जलदाय विभाग ने जयपुर के लिए कुछ रणनीति भी बनाई है। विभाग ने 2009 से बंद पड़े 273 ट्यूबवेल को सही कराने का फैसला किया। इसके लिए 498 लाख रुपए का बजट भी स्वीकृत किया गया। इन 273 में से 230 ट्यूबवेल चालू कर दिए गए हैं और इससे शहर को 39 एमएलडी पानी मिलने लगा है, लेकिन इससे भरपाई नहीं होने वाली। इसलिए 279 नए ट्यूबवेल खोदने की भी मंजूरी दी गई है। नए ट्यूबवेल पर करीब 35 करोड़ रुपए खर्च होंगे, लेकिन इस काम को करने में ही करीब चार महीने लग जाएंगे। जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने नए ट्यूबवेल खोदने का लक्ष्य मार्च तक निर्धारित किया है, लेकिन अधिकारियों की माने, तो मई पहले ये ट्यूबवेल चालू नहीं हो पाएंगे, क्योंकि अभी तक तो नए ट्यूबवेल के लिए जमीन तलाशनी होगी। फिर यह भी निश्चित नहीं है कि जहां ट्यूबवेल खोदे वहां प्रचुर मात्रा में पानी मिले। अब नई सरकार बन गई है। नई सरकार के लिए जयपुर सहित पांच जिलों की प्यास बुझाना और इस समस्या से हमेशा के लिए निजात दिलाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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