ओम बिरला बोले, अपनी सभ्यता, संस्कृति से जुड़े रहकर आधुनिक विज्ञान, कला के शिखर को प्राप्त करें 

ओम बिरला बोले, अपनी सभ्यता, संस्कृति से जुड़े रहकर आधुनिक विज्ञान, कला के शिखर को प्राप्त करें 

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कहा कि नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास समाज को गति एवं ऊर्जा देते हैं, ऐसे में आवश्यकता है कि हम अपनी सभ्यता और संस्कृति की जड़ों से जुड़े़ रहकर आधुनिक विज्ञान, कला और तकनीक के शिखर को प्राप्त करें. एमिटी युवा महोत्सव को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए बिरला ने विज्ञान के क्षेत्र में भारत के योगदान का उल्लेख किया और कहा कि हमारी यात्रा शून्य से मंगलयान तक रही है और हमने उपनिषद से उपग्रह तक का सफर तय किया है.

उन्होंने कहा कि आज का समाज प्रौद्योगिकी प्रेरित है. नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास ही समाज को गति एवं ऊर्जा दे रहे हैं. ऐसे में आवश्यकता है कि हम अपनी सभ्यता और संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक विज्ञान, कला और तकनीक के शिखर को प्राप्त करें.
बिरला ने कहा कि हमारे युवाओं में सपने देखने की क्षमता है. इन सपनों को संकल्प और संकल्प को सिद्धि में बदलने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि ये शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों की बौद्धिक, अकादमिक और शारीरिक विकास को निखारते हैं और उन्हें नई परिस्थितियों और नई चुनौतियों का सामना करने के योग्य बनाते हैं. युवा शक्ति का जिक्र करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी देश की उन्नति वहां की युवा शक्ति पर निर्भर करती है. जिस देश का युवा जितना जागृत, जितना शिक्षित और होनहार होता है, वह देश उतनी ही तरक्की करता है.

नई पीढ़ी में नेतृत्व विकसित करने की जरूरत को रेखांकित करते हुए बिरला ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास किया जाना भी बहुत आवश्यक है. राष्ट्रीय युवा संसद एक ऐसा ही कदम है जिसका आयोजन जनवरी माह में संसद भवन में युवा दिवस के अवसर पर किया गया था. उन्होंने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा एक अनिवार्य कारक है और इस क्षेत्र में सरकार के सभी प्रयासों के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी आवश्यक है ताकि छात्रों को बड़ा आधारभूत ढांचा एवं अध्ययन के लिए उपयुक्त माहौल एवं अवसर प्राप्त हो सके.(भाषा) 

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