नई दिल्ली केंद्रिय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान बोले- राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना का लक्ष्य बढ़ायें

केंद्रिय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान बोले- राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना का लक्ष्य बढ़ायें

केंद्रिय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान बोले- राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना का लक्ष्य बढ़ायें

नई दिल्ली: शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस साल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के दायरे में 10 लाख युवाओं को लाने के लिये राज्यों सहित सभी पक्षों का सहयोग मांगा और कहा कि वह 2 लाख या 5 लाख युवाओं को जोड़ने से संतुष्ट नहीं हैं और लक्ष्य को बढ़ाया जाना चाहिए . 

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता मेले की शुरूआत करते हुए प्रधान ने उद्योगों को प्रशिक्षुता पहल से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि पहले उद्योगों के लिये प्रशिक्षुता का विषय डराने वाला था लेकिन सरकार ने प्रशिक्षुता अधिनियम में संशोधन किया है. उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिये प्रशिक्षुता प्राप्त करने वालों को नौकरी देने की बाध्यता नहीं है, वे बाजार मूल्य के हिसाब से मानदेय दे सकते हैं . प्रधान ने कहा कि उद्योग 7 हजार, 8 हजार या 10 हजार रूपये का मानदेय देंगे . इसमें भारत सरकार 1500 रूपये की जिम्मेदारी उठायेगी . उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों एवं क्षेत्रीय निदेशकों को इस दिशा में प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय निदेशकों की यह जिम्मेदारी है कि इस साल 10 लाख नौजवानों को प्रशिक्षुता कार्यक्रम के दायरे में लाएं .

मंत्री ने कहा कि मैं 2 लाख या 5 लाख युवाओं को जोड़ने से संतुष्ट नहीं हूं . इस लक्ष्य को बढ़ाना होगा . उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से इन प्रशिक्षुओं के खाते में सीधा 1500 रूपया जायेगा . कंपनियों की भी जिम्मेदारी है कि वह अपनी ओर से राशि जमा करें. प्रधान ने कहा कि हम इस विषय पर एक डिजिटल डैशबोर्ड बनायेंगे जिस पर जानकारी उपलब्ध होगी . प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी मौजूद थे. प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता मेला देश में प्रशिक्षुता को प्रोत्साहित करने की प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यापक सोच का हिस्सा है . उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना हमारे नौजवानों को रोजगार से जोड़ने का न केवल एक मंच है बल्कि उनकी उद्यमिता की आकांक्षाओं का पोषण करने का माध्यम भी है . सोर्स- भाषा

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