नई दिल्ली भारत-ऑस्ट्रेलिया बैठक में दोहरा कराधान बचाव संधि पर चर्चा होने की संभावना

भारत-ऑस्ट्रेलिया बैठक में दोहरा कराधान बचाव संधि पर चर्चा होने की संभावना

भारत-ऑस्ट्रेलिया बैठक में दोहरा कराधान बचाव संधि पर चर्चा होने की संभावना

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के साथ बैठक में भारत दोहरे कराधान से बचने के लिए हुए समझौते के तहत भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के सामने आ रहे कर संबंधी मुद्दों को उठाएगा. दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रियों की यह बैठक अगले महीने होने वाली है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1991 में दोहरे कराधान से बचाव समझौता (डीटीएए) हुआ था और इसे 2013 में अद्यतन किया गया था. भारत ने डीटीएए के तहत नियमों में जल्द संशोधन की मांग की है जिससे कि ऑस्ट्रेलिया में प्रौद्योगिकी सेवा प्रदान करने वाली भारतीय कंपनियों की विदेश से होने वाली आय पर लगने वाले कर से बचाया जा सके. ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री डॉन फॉरेल सितंबर माह के अंत में भारत यात्रा पर आएंगे और यहां संयुक्त मंत्रीस्तरीय आयोग की बैठक में शामिल होंगे. अधिकारी ने बताया कि इस दौरान भारत डीटीएए नियमन संबंधी मुद्दे को उठाएगा.

कई भारतीय आईटी कंपनियां ऑस्ट्रेलिया में काम कर रही:
इस बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल शामिल होंगे. दोनों देशों के बीच डीटीएए पर सहमति बनी थी ताकि करदाताओं को एक ही आय पर दो बार कर नहीं देना पड़े. यह कर उन लोगों और कंपनियों पर लगता है जो नागरिक तो एक देश के होते हैं लेकिन उन्हें आय अन्य देश से प्राप्त होती है. टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसी कई भारतीय आईटी कंपनियां ऑस्ट्रेलिया में काम कर रही हैं. सोर्स-भाषा 

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