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VIDEO: यात्री मिले तो ठीक, वर्ना फ्लाइट कैंसिल! इंडिगो ने मात्र 1 सप्ताह में ही बंद की 2 शहरों की फ्लाइट

जयपुर: लॉक डाउन के बाद जब हवाई सेवाओं का संचालन धीरे-धीरे सुचारू हो रहा है. ऐसे में एयरलाइंस की अपना मुनाफा बढ़ाने की प्रवृत्ति यात्रियों पर भारी पड़ रही है. एयरलाइंस इन दिनों कम यात्री होने पर फ्लाइट्स को अचानक रद्द कर रही हैं. ऐसे में जिन कुछ यात्रियों की फ्लाइट में बुकिंग होती है, उनके लिए परेशानी खड़ी हो जाती है. हद तो यह है कि एयरलाइन मात्र कुछ दिन फ्लाइट चलाने के बाद ही इन्हें बंद भी कर रही हैं. देखिए, फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की हवाई यात्रियों से जुड़ी यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-

चंडीगढ़ और लखनऊ की फ्लाइट अचानक बंद:
अगर आप हवाई यात्रा करने जा रहे हैं तो जरा गौर से इस खबर को देखिए. और उन फ्लाइट के बारे में जानकारी नोट कर लीजिए, जो इन दिनों अक्सर रद्द हो रही हैं. ये फ्लाइट्स इन दिनों अचानक रद्द कर दी जाती हैं और यात्रियों को ऐनवक़्त पर सूचना दी जाती है. हालांकि एयरलाइन फ्लाइट रद्द करने के पीछे संचालन कारणों का हवाला देती हैं. लेकिन एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो किसी भी फ्लाइट में 40 प्रतिशत से कम यात्री होने पर एयरलाइंस फ्लाइट संचालन करने को मुफीद नहीं मानती. इस कारण फ्लाइट को रद्द कर देती हैं. ताजा मामला इंडिगो द्वारा पिछले सप्ताह शुरू की गई 2 शहरों की फ्लाइट का है. इंडिगो ने 25 अगस्त से लखनऊ और चंडीगढ़ के लिए 2 नई फ्लाइट शुरू की थी. ये फ्लाइट सप्ताह में 3 दिन संचालित होनी थी. इन फ्लाइट्स का संचालन अभी तक मात्र 4 बार ही हो सका था कि एयरलाइन ने दोनों फ्लाइट को बंद कर दिया है. एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 180 सीटर विमान के लिए मात्र 30 से 40 यात्री ही मिल पा रहे थे. ऐसे में एयरलाइन ने विमान खाली चलाने के बजाय फ्लाइट्स को बंद करना ही मुनासिब समझा. हालांकि जिन यात्रियों ने इन फ्लाइट्स में आगामी दिनों के लिए बुकिंग की हुई है, उनके लिए परेशानी खड़ी हो गई है.

ये 2 फ्लाइट हुई मात्र 1 सप्ताह में बंद
- इंडिगो की फ्लाइट 6E-6132 हुई बंद
- लखनऊ से सुबह 8:25 बजे जयपुर पहुंचती थी फ्लाइट
- जयपुर से सुबह 9:15 बजे होती थी चंडीगढ़ रवाना
- इंडिगो ने जयपुर रूट पर बंद की फ्लाइट
- अब लखनऊ-चंडीगढ़-श्रीनगर रूट पर हो रही संचालित
- इंडिगो की फ्लाइट 6E-6133 हुई बंद
- चंडीगढ़ से दोपहर 1:05 बजे जयपुर आती थी फ्लाइट
- जयपुर से दोपहर 1:55 बजे होती थी लखनऊ के लिए रवाना
- अब इंडिगो ने इसे चंडीगढ़-लखनऊ-रायपुर रूट पर किया संचालित

इन 2 फ्लाइट्स के अलावा जयपुर एयरपोर्ट से इन दिनों आधा दर्जन ऐसी फ्लाइट भी संचालित हो रही हैं, जो सप्ताह में आधे दिन ही चल पाती हैं. दरअसल इन फ्लाइट्स में यात्रियों की जब भी बुकिंग कम होती है, एयरलाइन संचालन कारण बताते हुए फ्लाइट्स को रद्द कर देती हैं. ना केवल निजी क्षेत्र की एयरलाइन, बल्कि एयर इंडिया भी इस मामले में पीछे नहीं है. इनमें सबसे ज्यादा आगरा जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट रद्द होती है.

