योगी राज में बढ़ी इलाज की सुविधा, वाराणसी के कोविड हॉस्पिटल में 250 मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा और 500 बेड उपलब्ध

योगी राज में बढ़ी इलाज की सुविधा, वाराणसी के कोविड हॉस्पिटल में 250 मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा और 500 बेड उपलब्ध

योगी राज में बढ़ी इलाज की सुविधा, वाराणसी के कोविड हॉस्पिटल में 250 मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा और 500 बेड उपलब्ध

वाराणसी: देश कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave) से जूझ रहा है. ऐसे में उत्तरप्रदेश भी इस से अछुता नहीं रहां. यहां पर भी रोजाना डरावने आंकड़े सामने आ रहें है. ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार भी प्रदेशवासीयों के हित के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है. वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)  परिसर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा बनाए गए पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड हॉस्पिटल (Pandit Rajan Mishra Temporary Covid Hospital) से अच्छी खबर है. मंगलवार से यहां ऑक्सीजन की सुविधा युक्त 250 बेड का ब्लाक भी खोल दिया गया है.

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने हॉस्पिटल किया निरिक्षण:
इससे पहले 10 मई से 17 मई तक इस हॉस्पिटल में सिर्फ  ICU (Intensive Care Unit) के 250 बेड पर ही मरीज भर्ती किए जा रहे थे. इस तरह से अब इस हॉस्पिटल में 500 मरीज भर्ती हो सकेंगे. ऑक्सीजन की सुविधा युक्त बेड पर मरीजों को भर्ती करने से पहले वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल (Mandalayak Deepak Aggarwal) ने हॉस्पिटल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि अस्थायी हॉस्पिटल की इस सेवा की शुरुआत से जिले के साथ ही आसपास के अन्य कोविड अस्पतालों का बोझ कम होगा.

सोमवार को ICU में भर्ती 18 मरीज स्वस्थ होकर घर गए:
मंडलायुक्त ने बताया कि हमारे पास जो आंकड़ा है, उसके अनुसार अस्थायी अस्पताल (Temporary Hospital) की ICU में भर्ती 18 मरीज स्वस्थ होकर 17 मई को घर गए हैं. अस्थायी अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में परिजनों को अपडेट देने की भी व्यवस्था कर दी गई है. अब परिजन समय-समय पर अपने मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी ले सकते हैं.

हॉस्पिटल में 250 बेड आईसीयू के और 500 बेड ऑक्सीजन की सुविधायुक्त:
मरीजों के परिजनों के लिए हॉस्पिटल परिसर (Hospital Campus) में बैठने की भी व्यवस्था की गई है. फिलहाल हॉस्पिटल में वाराणसी के अलावा आसपास के अन्य नौ जिलों और बिहार से भी मरीज आ रहे हैं. मंडलायुक्त ने बताया कि अस्थायी हॉस्पिटल में 250 बेड ICU के और 500 बेड ऑक्सीजन की सुविधायुक्त हैं. अब जो शेष 250 बेड ऑक्सीजन सुविधा वाले रह गए हैं, उन पर भी जल्द ही मरीजों को भर्ती किया जाना शुरू कराया जाएगा.

फिर भी कम नहीं हो रहा मौतों का आंकड़ा, BHU के प्रोफेसर ने भी उठाए सवाल:
अस्थायी कोविड हॉस्पिटल में उपचार की अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच भी मौतों का आंकड़ा कम नहीं हो रहा है. इसे लेकर BHU के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (Institute of Medical Sciences) के कार्डियोलॉजी विभाग (Cardiology Department) के प्रोफेसर ओम शंकर (Professor Om Shankar) ने सोशल मीडिया में लिखा है कि सात दिन में 320 मरीज भर्ती हुए और उनमें 130 की मौत हो गई.

 

मौतों की वजह की जांच के साथ ही व्यवस्था में सुधार होना चाहिए. उधर, अस्थायी अस्पताल के अफसरों का कहना है कि यह एक रेफरल हॉस्पिटल है. यहां लोग गंभीर स्थिति में आते हैं. जो भी रेफरल अस्पताल (Refral Hospital) होते हैं, वहां मौतों की दर ज्यादा ही रहती है.

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