चुनाव के लिए आयकर विभाग भी मुस्तैद, यूं की गई है तैयारियां

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/05 10:35

जयपुर। राज्य में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही आयकर विभाग भी चुनावों में काले धन की रोकथाम के लिए सक्रिय हो जाएगा। आयकर विभाग में आज राज्य स्तरीय बैठक में चुनावों के दौरान कालेधन को पकड़ने व सूचनाओं के तालमेल के साथ नई तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया गया। आयकर मुख्यालय में आज पूरे दिन चली विशेष प्रशिक्षण बैठक में आयकर विभाग के अलावा राज्य निर्वाचन आयोग के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में राज्यभर से आए विभाग के 200 से अधिक कर्मचारियों व अधिकारियों से चुनावी जिम्मेदारियों के निर्वाहन पर चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में अतिरिक्त चुनाव आयुक्त डॉ. जोगाराम व विशेषाधिकारी हरीशंकर गोयल भी मौजूद रहे। आयकर विभाग के नोडल अधिकारी व अतिरिक्त निदेशक आयकर अन्वेषण पृथ्वीराज मीना ने राज्य में कालेधन की रोकथाम व चुनाव खर्च को नियंत्रित करने वाली विभिन्न एजेंसियों और आयकर विभाग में तालमेल पर चर्चा की।

बैठक में निर्वाचन आयोग की ओर से हाल ही लांच किए गए मोबाइल एप सीविजिल (cVISIL) पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि स्मार्टफोन पर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड होने वाले सीविजिल एप के माध्यम से नकदी, शराब, नशीले पदार्थ आदि के वितरण की शिकायत लाइव फोटो अथवा वीडियाें के माध्यम से की जा सकेगी। इसमें शिकायतकर्ता को केवल पांच मिनट में लाइव फोटो, ऑडियो अथवा वीडियो डालना होगा। अर्थात पुराने सेव वीडियो और फोटो का सीविजिल में उपयोग नहीं हो सकेगा।

सीविजिल चूंकि रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय व मोबाइल में रहेगा। अत: शिकायत की जानकारी संबंधित क्षेत्र के फ्लाइंग स्क्वाइड, निगरानी टीम को दी जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर इसकी जानकारी सीधे चुनाव आयोग के पास भी पहुंचेगी। इसके अलावा शिकायतकर्ता को अधिकतम 100 मिनट में की गई कार्रवाई की सूचनाएं साझा की जाएगी।

आयकर विभाग की ओर से कालेधन को पकड़ने के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में वेरिफिकेशन सेल की स्थापना की गई है। विभाग 10 लाख रुपए से अधिक नकदी, एक किलो से अधिक सोना व किसी आवास में नकदी अथवा बुलियन की सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करेगा। हर सेल में न्यूनतम दो अधिकारी/कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा 10 सब नोडल अधिकारी, 5 अधिकृत अधिकारी व 11 एयर इंटेलीजेंस यूनिट भी गठित की है।

आयकर मुख्यालय जयपुर में 24 घंटे सप्ताह में 7 दिन चलने वाले कंट्रोल रूम की शुरुआत भी करेगा। आमजन के लिए विभाग ने टोल फ्री नम्बर 18001804930 का प्रचार-प्रचार करने का फैसला किया है। विभागीय अधिकारी चुनाव में खर्च पर निगाह रखने वाले अधिकारियों के अलावा फ्लाइंग स्क्वायड और स्टेटिक्स सर्विलेंस टीमों के सम्पर्क में रहेंगे व सूचनाओं से तालमेल करेंगे। आयकर विभाग में चुनावों को लेकर की गई सभी व्यवस्थाएं राज्य में चुनाव अधिसूचना की घोषणा के तत्काल बाद सक्रिय हो जाएंगी। 

आम चुनावों में कालेधन के जमकर उपयोग होने को कोई नहीं झुंठला सकता। हर बार चुनाव में कालेधन की रोकथाम के लिए आयकर विभाग सक्रिय होता है। अनेक बार अधिकारियों को सफलता भी मिली है, लेकिन फिर भी चुनावों में धडल्ले से नियमों को अंगूठा दिखाया जाता रहा है। चूंकि इस बार चुनाव आयोग ने सीविजिल के रूप में तकनीक का नया प्रयोग किया है। अत: यह माना जा रहा है कि पिछले सालों की तुलना में अधिकारियों के पास सूचनाओं का प्रवाह बढ़ेगा, लेकिन इनमें से कितनों पर सटीक कार्रवाई होती है, यह तो समय ही बताएगा।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in