ये फ्लाइट जो हो जाती हैं कभी भी रद्द
- एयर इंडिया की सुबह 7:45 बजे आगरा जाने वाली फ्लाइट 9I-687 
- एयर इंडिया की सुबह 11 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 9I-844
- पिछले 2 सप्ताह से अक्सर रद्द चल रही दोनों फ्लाइट
- जयपुर से सुबह 7 बजे अमृतसर जाने वाली स्पाइस जेट की फ्लाइट SG-2773
- 23 अगस्त से शुरू हुई, लेकिन अभी तक 13 दिन में मात्र 3 दिन ही संचालित हुई
- इंडिगो की सुबह 7:15 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 6E-665
- सप्ताह में 1 या 2 दिन रद्द रहती है फ्लाइट
- स्पाइस जेट की सुबह 10:05 बजे दिल्ली की फ्लाइट SG-8714 भी सप्ताह में रहती 1 या 2 दिन रद्द
- एयर इंडिया की रात 9 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 9I-644 भी रहती 1 या 2 दिन रद्द

पश्चिम बंगाल में लॉक डाउन से रद्द होती हैं कोलकाता की फ्लाइट:
इस सूची के अलावा इन दिनों कोलकाता के लिए संचालित होने वाली फ्लाइट भी अनियमित चल रही हैं. लेकिन उसके पीछे पश्चिम बंगाल राज्य सरकार द्वारा वहां पर लगाया जाने वाला लॉकडाउन है. लॉकडाउन के चलते लॉकडाउन वाले दिनों में हवाई और रेल यातायात पूरी तरह से प्रतिबंधित रहता है. ऐसे में जयपुर से कोलकाता जाने वाली 4 फ्लाइट भी रद्द हो जाती हैं. बड़ी बात यह है कि फ्लाइट रद्द होने के बाद एयरलाइन यात्रियों को किराया भी रिफंड नहीं करतीं. बल्कि आगामी दिनों में उस राशि से टिकट बुक करने के लिए मजबूर करती हैं. नियामक एजेंसी डीजीसीए की जानकारी में यह सब होने के बाद भी एयरलाइंस की इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लग पा रही है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की​ रिपोर्ट

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सरोवर होटल्स चेन के MD अजय के. बकाया की घोषणा, 2021 तक होगा 15 नए होटल्स का इजाफा

सरोवर होटल्स चेन के MD अजय के. बकाया की घोषणा, 2021 तक होगा 15 नए होटल्स का इजाफा

नई दिल्ली: आतिथ्य क्षेत्र की कंपनी सरोवर होटल्स एंड रिजॉर्ट्स की 2021 अंक तक करीब 15 नई संपत्तियां (होटल) जोड़ने की योजना बनाई गई है.  सरोवर होटल एंड रिजॉर्ट्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विस्तार योजना के तहत कंपनी मुख्य रूप से दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में नई संपत्तियां जोड़ेगी.कंपनी फिलहाल भारत और अफ्रीका के 55 गंतव्यों में 93 होटलों का प्रबंधन करती है. इन होटलों में कमरों की संख्या 6,900 है. 

सरोवर होटल्स एंड रिजॉर्ट्स के प्रबंध निदेशक अजय के. बकाया ने कहा कि 2021 की रणनीतिक विस्तार योजना के तहत हम दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में 15 नए होटल जोड़ेंगे. ये होटल पानीपत, मोरबी, डलहौजी, कटरा, डिब्रूगढ़, लातूर, मसूरी, धमतरी, उदयपुर और जालंधर आदि शहरों में जोड़े जाएंगे. उन्होंने कहा कि ये नए होटल सरोवर प्रीमियर, सरोवर पोर्टिकों और गोल्डन ट्यूलिप ब्रांड के तहत खोले जाएंगे. 

इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय विस्तार के बारे में बकाया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना के तहत सरोवर अपने पोर्टिका ब्रांड का विस्तार करेगी. इसके तहत तंजानिया के दार-उस-सलाम में होटल खोला जाएगा. उन्होंने कहा कि आगे भी कंपनी प्रबंधन अनुबंध मॉडल के हिसाब से काम करेगा.हम फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिये गोल्डन ट्यूलिप ब्रांड के भी तेजी से विस्तार की तैयारी कर रहे हैं.

कोविड-19 के प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि इसका उद्योग पर काफी असर पड़ा है. अभी इसका पूरा अनुमान नहीं लगाया जा सकता. उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति के हिसाब से यदि दिसंबर, 2020 तक होटलों की बुकिंग 50 प्रतिशत भी पहुंचती है, तो ज्यादातर होटल मालिकों के लिए अच्छी स्थिति होगी. (सोर्स-भाषा)

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2022 तक 10,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य लेकर मार्केट में उतरेगी Parle Agro

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नई दिल्ली: फेमस कंपनी पारले एग्रो ने 2022 तक 10,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है. बेवरेजेज क्षेत्र की कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड में फ्रूटी और एप्पी फिज जैसे बड़े प्रॉडक्ट्स शामिल हैं. कंपनी की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम एक नया संयंत्र लगाएंगे तथा एक या अधिक नए प्रमुख उत्पाद पेश करेंगे मगर ये उत्पाद क्या होगें ये हमारे ग्राहको के लिए सरप्राइज होगा. 

आपको बता दे की कंपनी ने 2019 में 6,500 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. चालू साल में कंपनी को कारोबार में 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है.  कंपनी ने हाल में नया उत्पाद बी-फिज पेश किया है, जो कि जौ के स्वाद वाला फ्रूट जूस आधारित पेय है. पारले एग्रो की संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य विपणन अधिकारी (सीएमओ) नादिया चौहान ने कहा है कि सामान्य रूप से एक कंपनी के रूप में हम बड़ी संख्या में नए उत्पाद पेश नहीं करते हैं. हम चुनिंदा नए उत्पाद ही पेश करते हैं और उन्हें आगे बढ़ाने पर ध्यान देते हैं. 2022 तक हम संभवत: एक और नई श्रेणी में उतरेंगे. 

विस्तार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम सिर्फ मौजूदा कारखानों का ही विस्तार नहीं करते है.  हम नए गंतव्यों पर नई कारखाना परियोजनाओं के जरिये भी विस्ताार करते हैं.  मौजूदा वृद्धि के हिसाब से हम सामान्य रूप से हर साल एक नया कारखाना लगाते हैं. चौहान ने कहा कि समूची एप्पी फिज और बी-फिज श्रेणी में कंपनी ने अधिकतम वृद्धि हासिल की है और विस्तार किया है.

आपको बता दे की कंपनी फिलहाल आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में नई विनिर्माण इकाई लगाने के लिए परिस्थितियों का आकलन कर रही है और इतना ही नहीं कंपनी इससे पहले  उत्तराखंड के सितारगंज तथा कर्नाटक के मैसूर में पहले ही नई विनिर्माण इकाइयां लगा चुकी है. फिलहाल नया उत्पाद क्या हो सकता है इसकी कोई जानकारी नहीं है.  (सोर्स-भाषा)

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कर्ज लेने के लिए अब किसानों को नहीं होगी परेशानी, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इस बैंक से किया MOU

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नयी दिल्लीः  सरकारी बैंक, बैंक आफ बड़ौदा (बीओबी) ने शुक्रवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के मकसद से उसने टैक्टर के कर्ज उपलब्ध कराने के वास्ते महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के साथ करार किया है. बीओबी अपने 5,000 से अधिक ग्रामीण और अर्ध-शहरी शाखा नेटवर्क के माध्यम से महिंद्रा एंड महिंद्रा के ग्राहकों को ट्रैक्टर ऋण की सुविधा प्रदान करेगा.

