VIDEO: फुटवियर व खनन दिग्गजों पर आयकर छापेमारी, करोड़ों की नकदी और ज्वैलरी जब्त

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/16 11:29

जयपुर: सीकर जिले के नीम का थाना में गुरुवार को शुरू वित्तीय वर्ष 2019-20 की पहली बड़ी आयकर छापेमारी शनिवार को करीब 59 घंटे बाद समाप्त हो गई. आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने नीम का थाना के दीवान समूह, मोदी समूह व गोयल समूह और इनके सहयोगियों के कुल 55 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की. इस कार्रवाई में विभाग ने करोड़ों रुपए की नकदी व ज्वैलरी जब्त की है. पेश है एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

एक करोड़ 31 लाख रुपए की नकदी हुई जब्त:
आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने आयकर चोरी की गुप्त सूचनाओं की प्राथमिक जांच के बाद गुरुवार को नीम का थाना, दिल्ली व जयपुर में दीवान समूह, मोदी समूह व गोयल समूह और इनके सहयोगियों के छापे मारे. कार्रवाई की शुरुआत में ही विभागीय अधिकारियों को करोड़ों रुपए की नकदी व ज्वैलरी मिली. इसकी लेखा पुस्तिकाओं से जांच के बाद 1.31 करोड़ की नकदी व 1.15 करोड़ की ज्वैलरी को अघोषित आय का हिस्सा मान कर शनिवार को जब्त कर लिया गया. विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई में आयकर अधिकारियों को 14 लॉकर्स का भी पता लगा, जिसमें से कुछ को शनिवार को खोल लिया गया, जबकि शेष सोमवार या मंगलवार को खाेले जाएंगे. 

बेनामी प्रोपर्टी की खरीद के दस्तावेज भी मिले:
सूत्रों का कहना है कि आयकर छापे में अधिकारियों को काली कमाई को प्रोपर्टी में निवेश किए जाने व एक करोड़ 65 लाख की बेनामी प्रोपर्टी की खरीद के दस्तावेज भी मिले. छापेमारी के दौरान ही अधिकारियों ने बेनामी प्रोपर्टी के खरीददार से पूछताछ की, जिसने प्रोपर्टी के केवल दस्तावेज ही हस्ताक्षरित करने की पुष्टि की और प्रोपर्टी के स्वामित्व से इनकार कर दिया. आयकर अधिकारी अब इस मामले में अन्य प्रोपर्टी के साथ बेनामी प्रोपर्टी एक्ट में कार्रवाई करेंगे. सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान अधिकारियों को स्टॉक में हेराफेरी का भी पता लगा. लेखा पुस्तिकाओं में जो नकदी दिखाई गई थी, वह नहीं मिली. जो स्टॉक दर्शाया गया था, वह फिजिकली उपलब्ध ही नहीं था. इसी तरह कुछ कच्ची पर्चियां व नकद में किए गए लेनदेन का भी हिसाब मिला. 

गुरुवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई थी छापेमारी:
खास बात यह भी रही कि आयकर कार्रवाई में अधिकारियों को तीन करोड़ 86 लाख रुपए की लांग टर्म कैपिटल गैन की एंट्रियों का पता लगा. यह भी पता लगा कि एक वित्तीय कम्पनी में 276 लाख रुपए की नकद शॉर्ट मिली. इसी तरह एक क्रेशर में किए गए करीब 50 लाख रुपए के निवेश का लेखा पुस्तिकाओं में ही इन्द्राज नहीं मिला. सूत्रों का कहना है कि आयकर छापे का निशाना बने इन सभी लोगों व इनके सहयोगियाें की नीम का थाना स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कुल इकाइयों में से करीब 50% औद्योगिक इकाइयां है. फुटवीयर उत्पादों के निर्यातक वीनस का नाम देश भर में प्रसिद्ध है, राजस्थान में होने वाले कुल फुटवीयर उत्पादन में वीनस की भागीदारी करीब 50% है. उत्पाद शुल्क चुकाने में गड़बड़ी के आरोप में केन्द्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क विभाग भी वीनस पर बड़ी कार्रवाई कर चुका है. इसके आधार पर यह माना जा रहा है कि काली कमाई जो प्राथमिक खुलासे हुए हैं वे कम ही है. इनमें और बढ़ोतरी अपेक्षित है. 

नीमकाथाना, दिल्ली व जयपुर में हुई छापेमारी:
नीम का थाना में शाहपुरा रोड पर GSS के पास स्थित नीम का थाना नगरपालिका अध्यक्ष व वीनस फुटआर्टस लिमिटेड के संस्थापक त्रिलोक दीवान व पड़ोस में ही रहने वाले और वीनस में इनके भागीदार राजकुमार अग्रवाल तथा सुभाष चंद बंका. सीमेंट और खनन व्यवसायी सुन्दर मल सैनी व महेश मेगोदिया. खनन व्यवसायी ब्रह्मदत्त मोदी, राघव मोदी व राजेश मोदी तथा गोयल मिनरल्स के मालिक दौलत राम गोयल के यहां मारे गए आयकर छापे की कार्रवाई तो घोषित रूप से शनिवार को समाप्त हो चुकी है, लेकिन इस कार्रवाई में अधिकारियों ने बड़ी संख्या में धन के लेनदेन व निवेश से संबंधित दस्तावेज, हार्ड डिस्क व पैन ड्राइव जब्त किए है. जिनका विस्तृत विश्लेषण होना बाकी है. माना जा रहा है कि इस मामले में अब तक अधिकारियों के हाथ लगे करीब 10 करोड़ की काली कमाई के दस्तावेज में विश्लेषण के बाद और बढ़ोतरी होगी. 

... संवाददाता विमल कोठारी की रिपोर्ट 

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