वाशिंगटन India-US की पाकिस्तान से 'आतंकवाद के खिलाफ तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई' की मांग

India-US की पाकिस्तान से 'आतंकवाद के खिलाफ तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई' की मांग

India-US की पाकिस्तान से 'आतंकवाद के खिलाफ तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई' की मांग

वाशिंगटन: भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से उसके नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का उपयोग आतंकवादी हमलों के लिए न किया जाना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से  तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करने की मांग की तथा 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले और पठानकोट हमले के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने का आह्वान भी किया.

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन तथा रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के बीच हुई टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद एक संयुक्त बयान में पाकिस्तान से यह कदम उठाने की मांग की गई. जो बाइडन द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद दोनों देशों के मंत्रियों ने सोमवार को पहली टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता की. शहबाज शरीफ के पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के एक दिन बाद दोनों देशों का यह संयुक्त बयान आया है.

संयुक्त बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने पाकिस्तान से उसके नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का उपयोग आतंकवादी हमलों के लिए न किया जाना सुनिश्चित करने के लिए तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई की मांग की है. बयान के अनुसार, मंत्रियों ने आतंकवादी संगठनों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने, हिंसक कट्टरपंथ का मुकाबला करने, आतंकवादी घोषित करने, आतंकवादी कृत्यों के लिए इंटरनेट के उपयोग और सीमा-पार आतंकवाद संबंधी सूचनाओं के निरंतर आदान-प्रदान के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की.

हर तरह के आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की:

बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (एफएटीएफ) की सिफारिशों के अनुरूप, सभी देशों से धन शोधन रोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया. भारत और अमेरिका ने हर तरह के आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की और 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले और पठानकोट हमले के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने का आह्वान किया. सोर्स-भाषा   

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