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एमओयू कृषि व्यवसाय को देगा बढ़ावाः
बीओबी के कार्यकारी निदेशक विक्रमादित्य सिंह खिंची ने कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देगा और किसानों को ट्रैक्टर खरीदने में परेशानी मुक्त ऋण सुविधा प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर वित्तपोषण योजना पहली बार प्रायोगिक तौर पर एक वर्ष के लिए उ.प्र. क्षेत्र में शुरू की गई थी और यह सफल रही. उन्होंने कहा कि अब इसे बैंक के 11 क्षेत्रों में विस्तारित किया जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने कहा, बैंक कृषि वित्त पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए डेयरी क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.
सोर्स भाषा
 

समाचार एजेंसियों, डिजिटल मीडिया, न्यूज एग्रीगेटर्स 26 प्रतिशत एफडीआई नियम का अनुपालन करें: सरकार

समाचार एजेंसियों, डिजिटल मीडिया, न्यूज एग्रीगेटर्स 26 प्रतिशत एफडीआई नियम का अनुपालन करें: सरकार

नई दिल्ली: डिजिटल मीडिया या वेबसाइट पर सूचनाएं देने वाली कंपनियों या मीडिया समूहों को समाचार उपलब्ध कराने वाली समाचार एजेंसियों, समाचार संग्राहकों को 26 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा नियमों का पालन करने की जरूरत है. सरकार ने शुक्रवार को यह कहा है.

एफडीआई निवेश को 26 प्रतिशत तक करने की जरूरत:  
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा कि ‘‘इन कंपनियों को इस स्पष्टीकरण के जारी होने के एक साल के भीतर अपनी एफडीआई निवेश को केंद्र सरकार की अनुमति के साथ 26 प्रतिशत तक करने की जरूरत है.’’

पिछले साल अगस्त में मिली थी अनुमति:
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल अगस्त में प्रिंट मीडिया की तरह ही डिजिटल मीडिया के माध्यम से समाचार या सूचनाएं अपलोडिंग या स्ट्रीमिंग के क्षेत्र में सरकारी मंजूरी मार्ग से 26 प्रतिशत एफडीआई निवेश की अनुमति दे दी थी.

इस नियम को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की थी:
मीडिया उद्योग के एक वर्ग और विशेषज्ञों ने सरकार के इस इस नियम को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की थी. उनका कहना था कि डिजिटल मीडिया में एफडीआई को 26 प्रतिशत पर सीमित रखने से सवाल खड़ा होता है इसे स्पष्ट करने की जरूरत है.

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सरकार की मंजूरी से 26 प्रतिशत एफडीआई निवेश की अनुमति होगी:
विभाग ने कहा कि उसे विभिन्न हितधारकों से इस निर्णय पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह मिला था. विभाग ने कहा कि भारत में पंजीकृत और काम कर रही कुछ विशेष श्रेणी की भारतीय मीडिया इकाइयों में सरकार की मंजूरी से 26 प्रतिशत एफडीआई निवेश की अनुमति होगी.

डिजिटल मीडिया इकाइयों शामिल:
इन श्रेणियों में वेबसाइट, ऐप, अन्य मंच पर समाचार और दैनिक जानकारी अपलोड और स्ट्रीम करने वाली इकाइयां, समाचार एजेंसियां जो कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर डिजिटल मीडिया इकाइयों को समाचार प्रेषित करती हैं और न्यूज एग्रीगेटर्स शामिल हैं.

कंपनी को कुछ और शर्तों का भी पालन करना होगा:
विभाग ने कहा है कि एफडीआई नीति का अनुपालन उस इकाई की जिम्मेदारी होगी जिसमें निवेश किया जाना है. ऐसी कंपनी को कुछ और शर्तों का भी पालन करना होगा. ऐसी कंपनी के निदेशक मंडल में अधिसंख्य निदेशक भारतीय नागरिक होने चाहिये और उसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी भारतीय होना चाहिये.

फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का डेटा हुआ लिक, शिकायत दर्ज

फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का डेटा हुआ लिक, शिकायत दर्ज

नोएडा: देश की नामी फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम पर साइबर हमले का मामला सामने आया है. इस मामले में कंपनी की तरफ से थाना सेक्टर 58 में शिकायत की गयी है. साइबर अपराधियो ने कंपनी के कई विभाग का डेटा डिलीट कर दिया है, जिसकी वजह से कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा रहा है. डेटा वापस करने के एवज में साइबर अपराधियों ने सात लाख रुपये की रंगदारी मांगी है.

पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी अभिनेंद्र सिंह ने बताया कि फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का नोएडा के सेक्टर 62 के सी-ब्लॉक में कॉरपोरेट ऑफिस है. यहां से कंपनी का आईटी विभाग संचालित होता है. हल्दीराम कंपनी के डीजीएम आईटी अजीज खान ने पुलिस को बताया कि 12 और 13 जुलाई की रात में कंपनी पर वायरस अटैक किया गया था. यह अटैक कंपनी के सेक्टर 62 स्थित कॉरपोरेट ऑफिस के सर्वर पर हुआ था. इस अटैक के कारण कंपनी के मार्केटिंग बिजनेस से लेकर अन्य विभाग के डेटा गायब हो गए और कई विभागों का डेटा डिलीट भी कर दिया गया.

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शिकायत के मुताबिक कंपनी की कई महत्वपूर्ण फाइलें भी गायब हो गई. जब इसकी जानकारी कंपनी के उच्च अधिकारियों को हुई तो पहले आंतरिक जांच की गयी. इसके बाद कंपनी अधिकारियों और साइबर अटैक करने वाले अपराधियों के बीच चैट हुई, तो साइबर अपराधियों ने कंपनी से सात लाख रुपए की मांग की.

जानकारी के मुताबिक कोविड-19 संक्रमण काल में जुलाई महीने में दुनिया भर की कई कंपनियों पर वायरस अटैक हुआ था. इसी दौरान देश की बड़ी फूड एंड पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम भी इसका शिकार हो गयी. साइबर जगत के विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया भर में फैले एक समूह ने इन कंपनियों पर वायरस अटैक किया था. इस मामले में कंपनी के डीजीएम आईटी अजीज खान की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है फिलहाल मामले की जांच पड़ताल जारी है. (सोर्स-भाषा)
 

प्रधानमंत्री मोदी की पहल आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया के साथ है इजरायल: इजरायली राजदूत 

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नयी दिल्ली: भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए एक इजरायली कंपनी का चयन करने की तारीफ करते हुए इजरायल के राजदूत रॉन माल्का ने कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के साथ है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विनिर्माण आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत 16 योग्य आवेदकों को मंजूरी दी है. बड़े स्तर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई के तहत पांच साल के लिए चुनिंदा कंपनियों को भारत में विनिर्मित होने वाले सामानों पर कुछ शर्तों के साथ चार प्रतिशत से छह प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि दी जाती है. 

मोदी सरकार के फैसले का स्वागत: 
सरकार के ताजा फैसले का स्वागत करते हुए माल्का ने ट्वीट किया कि खुशी है कि इजराइल की एक कंपनी नियोलिंक, जो यूटीएल-नियोलिंक का हिस्सा है, उसे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा चुना गया है. ये भारतीय प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया, निर्यात और आत्मनिर्भर भारत पहल में सक्रिय भागीदारी करने वाली इजरायली कंपनियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण वृद्धि है. उन्होंने इस कंपनी के चयन पर पीटीआई-भाषा से कहा कि इससे पता चलता है कि उनका देश भारत की योजनाओं के साथ किस कदर जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच गठजोड़ न सिर्फ सरकारों के बीच, बल्कि व्यापारों के बीच भी है.
सोर्स भाषा 

तनिष्क ग्रुप ने विज्ञापन पर माफीनामा किया जारी, हिंदू समुदाय के लोगों से मांगी लिखित माफी

तनिष्क ग्रुप ने विज्ञापन पर माफीनामा किया जारी, हिंदू समुदाय के लोगों से मांगी  लिखित माफी

गांधीधाम:  विवादास्पद एड को लेकर चर्चा में आई मशहुर ज्वैलरी ग्रुप तनिष्क ने धार्मिक भावनाओं के ठेस पहुंचाने के आरोप के बाद इससे निपटने का अनोखा तरीका खोजा है. गुजरात के कच्छ जिले के गांधीनगर शहर में तनिष्क के एक शोरूम ने अपने गेट पर हाथ से लिखा एक माफीनामा चिपकाया है, जिसमें कंपनी के विवादास्पद विज्ञापन के लिए शोरूम ने हिंदू समुदाय के लोगों से माफी मांगी है. गुजराती भाषा में इस हस्तलिखित माफीनामे में टीवी विज्ञापन की आलोचना भी की गई है.

माफीनामे में लिखा गया हैं कि तनिष्क के शर्मनाक विज्ञापन के लिए हम कच्छ के हिंदू समुदाय के लोगों से माफी मांगते हैं. पुलिस ने बताया माफीनामा शोरूम के दरवाजे पर 12 अक्टूबर को चिपकाया गया था. अब इसे हटा लिया गया है. माफीनामे की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो गईं हैं. शोरूम के प्रबंधक और स्थानीय पुलिस ने मीडिया में आई इन रिपोर्टों को खारिज किया कि तनिष्क के प्रचार से नाराज कुछ लोगों ने शोरूम पर हमला किया था.

जानकारी देेते हुए कच्छ-पूर्व के पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल ने कहा कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है. गौरतलब है कि तनिष्क ने अपने आभूषण के विज्ञापन में दिखाया था कि एक मुस्लिम परिवार अपनी बहू की गोद भराई की तैयारियां कर रहा है,बहू हिंदू है. जिसके बाद विज्ञापन को ले कर काफी विवाद हुआ था जिसे देखते हुए कंपनी ने विज्ञापन वापस ले लिया था. फिलहाल मामला शांत हो चुका है. (सोर्स-भाषा )

 

स्पेशल 5जी वायरलेस नेटवर्क एप्रोच लेकर मार्केट में आया Iphone 12, साथ में है तीन और नये मॉडल्स

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वाशिंगटन: एप्पल एक बार फिर पूरी तैयारी के साथ मार्केट में उतरने के लिए तैयार है. इस बार कंपनी ने तेज 5जी वायरलेस नेटवर्क का इस्तेमाल करने के लिए जरूरी तकनीक से लैस चार आईफोन पेश किए हैं. इनमें पहला मॉडल 6.1 इंच डिस्प्ले वाला आईफोन 12 है, जो आईफोन 11 की तरह ही है, लेकिन उससे हल्का और पतला है. इसकी कीमत 800 अमेरिकी डॉलर से शुरू है. दूसरा मॉडल 5.4 इंच डिस्प्ले के साथ आईफोन 12 मिनी है, जिसकी कीमत लगभग 700 डॉलर है. उच्च श्रेणी वाला आईफोन 12 प्रो अधिक बेहतर कैमरे के साथ आता है और इसकी कीमत करीब 1000 डॉलर है.
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चौथा मॉडल 6.7 इंच डिस्प्ले वाला 12 प्रो मैक्स है, और इसकी कीमत 1,100 डॉलर से शुरू है. मगर इस बार एप्पल के कुछ ग्राहकों को यह जानकार नाराजगी भी हो सकती है क्योंकि कंपनी फोन के साथ एडॉप्टर नहीं दे रही है. कंपनी का कहना है कि ऐसा करने से फोन की पैकिंग वाला डिब्बा छोटा और हल्का रहेगा, जो पर्यावरण के अनुकूल और निर्यात के लिए लिहाज से भी सुविधाजनक रहेगा. एप्पल हालांकि पावर एडॉप्टर अगल से बेच रहा है, जिसकी कीमत 20 डॉलर से 50 डॉलर के बीच है. आईफोन लवर्स जल्दी ही अपने पसंद के फोन का आनंद उठा सकते है. (सोर्स-भाषा)